ससुर के सामने नंगी नाच रही थी भाभी

दोस्तों मेरा नाम मयंक है और मेरी उम्र 20 साल है। ये कहानी न तो मेरी चुदाई की है और न ही मेरे किसी अपने की। मेरी सेक्सी हिंदी कहानी का नाम पढ़ कर अब तक तो आप समज गए होंगे की ये किस बारे में है। हाँ दोस्तों ससुर और बहु की चुदाई कहानी है ये। और मैं बता दू की ये सब मेने अगस्त में देखा। Bahu Ka Sex Affair

अब जाहिर सी बात है की आजादी का दिन मनाने के लिए सभी लोग पतंग उड़ाते है और मैं भी यही कर रहा था। उस वक्त शाम हो रही थी और मेरे पड़ोसी यानि मेरा दोस्त अपने शादी शुदा बड़े भाई के साथ पार्क में पतंग उड़ाने गया था। और बाकी के घर वाले कहां थे मुझे नहीं पता।

उसी शाम एक पतंग कट गई और वो सीधा मेरे पड़ोसी के घर जा गिरी। उनकी छत का दरवाजा खुला था जहा से वो पतंग घर के अंदर चली गई। मुझे लगा की वो पतंग बस जीने पर गिरी होगी जिसे में चुपके से उठा सकता हूँ। मैं धीरे से छत पर कूदा और छत के दरवाजे अंदर चला गया।

आदर जाते ही मुझे अश्लील गाने की आवाज आने लगी तो मैं सोचने लगा की ये गाना आखिर चला कौन रहा है। वो गाना गाली गलौज से भरा था जिसे सुन मुझे हसी आने लगी। पर जब मैं आगे बढ़ा तो मेरी बोलती बंद हो गई और लंड का टोपा फूल गया।

अंदर भाभी अपने ठरकी ससुर के सामने अपना कामुक शरीर मटका मटका कर नाच रही थी। नाचते नाचते बहु ने अपनी साड़ी खोलना शरूर कर दिया और अंत में अपना ब्लाउज भी उतार फेका। अब ससुर के सामने बहू का नंगा नाच देख मैं भी वही खड़ा अपने पजामे में हाथ डाल दिया।

अंदर कमरे में ससुर बिस्तर पर बैठा था और भाभी यानि बहू नंगा नाच रही थी वो कभी अपनी गांड मटकाती और कभी स्तन ससुर ने मुँह के सामने लेजा कर हिलाती। मैं अपना लंड पकड़ कर यही सोचने लगा की भाभी की आखिर मजबूरी क्या रही होगी जो वो इसकी हवस मिटा रही है।

पहले तो ससुर ताली बजा बजा कर बहू के अश्लील नृत्य का मजा लिए और उसके बाद अचानक उसने बहू की कमर पकड़ी और उसे अपनी गोद में बिठा लिया। भाभी की मोटी रसीली गांड उस बुड्ढे के लटके लंड पर रगड़ खाने लगी। ये सब देख मैं जलन के मारे पागल होने लगा।

भाभी काफी जवान थी और उनके शरीर का एक एक अंग मेरी अन्तर्वासना बुझाने के लिए काफी था। उनकी गोरी पतली कमर और नरम पेट के ऊपर दूध के पहाड़ देख मेरा मुट्ठी मारने का मन करने लगा। मैंने अपना लिंग निकाला और कमरे के अंदर देखता हुआ उसे धीरे धीरे हिलने लगा।

उसी वक्त हवसी ससुर ने बहू को खड़ा किया और उनके सामने बेशर्मो की तरह अपनी धोती खोलने लगा। धोती खुलते ही उसका सड़ा गला लिंग बाहर जुलने लगा जिसे देख बहू ने गंदा मुँह बना लिया। ससुर ने बहू का हाथ पकड़ा और उसे अपने लिंग पर रख दिया।

ससुर – चल खड़ा कर इसे मोड़ी !!!

बहू – जी पापा जी !!

बहू निचे बैठी और अपनी आंखे नीची कर ससुर के लिंग को खड़ा करने की कोशिस करने लगी। करीब 3 मिनट बाद ससुर का लंड खड़ा हो गया और बहू उसे तेजी से हिलने लगी।

तभी ससुर ने उसका हाथ पकड़ा और बोलै ” अभी जल्दी क्या है?”

उसके बाद बुड्ढे ससुर ने बहू की ब्रा खोली और उसके स्तन दबोच कर मजे से उन्हें सेहलाने लगा। बहू खड़ी खड़ी कामुक होने लगी तो उसे अपनी साड़ी में हाथ डाला और योनी को मजा देने लगी। कुछ देर बाद भाभी के पुरे शरीर का मजा लेने के बाद वो उनके होठो पर चूमने लगा। उसने जैसे ही अपना मुँह आगे बढ़ाया भाभी जी ने ससुर को धका दे कर कहा “पापा जी ये नहीं हो पायेगा हमसे !!”

ससुर – चल कोई न ! अब साड़ी उतार और झुक।

ससुर की बात मानते हुए भाभी ने अपनी साड़ी उतारने लगी। साड़ी उतारते हुए वो काफी मुस्कुरा रही थी जिसे देख मुझे अजीब सा लगा। ये देख में समज गया की भाभी ये सब अपनी मर्जी से कर रही है। भाभी ने जैसे ने अपनी गांड ससुर के सामने की ससुर पागल सा हो गया।

ससुर नीचे बैठा और भाभी को झुका कर उनकी नरम गांड में मुँह से कर चुत गांड का छेद चाटने लगा। थोड़ा और सही से देखने के लिए मैं जीने से नीचे उतरा और उन्हें और करीब से देखने लगा। चुत को थूक से लसलसा करने के बाद ससुर ने अपना लंड हिलाना शरूर कर दिया।

जब लंड पूरा खड़ा हो गया तो उसने बहू की चुत चोदनी शुरू कर दी। लंड के अंदर जाते ही बहु की थोड़ा मजा आने लगा पर उनके मुँह से अहह न निकली। अब ससुर चाहता था की बहू दर्द से चीखे पर ऐसा नहीं हुआ। तभी गुस्से में आकर उसने बहू की गांड पर जोर दार चाटा मारा और कहा ” चिलाती काहे नहीं !! ”

इसके बाद बहू दर्द का झूठा दिखावा करने लगी।

बहू – अहह नहीं पापा जी !! दर्द हो रहा है और अंदर न डालो !!!

ससुर अपने शरीर से जितना जोर लगा सकता था लगा रहा था और भाभी को यौन संतुष्टि नहीं मिली। ससुर गांड चुत पर थूक थूक कर धीरे धीरे बहू की रसीली गांड पर धके लगता रहा और कामुक आनंद का मजा लेता रहा। अंत में जब उसका झड़ने वाला था तो उसने चिलाना शरूर कर दिया “ये मोड़ी हट हट हट.”

बहू ने अपनी चुत से लंड निकाला और ससुर का लंड हाथ में लेकर उसे हिलाने लगी। बस अंत में होना क्या था ससुर ने अपना माल बहू के कामुक बदन पर छोड़ दिया और थक कर नंगा ही लेट गया। इसे पहले कोई घर पर आए बहू ने तेजी दिखाई और ससुर को धोती पकड़ा कर कहा “लो अब उसे जल्दी से पेहन लो !!”

ससुर धीरे धीरे अपनी धोती पहने लगा और बहू जल्दी से नहाने भागी। अब वहां खड़े खड़े मुझे काफी देर हो गई और अब मेरे लिए देखने लायक कुछ नहीं था। तो मैं भी अपनी पतंग लिए और वहां से चला गया। पर वो सब जो मैंने देखा जो आज भी मेरे दिमाग में घूमता रहता है.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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