चाची ने बेटा पैदा करने के लिए चुदवाया

मेरा नाम शशांक है, मैं 25 साल का हूँ। मेरी चाची का नाम शोभना है, वो 40 वर्ष की हैं। चाची, चाचा अपने चार बच्चों के साथ गोरखपुर में रहते हैं। मैं भी पास के ही एक शहर में रहता हूँ। जब मैं 15 का था, तब चाचा की शादी हुई थी। चाची को पहली लड़की हुई, दूसरी बार में भी लड़की हुई। Bhaitja Chachi Chudai Story

तब तक मेरी उम्र 18 से ऊपर हो गई थी, मैं चाची से हंसी मजाक करता रहता था, चाची भी मुझसे खुलकर बात कर लेती थी। कभी कभी चाची मजाक में मेरी शादी की बात करती तो मैं भी कह देता- चाची, अभी मैं बड़ा कहाँ हुआ हूँ। चाची भी चालू थी, कहती- तो फिर मैं बड़ा कर दूँ?

हम हर बात आपस में शेयर करते थे। एक बार चाची ने कहा- तेरे चाचा लड़का चाहते है पर दो बार लड़की ही हुई।

मैंने कहा- चाचा को बोलो, इस बार अच्छी तरह करें।

चाची जानते हुए भी भोली बनकर बोली- क्या करें?

मैंने कहा- वही, जो आपने चाचा के साथ पहले दो बार में किया।

चाची ने कहा- तो तुझे पता है?

मैंने कहा- हाँ !

“तुझे आता है अच्छी तरह करना?”

चाची अब खुल कर बात करने लगी। मैं भी अब जोश में आ गया। चाची की उम्र उस समय 33 साल की थी। रंग गोरा, कद 5’5″, क्या फिगर था, एक दम सही शेप में, और मम्मे जैसे खरबूजे ! जब चाची ब्रा नहीं पहनती थी तो चुच्चों का उभार जैसे दूध की बोतल के निप्पल। चाची के ऐसा कहने पर कि तुझे आता है अच्छी तरह कैसे होता है, मैंने कहा- हाँ, जैसे वीडियो में करते हैं।

चाची ने कहा- वीडियो?

मैंने कहा- हाँ।

मुझे नहीं पता था कि चाची ने कभी ब्ल्यू फिल्म देखी है या नहीं। तब मैंने अपने मोबाईल पर एक छोटी वीडियो दिखाई जिसमें लड़का लड़की किस कर रहे थे।

चाची पहले शरमाई, फिर बोली- शरारती! तू मोबाईल में ये सब देखता है?

मैंने पूछा- चाची, क्या आपने पहले कभी ऐसी वीडियो नहीं देखी?

एक प्यारी मुस्कुराहट के साथ चाची बोली- हाँ! तेरे चाचा एक दो सीडी लाए थे।

मैंने कहा- कौन सी?

कुछ देर बाद चाची एक ब्ल्यू फ़िल्म की सीडी ले आई। इसके बाद हम खुल गए। अब चाची मुझसे सीधे ही लौड़े चूत की बात करने लगी। बाद में हमने एक ब्ल्यू फिल्म भी देखी जिसमें लड़का अंत में अपने 8 इंच लम्बे लण्ड से वीर्य की मोटी धार लड़की के चेहरे पर फ़ेंक देता है।

एक साल बाद चाची एक और लड़की हो गई। मेरी छुट्टियाँ थी तो पापा मुझे अपने साथ बच्चे को देखने लाए। अगले दिन पापा घर चले गए, मैं चाचा के घर रुक गया। क्योंकि चाचा भी दुकान पर जाते थे। घर में मैं और चाची ही रहते थे, बच्चे स्कूल चले जाते।

चाची ने कहा- देखा, इस बार भी लड़की हुई।

चाची परेशान थी, चाची ने कहा- काश, कोई ऐसा रास्ता होता कि लड़का पैदा होता।

चाची बच्चे को दूध पिलाने लगी। कमीज ऊपर करते ही चाची का मम्मा मटकता हुआ नीचे आया। हाय गोल, गोरा, चिकना खरबूजा ऊपर से काले रंग का जामुन जैसा निप्पल काफी मोटा उभरा हुआ था। एक हफ़्ते बाद मैं घर आ गया पर चाची अब मेरे दिल में समा गई। मेरा लण्ड अब चाची को चोदना चाहता था।

पेपरों के बाद छुट्टियों में मैं चाची के घर आ गया। चाची मेरे आने से खुश थी। हम हंसी मजाक करते, बल्यू फिल्म भी देखते। मैंने बाथरुम के दरवाजे में छेद कर दिया, अब मैं चाची को नंगा भी देखने लगा। चाची की चूत पर बाल नहीं होते थे। शायद शेव करती थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

पर एक दिन जब हम बल्यू फिल्म देख रहे थे तो चाची मेरे करीब आने लगी, चाची का हाथ मेरी जांघ पर आ गया। एक तो बल्यू फिल्म, ऊपर से चाची हाथ फेरने लगी, मेरा लण्ड खड़ा होकर कड़क हो गया। पजामे में पहाड़ जैसा उभार आ गया।

मैंने कहा- चाची, बस करो ! ये क्या कर रही हो?

चाची उदास थी, परेशान भी, थोड़ी हिचक के बाद चाची ने मन की बात बता दी- शशांक, मैं परेशान हूँ और तेरे चाचा भी। लड़का न होने से उन्होंने मुझे तुम्हारे यहाँ आने से पहले रात भर बुरी तरह चोदा, मेरी चूत सूज कर गुब्बारा हो गई है। मुझे पता है इस बार भी लड़का नहीं होगा इसलिए मैंने आई पिल गोली ले ली थी।

मैंने कहा- पर मैं इसमें क्या कर सकता हूँ।

चाची बोली- अब तुम मुझे चोद दो ! हो सकता तुमसे लड़का हो जाए।

मैंने कहा- अगर ना हुआ तो?

चाची बोली- कोई बात नहीं, नाम चाचा का ही आएगा, तुम्हारा और तुम्हारे चाचा का खून तो एक ही है। रिपोर्ट भी चाचा को ही बाप साबित करेगी।

मैं मान गया।

इसके बाद हमने कपड़े उतारे, मैंने पहले कभी सेक्स नहीं किया था।

चाची ने कहा- तुम घबराओ मत, बस लेट जाओ, चुदाई का काम मैं आप ही कर लूँगी।

ऐसा कह कर चाची मुझे जीभ से चाट चाट कर चूमने लगी। फिर चाची ने अपना मम्मा मेरे मुँह में डाल दिया और चूसने को कहा। मैं भी चाची के दूध भरे जामुनों का मजा लेने लगा। अब चाची ने मेरा तना हुआ लण्ड अपने हाथ में लिया और मुठ मारने लगी। मैं भी अपने लौड़े की मुठ्ठ मारा करता था।

अब मेरा पूरा चिपचिपा लेस वाला लौड़ा बड़े मजे से चूस रही थी। फिर शोभना चाची ने अपनी चिकनी, पनियाली चूत मेरे लण्ड पर रखी और उछल उछल कर लण्ड को चूत के अंदर-बाहर करने लगी। मेरा हाथ मेरी चुदक्कड़ चाची शोभना के बड़े कूल्हों पर सटे थे।

पूरे कमरे मे छपधप की आवाज आ रही थी। बीच-बीच में शोभना चाची के नर्म मोटे चूतड़ों को दबाता और गाण्ड के अन्दर उंगली डालता तो इससे चाची को काफी मजा आ रहा था। 10-15 मिनट बाद मेरा गरम गरम गाढ़ा वीर्य चाची की चूत में प्रवेश कर गया। अब चाची खुश थी।

चाची ने मुस्कुराते हुए मेरे होंठों पर बड़ा सेक्सी किस दिया। और संयोग से पूरे समय के बाद चाची को लड़का हो भी गया। मैं बाप बन गया था। शोभना चाची अब मेरी रखैल बन गई थी। अब मेरा जब मन करता, मैं अपनी रंडी शोभना चाची को चोद लेता और चाची को चाहते, ना चाहते हुए भी चुदवाना पड़ता।

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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