खाला की चूत चोदने का इरादा

मेरा नाम फारूक है। मैं नागौर के पास गांव का रहने वाला हूँ। मेरी यह पहली कहानी है.. इसलिए कुछ गलतियाँ हो सकती हैं.. पर मुझे यकीन है कि आपको मेरी कहानी पसंद आएगी। यह एक सच्ची घटना है.. जो मेरी और मेरी खाला यानि मौसी की है।

मैं गोरे रंग का 19 साल का लड़का हूँ। मेरा लण्ड 5.5 इन्च लम्बा और 2 इन्च मोटा है। मेरी खाला जिसका नाम हसीना (काल्पनिक) है। उसका रंग गेहुंआ सा है मतलब वो सांवली सलोनी है। उसका फिगर 30-32-30 है। जब वो चलती है.. तो इतनी मादक लगती है कि उसे देख कर किसी का भी लण्ड खड़ा हो जाता है.. चाहे बूढ़ा हो या जवान। मैं 12वीं में जीवविज्ञान में पढ़ता हूँ, मेरा ननिहाल मेरे गांव के पास ही है।

अब मैं अपनी मुख्य घटना पर आता हूँ। यह बात 6 माह पहले की है, जब मैं ननिहाल अपने नाना-नानी के पास गया.. उस वक्त मेरी छुट्टियाँ चल रही थीं। मेरे नाना जी के एक पड़ोसी हैं.. उसकी लड़की का नाम हसीना है.. जो मेरी मौसी ही लगती है। जब मैंने उसे देखा तो देखता ही रह गया और मैंने सोच लिया कि इसे एक बार तो चोदना ही है.. चाहे कुछ भी हो जाए।

फिर मैंने उसको पटाने के लिए लाइन मारने लगा। जब मैं लाइन मारता तो वह कुछ नहीं बस थोड़ा सा हँसती और चली जाती। मैं समझ गया कि रास्ता साफ है.. लेकिन मैं उस दिन का इंतजार कर रहा था कि कब मौका मिले और उसे चोदूँ।

कहते हैं कि खुदा के घर देर है.. अंधेर नहीं.. वो दिन आ गया.. जिसका मुझे इंतजार था। उस दिन मेरे नाना-नानी शादी में जा रहे थे.. मुझे भी साथ चलने के लिए कहा.. लेकिन मैंने जोर हसीना को सुनाकर से कहा- मैं नहीं चलूँगा..

वो मान गए, मेरी तरह हसीना ने भी कह दिया कि मैं भी यही रहूँगी। उसके अब्बू भी मान गए.. फिर मेरे नाना-नानी और खाला के अम्मी-अब्बू साथ ही शादी में गए।

फिर हसीना मेरे घर आईं और उसने इतराते हुए कहा- तुम मुझे लाइन बहुत मारते हो.. क्या इरादा है? तो मैंने बेलाग कहा- बस चोदने का इरादा है। उसने कहा- कभी किसी को चोदा है? मैंने कहा- नहीं.. अभी तक तो किसी को नहीं चोदा.. लेकिन अब चोदूँगा। तो हसीना ने कहा- किसको? मैंने कहा- आपको..

तो हसीना ने मुस्कुरा कर कहा- आज खाना मेरे घर खाना और वहीं सो जाना। फिर हसीना ने खाना बनाया और मुझे खाना खाने के लिए बुलाया।

मैं उसके घर गया और हसीना के साथ खाना खाया। मैंने हसीना को कहा- और कुछ खिलाओ..ि तो हसीना ने अश्लीलता से आँख मारते हुए कहा- रात को खिलाऊँगी। रात को मैंने हसीना को कहा- कपड़े उतार दूँ.?

तो हसीना ने मेरे और खुद के कपड़े उतार दिए, मैं हसीना को चूमने और चाटने लगा, फिर मैंने हसीना की ब्रा और पैन्टी भी उतार दी। मैं एक हाथ से हसीना के मम्मों को दबा रहा था और दूसरे से चूत सहला रहा था। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

हसीना बहुत गरमा गई। फिर हम 69 में हो गए। दस मिनट के बाद मैं हसीना के ऊपर आ गया और लण्ड हसीना की चूत पर रख कर एक धक्का लगाया तो 2 इंच चूत में चला गया। हसीना दर्द के मारे चिल्लाने लगी.. तो मैंने अपना मुँह हसीना के मुँह पर रख दिया.. और दूसरा धक्का मारा तो पूरा अन्दर चला गया।

फिर मैं धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करने लगा, अब हसीना को भी मजा आने लगा, दस मिनट बाद मेरा रस हसीना की चूत में गिर गया। इसी बीच हसीना भी झड़ चुकी थी। उस रात मैंने हसीना को 3 बार चोदा और उसकी गांड भी मारी.. जो अगली कहानी में बताऊँगा।

कैसी लगी मेरी कहानी.. मुझे मेल करें। [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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