गे ब्रदर सेक्स कहानी में मैं अकेला ही गाँव में रहता था। एक बार मेरे ताऊ के बेटे घर आये. शाम को वे मेरे सामने नंगे हो कर नहाए. उनका लंड काफी बड़ा था. रात को हम साथ सोये.
मेरे प्यारे दोस्तो, मेरा नाम करूण है और मैं इटावा का रहने वाला हूँ। मेरी हाइट 170 सेमी है और रंग गोरा है। मेरी फैमिली में मैं, मेरा एक भाई और मॉम-डैड हैं।
आज मैं अपनी रस भरी गांड की ओपनिंग की कहानी बताने जा रहा हूँ।
यह उन दिनों की बात है जब मेरे सारे फैमिली के लोग पंजाब मामा के पास जॉब करने चले गए थे। वहाँ मेरा पूरा परिवार रहता था — ताऊ ताई और उनके लड़के दीपू, राज और अजय। दीपू सबसे बड़ा था, उनकी उम्र 25 साल होगी।
मैं 12th में पढ़ता था, इसलिए मैं अकेला गाँव में रहता था। मैं अपनी ज़िंदगी खूब अच्छे से जी रहा था।
कुछ दिन बाद पापा का फोन आया और बोले, “दीपू आ रहा होगा, खाना और सोने का इंतजाम कर देना उसका।” मैंने कहा, “ठीक है।”
शाम के 5 बज रहे थे। दीपू भाई के आने का समय हो रहा था।
मैंने जल्दी-जल्दी खाना-पीना बनाया और सारा काम करके लेटा ही था कि दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनाई दी। मैंने दरवाजा खोला।
दीपू भाई खड़े थे। मैंने पैर छुए, गले से लगाया और अंदर आने को कहा। फिर मैंने उनका सारा सामान अंदर रखा।
थोड़ी देर हम दोनों हाल-चाल और इधर-उधर की बातें करते रहे।
रात के 8 बज रहे थे। मैंने दीपू भाई से कहा, “आप नहा लो, फिर खाना खाना। तब तक मैं खाना लगा रहा हूँ।” वो बोले, “ठीक है। मैं आता हूँ।”
गे ब्रदर सेक्स कहानी अब शुरू होने वाली थी।
मैं खाना लगा रहा था कि आवाज आई, “करूण, जरा टॉवल और कच्छा दे आके, मैं लाना भूल गया।” मैंने कहा, “ठीक है।”
मैंने टॉवल और कच्छा बैग से निकाला और देने गया।
मैंने देखा दीपू भाई एकदम नंगे नहा रहे थे। उनका पूरा शरीर एकदम सलमान खान की तरह लग रहा था। और उनका औजार मानो साँप की तरह हिल-डुल रहा था।
मैंने लगभग 7.5 इंच इतना मोटा और लंबा लंड पूरे जीवन में कभी नहीं देखा था। मुझे बहुत डर लग रहा था।
तभी मैंने कहा, “भाई, टॉवल।” वो बोले, “अरे तू तो लड़कियों जैसे शर्म कर रहा है! पागल, जो मेरे पास है वो तेरे पास भी है, फिर काहे की शर्म!”
मैं चुपचाप चला गया।
फिर नहाकर खाना खाया। फिर दोनों लेटने को तैयार हुए।
दीपू भाई का बिस्तर मैंने अलग लगा दिया। मैंने लाइट ऑफ कर दी और सो गया।
मैंने एक डरावना सपना देखा और मैं जाग गया। अब मुझे डर लग रहा था। मैं उठा और दीपू भाई के पास लेट गया, पर मुझे नींद नहीं आ रही थी। कुछ पल बाद नींद आ गई।
रात का एक बजा होगा। मुझे मेरी गांड में कुछ चुभ सा रहा था — मोटा-मोटा। दीपू भाई मुझे चिपक कर लेटे हुए थे और उनका मोटा लंड मेरी गांड के पास ऊपर-नीचे हो रहा था।
तभी उन्होंने धीरे-धीरे से अपने कपड़े उतार दिए। मैं बहुत घबरा रहा था। पता नहीं क्या करने वाले हैं।
फिर उन्होंने मेरी चिकनी और कामुक गांड को सहलना शुरू कर दिया।
अब तो मेरी शर्म के मारे जान निकल रही थी, पर मैं चुपचाप सब कुछ होने दे रहा था। मुझे क्या पता था कि आज मेरी गांड की सुहागरात होने वाली है!
फिर उन्होंने मेरे बूब्स दबाने लगे। अब मेरी सांस रुक-रुक के आ रही थी।
फिर उन्होंने मेरे होंठों को अपने होंठों से खूब चूसा। अब तो मुझे एक नशा सा चढ़ रहा था।
फिर उन्होंने अपना लंड मेरे हाथों में थमा दिया। और लाइट ऑन कर दी। अब तो मैं बहुत शर्मा रहा था।
फिर उन्होंने कहा, “शर्मा मत! इसे आगे-पीछे करो, बड़ा मजा आएगा!” फिर क्या था, मैं भी करने लगा। आगे-पीछे खूब मजा आ रहा था, सच में!
अब उनका लंड ऐसे मानो किसी गधे का हो, ऐसा हो गया था — मोटा और लंबा।
फिर उन्होंने अचानक रोका और बोले, “अपना कच्छा उतार दो!” मैंने कहा, “नहीं, मैं नहीं उतारूँगा!”
फिर वो बोले, “मैं सबको बता दूँगा तुमने मेरे लंड को पकड़ा था रात में!”
फिर मैंने कुछ नहीं बोला। फिर उन्होंने मुझे पूरा नंगा कर दिया।
मेरी गोरी गांड को भूखे भेड़िए की तरह देखकर बहुत खुश हुए और बोले, “करूण, तेरी गांड तो लड़कियों से भी मस्त है! आज मैं जी भर के मजा लूँगा!”
फिर उन्होंने मुझे बेड पर लिटा लिया और मेरी रस भरी गांड को अपनी जीभ से चाटने लगे। मेरा शरीर काँप रहा था। वे अपनी जीभ को आगे-पीछे करके चाट रहे थे। उन्होंने मेरी गांड लाल कर दी, चूस-चूस के।
फिर उसने अपना लंड मुंह में लेने को कहा। मैंने मना किया तो फिर धमकी देने लगा।
फिर मैंने उनके लंड को अपने मुंह में, होंठों पे फिराने लगा।
फिर उसने ऐसा झटका मारा कि उसका पूरा लंड मेरे मुंह के अंदर चला गया। मैं सांस भी नहीं ले पा रहा था।
तभी वो लंड आगे-पीछे करने लगा। अब मुझे चूसने में धीरे-धीरे मजा आ रहा था।
दस मिनट के बाद मेरे मुंह से लंड निकाला। जैसे लाल लग रहा था देखने में।
फिर उसने मुझे बेड पर घोड़ी बनाकर झुका दिया और तेल लेकर मेरी गांड के छेद पर डालने लगा। मेरी गांड का छोटा छेद — एक उंगली भी नहीं जा पा रही थी। मगर फिर भी उंगली कर रहा था। मानो मेरी जान निकल रही हो, ऐसा लग रहा था।
तभी उसने अपने लंड को तेल से नहला दिया था।
फिर क्या था, उनका लंड मेरी गांड की ओर देख रहा था। फिर उसने अपना मोटा और लंबा लंड मेरी छोटे छेद वाली गांड पर सटा दिया और रगड़ने लगा।
मैं पानी-पानी हो रहा था। ये सब मेरे साथ पहली बार हो रहा था।
कुछ देर बाद उसने धीरे-धीरे दबाना शुरू किया। मेरे छोटे छेद में इतना मोटा लंड नहीं जा पा रहा था। मैं मना कर रहा था, “भाई, मेरा गांड का छेद बहुत छोटा है, तुम्हारा मोटा लंड नहीं जाएगा!”
लेकिन वो कहाँ मानने वाला था। उसने तेल उठाया और मेरी गांड में भर दिया। अब मेरी गांड एकदम चिकनी हो चुकी थी।
फिर उसने अपना लंड मेरी गांड के छेद पर रखा और एक जोर का धक्का दिया। उनका लंड मेरी गांड में आधा घुस गया।
मैं जोर-जोर से रोने लगा क्योंकि मैंने पहली बार गांड में लिया लंड । मेरी गांड से लाल-लाल खू.न टपक रहा था। उसने मेरे मुंह में हाथ लगा लिया और दूसरा झटका मारा। पूरा लंड मेरी गांड में डाल दिया। अब मैं दर्द के मारे मरा जा रहा था।
पर वो मेरी एक नहीं सुन रहा था। जोर-जोर से चोद रहा था मेरी गांड को।
कुछ देर बाद मुझे दर्द कम हुआ और मुझे मजा आना शुरू हो गया था। अब मैं भी अपनी गांड को आगे-पीछे करके दीपू भाई की मदद कर रहा था।
वो बोल रहा था, “तेरी गांड इतनी रस भरी है कि आज पूरी रात जम के चोदूँगा!”
20 मिनट की चुदाई के बाद उन्होंने सारा अपना बीज मेरी गर्म गांड में भर दिया था। गे ब्रदर सेक्स के बाद मेरी गांड में से भी माल टपक रहा था।
फिर मैंने सब साफ किया तो मेरी गांड में दर्द हो रहा था। फिर मैं और वो लेट गए।
उस रात उन्होंने मुझे 5 बार चोदा। मेरी गांड में उन्होंने एक खीरा जितना छेद कर दिया था।
अगले दिन से हमने उनसे रोज चुदना शुरू किया। लगातार 2 महीने रहकर मुझे चोदा। जब भी आते, मुझे खूब चोद के जाते।
तो दोस्तो, यही थी मेरी रियल कहानी। उम्मीद है आपको बहुत पसंद आई होगी। प्लीस कमेंट में बताये कैसी लगी मेरी गे ब्रदर सेक्स कहानी। [email protected]