बुर में डिलडो डाल कर मजा ले रही थी पत्नी

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम संजीव है। मैं बत्तीस साल का हूँ और दिल्ली में एक अच्छी आईटी कंपनी में काम करता हूँ। मेरी पत्नी रंजना है, जो अट्ठाईस साल की बेहद खूबसूरत, शर्मीली और प्यारी लड़की है। हमारी शादी को पाँच साल हो चुके हैं। रंजना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी है। Horny Wife Pussy Fucking

जब हमारी शादी हुई थी तब वह पूरी तरह कुंवारी थी। मैं ही उसका पहला और एकमात्र आदमी था जिसने कभी उसकी देह को छुआ था। उसकी कोमल त्वचा, उसके नाजुक स्तन, उसकी कसी हुई जांघें और सबसे ऊपर उसकी संकीर्ण चूत सब कुछ मुझे हमेशा पागल कर देता था।

हम दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते हैं। रोज रात को हम गले मिलकर सोते, किस करते, एक दूसरे को छूते और फिर धीरे धीरे प्यार की चरम सीमा तक पहुँच जाते। लेकिन पिछले कुछ महीनों से हमारे सेक्स लाइफ में एक नया मसाला जुड़ गया था।

मैंने ऑनलाइन एक नया वाइब्रेटिंग डिल्डो मंगवाया था मोटा, लंबा, रियलिस्टिक लुक वाला, जो अंदर घुसते ही कंपन करता और रंजना की चूत को पूरी तरह भर देता। कल रात की बात आज भी मेरे दिमाग में घूम रही है। ऑफिस से थोड़ा लेट होकर घर पहुँचा। घर में रोशनी कम थी।

बेडरूम की तरफ गया तो दरवाजा आधा खुला था। अंदर से एक हल्की सी भनभनाहट और गीली सी आवाजें आ रही थीं। मेरा दिल जोर से धड़का। मैं चुपके से दरवाजे के पास पहुँचा और अंदर झाँका। वह दृश्य देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया।

रंजना बिस्तर पर लेटी हुई थी। पूरी नंगी। उसकी दोनों टाँगें काफी चौड़ी फैली हुई थीं। उसके गोरे पैर हवा में थोड़े ऊपर थे। उसके हाथ में वो नया वाइब्रेटिंग डिल्डो था मेरा दिया हुआ गिफ्ट। वह मध्यम स्पीड पर चालू था। उसका भनभनाता हुआ सिर रंजना की गुलाबी चूत के होंठों को चीरता हुआ अंदर बाहर हो रहा था।

हर बार जब वह उसे अंदर धकेलती, तो एक गीली चुटचुट की आवाज निकलती चूत का रस बाहर निकलकर चादर को गीला कर रहा था। उसके स्तन ऊपर नीचे हिल रहे थे। निप्पल सख्त और खड़े। उसकी आँखें आधी बंद थीं, होंठ थोड़े खुले, और साँसें तेज हो रही थीं।

मैं चुपचाप खड़ा उसे देखता रहा। उसकी गोरी देह पसीने से चमक रही थी। उसकी चूत के बाल साफ थे, सिर्फ एक पतली लाइन थी जो डिल्डो के अंदर जाते ही गीली हो जाती। वह धीरे धीरे लय में उसे अंदर ले रही थी। कभी गहराई तक, कभी बाहर निकालकर क्लिटोरिस पर घुमाती।

हर बार उसके कूल्हे थोड़े ऊपर उठ जाते और एक हल्की सी आह्ह निकलती। तभी उसकी नजर मुझ पर पड़ी। उसके चेहरे पर शर्म की लाली छा गई। वह एक पल के लिए रुक गई, लेकिन फिर उसने डिल्डो को बाहर नहीं निकाला। उल्टा और गहरा धकेल दिया।

उसकी आँखों में शर्म थी, लेकिन साथ ही एक अजीब सी चमक भी। वह मेरी तरफ देखते हुए धीरे से बोली, संजीव तुम घर आ गए। मैं मुस्कुराया, अंदर आ गया और बिस्तर के पास कुर्सी पर बैठ गया। हाँ रंजना जारी रखो। मैं देखना चाहता हूँ। उसने शर्म से आँखें नीचे कर लीं, लेकिन डिल्डो को धीरे धीरे अंदर बाहर करना जारी रखा। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

उसकी साँसें और तेज हो गईं। मैंने देखा उसकी चूत अब और भी गीली हो गई थी। रस की धार चादर पर गिर रही थी। कुछ देर बाद वह फिर मेरी तरफ देखी। उसके गाल लाल थे। होंठ काँप रहे थे। वह बहुत धीरे से, लगभग फुसफुसाते हुए बोली, संजीव मैं हमेशा से एक बात सोचती रही हूँ लेकिन कभी कहने की हिम्मत नहीं हुई।

मैंने आगे झुककर उसके घुटने पर हाथ रखा और प्यार से बोला, कहो ना जान। तुम्हें पता है मैं तुम्हें कितना प्यार करता हूँ। कुछ भी कह सकती हो। उसने गहरी साँस ली। डिल्डो अब भी उसकी चूत में धीरे धीरे घूम रहा था। उसकी आवाज काँप रही थी, मैं हमेशा थ्रीसम की कल्पना करती थी लेकिन सिर्फ दो लंड नहीं तीन या चार बड़े बड़े मोटे लंड जो बारी बारी से मुझे चोदें।

उसके शब्द सुनकर मेरा लंड पैंट में और सख्त हो गया। वह शर्म से आँखें बंद कर लेती, लेकिन डिल्डो को तेज कर दिया। उसकी चूत से अब जोर की चुटचुट आवाजें आने लगीं। जब मैं छोटी थी कभी कभी गैंगबैंग वाली वीडियोज देखती थी गुप्त रूप से। वो देखकर मेरी चूत हमेशा भीग जाती थी।

लेकिन तुम्हें कभी बताया नहीं। तुम जानते हो ना मैं तुमसे पहले कुंवारी थी। तुम ही पहले हो जिसने मेरी चूत में लंड डाला। इसलिए इसलिए ये ख्याल मुझे छोड़ता ही नहीं। मैं सोचती हूँ दूसरा लंड बड़ा मोटा जो मुझे पहली बार स्ट्रेच करे। उसकी आवाज अब साँसों में घुल रही थी।

वह डिल्डो को और गहरा धकेल रही थी। उसके स्तन जोर जोर से हिल रहे थे। मैं मैं उनके लिए रंडी बनना चाहती हूँ एक रात उन्हें मेरी चूत, मेरी गांड, मेरे मुँह सब कुछ देना चाहती हूँ। वे मुझे बारी बारी से चोदें अपना माल मेरी चूत में भरें मुझे पूरी तरह गंदी और स्लोपी बना दें और और तुम वहाँ बैठे मुझे देख रहे हो।

उसने आँखें खोलीं और मेरी तरफ देखा। उसकी नजर में शर्म थी, लेकिन आँखों में आग भी थी। फिर जब वे सब खत्म कर दें मेरी चूत फूली हुई, उनके वीर्य से भरी तब तुम तुम आखिरी हो तुम मुझे चोदो महसूस करो कि वे मुझे कितना ढीला कर गए कितना क्रीमी बना गए मुझे रिक्लेम करो।

उसके शब्द अधूरे रह गए। अचानक उसका शरीर तन गया। उसने डिल्डो को पूरी तरह अंदर ठूँस दिया। उसकी चूत ने जोर से स्पास्म किया। आआह्ह हाय उफ्फ स्सी आह्ह मैं मैं आ रही हूँ। उसकी पीठ बिस्तर से ऊपर उठ गई। टाँगें काँपने लगीं। चूत से रस की फुहार निकली।

वह जोर जोर से काँप रही थी। हां उन्हें उन्हें मेरी चूत स्ट्रेच करने दो आह्ह चार लंड मेरा मेरा सब कुछ। उसका ऑर्गेज्म काफी देर तक चला। मैं बस उसे देखता रहा। उसकी देह पसीने से तर, चेहरे पर संतोष और शर्म का मिश्रण। जब वह शांत हुई तो डिल्डो अभी भी उसकी चूत में था।

वह धीरे से फुसफुसाई, संजीव मुझे माफ कर दो लेकिन ये ख्याल मुझे पागल कर देता है। मैं उठा, उसके पास लेट गया। उसे अपनी बाहों में भर लिया। उसके माथे पर किस किया। रंजना तुम्हें शर्माने की जरूरत नहीं। मैं तुमसे और भी ज्यादा प्यार करता हूँ अब। ये फैंटसी तुम्हारी है हमारी है। अगर तुम सच में चाहती हो तो हम बात करेंगे। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

लेकिन आज आज मैं तुम्हें महसूस करना चाहता हूँ। उसने शर्म से मुस्कुराकर मेरी गर्दन में मुँह छिपा लिया। मैंने उसके स्तनों को चूसा, निप्पल को काटा। फिर नीचे जाकर उसकी चूत चाटी अभी भी गीली, गरम, और डिल्डो के रस से भरी। उसने मेरे बालों में उँगलियाँ फेरीं और कराह उठी, आह्ह संजीव चूसो अपनी रंडी की चूत चूसो।

मैंने उसे उल्टा कर दिया। उसकी गांड ऊपर थी। मैंने अपना लंड निकाला जो लोहे जैसा सख्त था और एक झटके में उसकी चूत में भर दिया। वह चीख उठी, आआह्ह हां चोदो मुझे महसूस करो मैं कितनी गीली हूँ। हम दोनों जोर जोर से हिल रहे थे। मैं उसके कान में फुसफुसाया, कल्पना करो चार लंड तुम्हें घेर रहे हैं एक तुम्हारे मुँह में एक चूत में एक हाथ में और मैं देख रहा हूँ।

उसकी चूत मेरे लंड को और जोर से दबाने लगी। हां हां मुझे उनकी रंडी बना दो लेकिन आखिर में तुम तुम मुझे चोदना आह्ह स्सी मैं फिर आ रही हूँ। हम दोनों साथ ही चरम पर पहुँचे। मैंने उसकी चूत में अपना पूरा माल उड़ेल दिया। उसके बाद हम दोनों थककर लेट गए।

उसने मेरी छाती पर सिर रखा। आँखों में प्यार था। संजीव तुम सबसे अच्छे हो। चाहे जो भी हो तुम हमेशा मेरे हो। मैंने उसे और कसकर गले लगाया। और तुम मेरी हो रंजना हमेशा। ये फैंटसी हम मिलकर जीएंगे जब तुम तैयार हो। रात भर हम ऐसे ही लिपटे रहे। “Horny Wife Pussy Fucking”

उसके शरीर की गर्मी, उसकी साँसों की महक, और उसकी कबूल की हुई इच्छा सब कुछ आज भी मेरे लंड को खड़ा कर रहा है। मैं जानता हूँ कि हम दोनों अब और करीब आ गए हैं। रंजना मेरी प्यारी, शर्मीली, लेकिन अंदर से बेहद कामुक पत्नी है। और मैं उसे हर तरीके से खुश रखना चाहता हूँ। चाहे वो उसकी गैंगबैंग फैंटसी हो या सिर्फ हम दोनों की रात। कहानी जारी रखते हुए मैं और विस्तार देता हूँ क्योंकि यह सिर्फ शुरुआत थी।

अगले दिन सुबह जब रंजना उठी तो वह अभी भी शर्मीली थी। लेकिन जब मैंने उसे चाय बनाकर दी और उसके गाल पर किस किया तो वह मुस्कुराई। संजीव कल रात मैंने जो कहा वो सच है। लेकिन मैं तुम्हें खोना नहीं चाहती। मैंने उसे गोद में बिठाया।

कभी नहीं खोओगी। ये सिर्फ फैंटसी है लेकिन अगर तुम सच में आजमाना चाहो तो हम प्लान करेंगे। सुरक्षित तरीके से। सिर्फ तुम्हारी खुशी के लिए। उसने मेरी गर्दन में चुम्मा दिया। तुम्हें देखते हुए वो सब मुझे और भी ज्यादा उत्तेजित करता है। फिर हमने फिर से सेक्स किया। इस बार वह ऊपर थी।

वह मेरे लंड पर बैठी और धीरे धीरे झुकते हुए बोली, कल्पना करो एक लंड यहाँ दूसरा पीछे। उसकी चूत मेरे लंड को निचोड़ रही थी। हम दोनों फिर से चरम पर पहुँचे। दोस्तों, ये हमारी कहानी है। एक सच्ची प्यार भरी कहानी जिसमें कामुकता भी है, शर्म भी है और विश्वास भी। “Horny Wife Pussy Fucking”

रंजना अब मेरी हॉटवाइफ बनने को तैयार है लेकिन वो हमेशा मेरी रहेगी। मैं उसे देखते हुए उसे दूसरों से चुदवाना चाहता हूँ और फिर उसे रिक्लेम करना चाहता हूँ। अगर आपको ये कहानी पसंद आई तो बताना। शायद आगे की कहानी भी सुनाऊँ जब हम उस फैंटसी को हकीकत बनाएँ। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

रंजना की वो रात उसका डिल्डो उसकी झिझकती हुई आवाज और उसका जोरदार ऑर्गेज्म वो सब आज भी मेरी आँखों के सामने है। मैं जानता हूँ कि हमारा रिश्ता अब और मजबूत हो गया है। क्योंकि हमने एक दूसरे के सबसे गहरे राज़ को स्वीकार किया है।

प्यार के साथ कामुकता शर्म के साथ इच्छा सब कुछ मिलकर हमें और पास ला रहा है। और हाँ आज शाम को फिर से वही डिल्डो निकलने वाला है। इस बार शायद मैं उसे खुद चलाऊँ और वह मुझे और विस्तार से बताए कि चार लंड उसे कैसे चोदेंगे कैसे उसकी चूत फाड़ेंगे और कैसे मैं आखिर में उसकी फूली हुई चूत में अपना लंड डालकर उसे रिक्लेम करूँगा। क्योंकि रंजना मेरी है। हमेशा। बस अब वह थोड़ी और खुल गई है। और मैं उसे और भी ज्यादा प्यार करता हूँ।

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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