भाई-बहन की वासना-4

पिछला भाग पढ़े:- भाई-बहन की वासना-3

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम प्रितंका गुप्ता है। मैं अपनी सेक्स कहानी का अगला पार्ट लेके हाजिर हूं। मेरी कहानी के पिछले पार्ट को आप सब ने बहुत प्यार दिया। उसके लिए मैं आप सब की बहुत आभारी हूं। जिन लोगों ने भी अभी तक पिछला पार्ट नहीं पढ़ा है, तो पहले उसको जरूर पढ़ें।

पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कि मैं अपने भाई को सिड्यूस करने की कोशिश कर रही थी। इसके लिए मैं बाथरूम से तोलिए में ही कमरे में आ गई, और बहाने से तोलिया गिरा कर अपने भाई को अपना सेक्सी जिस्म दिखाया। फिर जब मैं तोलिया रूम में ही छोड़ कर बाहर आई, तो मैंने देखा मेरा भाई उस तोलिए को चूम चाट कर मुठ मार रहा था। जब उसका माल निकल गया, तब मैं वहां से चली गई। अब आगे बढ़ते है-

अब मेरा भाई जब भी मेरे आस-पास होता तो मुझे घूरता रहता था। उसकी नज़र में उसकी हवस साफ नज़र आने लगी थी। मैं ये जान चुकी थी, अब बस एक बार और अगर मैंने उसके साथ कोई पंगा लिया, तो वो मुझे चोद देगा। और यहीं मैं चाहती थी। मैं भी अपने भाई को झुक कर कभी अपनी क्लीवेज दिखाती, और कभी मोटी गांड। कुछ दिन ऐसा ही चलता रहा। अब वो मुझे चोदने के लिए बेताब था।

फिर एक दिन मैंने सोचा कि कुछ ऐसा किया जाए, जिससे वो मुझ पर हाथ डाले। तभी मेरे दिमाग में एक प्लान आया, और मैंने रात को वो प्लान शुरू करने का फैंसला किया।

अब रात हो चुकी थी। घर में सब का डिनर भी हो चुका था, और सब सोने की तैयारी में थे। रात को हम अक्सर सब दूध पीते है, तो उस दिन भी पीने वाले थे। जब मम्मी मुझे दूध का ग्लास देने आई, तो मैंने जान-बूझ कर ग्लास अपने ऊपर गिरा दिया, और ऐसा दिखाया कि गलती से गिर गया था। दूध गिरने से मेरा सारा नाइट सूट खराब हो गया। फिर मैं बोली-

मैं: अरे यार ये क्या हो गया! मम्मी अब मैं क्या करूं?

मम्मी: कोई बात नहीं, मैं दूसरा नाइट सूट निकाल देती हूं।

मैं: मुझे वो नाइट सूट नहीं पहनना, वो बहुत खुला है मुझे, और मेरा पजामा भी नीचे गिर जाता है।

मम्मी: बेटा आज की रात गुजारा कर ले। सुबह मैं इसको धो कर, सुखा कर तुझे दे दूंगी।

मैं: चलो ठीक है।

दरअसल बात ये है कि जिस नाइट सूट को पहनने की बात हो रही थी, वो मुझे बहुत खुला था। मैं ऐसे तो मम्मी को कह नहीं सकती थी, कि मुझे वो वाला नाइट सूट पहनने को देदो। इसलिए मुझे अपने ऊपर दूध गिराना पड़ा। क्योंकि अपना प्लान सफल बनाने के लिए वो नाइट सूट पहनना बहुत जरूरी था।

फिर मम्मी ने वो नाइट सूट मुझे दिया, जिसको मैंने पहन लिया, और फिर अपने कमरे में सोने चली गई। जब मैं बेड पर लेटी, तो मेरा भाई मुझे अभी भी घूर रहा था। फिर मैं उसके साथ ऐसे ही इधर-उधर की बातें करने लगी। कुछ देर बाद मैंने उसको गुड नाइट बोल दिया, और दूसरी तरफ मुंह करके सोने लगी।

वैसे मुझे सोना नहीं था, तो मैं बस ड्रामा कर रही थी। तकरीबन एक घंटे बाद मैं पीछे मुड़ी, और देखा कि भाई सो चुका था या नहीं। मैंने देखा तो वो सो चुका था। फिर मैंने अपने ऊपर से चादर हटाई, और अपना पजामा नीचे घुटनों तक करके सीधी लेट गई। मैंने अपना शर्ट भी ऊपर कर दिया, जिससे मेरा पेट पूरा दिखने लगा। अब मेरा बूब्स के नीचे का जिस्म घुटनों तक नंगा था, सिर्फ एक पैंटी थी बीच में। मैं चाहती थी कि भाई मुझे इस हालत में देखे, और कुछ करे।

क्योंकि वो सोया हुआ था, तो पहले मुझे उसको जगाना था। फिर मैंने जान-बूझ कर टेबल पर रखा हुआ ग्लास नीचे गिरा दिया, ताकि वो आवाज सुन कर जाग जाए। जो मैंने सोचा था, वहीं हुआ। ग्लास गिरते ही उसकी आँखें खुल गई, और मैंने आँखें बंद कर ली। मैंने थोड़ी सी आँखें खोल रखी थी, ताकि देख पाऊं कि वो क्या कर रहा था। मैं उसको तभी देख सकती थी, जब वो मेरे बेड के पास आता, क्योंकि मेरा सर सीधा छत की तरफ था।

कुछ सेकंड्स बाद मुझे उसके बेड से उतरने की आवाज आई। इससे मैं उत्तेजित होने लगी। फिर वो मेरे पास आके खड़ा हुआ, और मुझे देखने लगा। उसके चेहरे पर वासना के भाव थे, और मुझे ऐसे देख कर वो अपने होंठ काट रहा था। फिर उसने मुझे हल्के से आवाज लगाई-

भाई: दीदी! दीदी!

लेकिन मैंने कोई हलचल नहीं की। मैं जानती थी, कि वो चेक कर रहा था कि मैं कितनी गहरी नींद में थी। मेरे कोई हलचल ना करने की वजह से उसको यकीन हो गया कि मैं गहरी नींद में थी। फिर वो मेरे और करीब आया, और अपना चेहरा मेरे बदन के पास लेके आया। मैं ये सोच-सोच कर उत्तेजित हो रही थी, कि वो क्या करने वाला था।

वो अपना चेहरा मेरी नाभि के ऊपर लेके आया, और हल्के से मेरे नाभि पर किस किया। उसकी हल्की सी किस्स ने मेरे पूरे बदन में कामुकता की लहर सी जगा दी। फिर वो नीचे गया, और पैंटी के ऊपर से मेरी चूत को सूंघने लगा। मेरी चूत थोड़ी गीली हो चुकी थी। मुझे यकीन है, उसको मेरी चूत के ऊपर वाले पैंटी के हिस्से पर गीलापन दिखाई नहीं दे रहा होगा, क्योंकि रोशनी बहुत कम थी कमरे में।

उसके बाद वो वापस से खड़ा हो गया। मुझे लगा कि इससे आगे वो नहीं बढ़ेगा अभी। लेकिन मैं गलत थी। खड़ा होने के बाद उसने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए, और देखते ही देखते वो पूरा नंगा हो गया। अब मुझे उसका लंबा सा लंड खड़ा हुआ दिख रहा था। दिल तो कर रहा था कि अभी उठ कर उससे उसका लंड मांग लूं, और मुंह में डाल कर चूसना शुरू कर दूं। लेकिन मुझे पहल उससे करवानी थी।

फिर वो मेरे साथ मेरे बेड पर लेट गया।

इसके आगे क्या हुआ, ये आपको इस हॉट सेक्स कहानी के अगले पार्ट में पढ़ने को मिलेगा। मैं जानती हूं कि आप मेरी चुदाई पढ़ने के लिए बेताब है। अब आपको ज्यादा इंतेज़ार नहीं करना पड़ेगा। अभी तक की कहानी की फीडबैक आप [email protected] पर मेल करके जरूर दें।

अगला भाग पढ़े:- भाई-बहन की वासना-5

Nisha Gupta

हैलो! मैं निशा गुप्ता हूँ - जयपुर विश्वविद्यालय से संचार विज्ञान में मास्टर और पिछले 6 साल से डिजिटल दुनिया में हिंदी कहानियाँ लिखने वाली एक अनुभवी लेखिका। मैं वो कहानियाँ लिखती हूँ जो पढ़ते ही आपके मन में आग लगा दें। मेरी कहानियों में वो सब कुछ है जो आप चाहते हैं - बोल्ड, बेबाक और बेरोकटोक। मेरे लेखन को हजारों पाठकों ने सराहा है और कई पुरस्कार भी मिले हैं। मैं यहीं हूँ आपके मज़े के लिए — तो लेटे रहो और पढ़ते जाओ!

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