मौसी की बेटी की चूत में लंड पूजन

नमस्त भाइयो तथा सभी प्रकार की चूतों को सादर प्रणाम! मेरा नाम राम है, मैं ग्वालियर मैं रहता हूँ, मेरी उम्र 24 साल है और मेरा कद 5’9″ है। अब मैं अपने मुँह से अपनी तारीफ क्या करूँ, मेरे कॉलेज में सभी लड़कियाँ मुझ पर मरती हैं। अब सीधे बात पर आता हूँ।

बात उस समय की है जब मैं 12वीं का छात्र था। मैं उस समय पहली बार ग्वालियर आया था। इसलिए दिल में अजीब सा महसूस कर रहा था। मैं उस समय किराये से मकान में अकेला रहता था, ठंड का समय था और मैं अकेला रहता था। ग्वालियर का मेला शुरू हो रहा था, मेरी मौसी की लड़की मेला देखने के लिए ग्वालियर आई और मेरे कमरे पर ही कुछ दिनों के लिए रुक गई। मेरी मौसी की 3 लड़कियाँ हैं, सबसे बड़ी लड़की मुझसे दो साल छोटी है जो मेरे पास ग्वालियर आई हुई थी। वह बहुत सुंदर और सेक्सी हौ, उसका फिगर 32-26-32 है और उसके स्तन बहुत सख्त हैं। और ब्रा के बिना भी सलवार शूट में साफ दिखाई देते हैं, टेनिस की बॉल जैसे दिखते हैं।

एक शाम को उसने मुझसे मेला घुमाने के लिए कहा और मैं तैयार हो गया। हमने मेले में खूब मस्ती की और खाना भी वहीं खा लिया। हम बहुत थक चुके थे।

मैं बाथरूम में पेशाब करने के लिए गया था और मेरी मोसी की लड़की निशा ने सोचा कि मैं बाहर गया हूँ। इसलिए वह बेधड़क कपड़े बदलने लगी। मेरा बाथरूम अटैच था। निशा अपना कमीज उतार रही थी कि इतने में मैं वहाँ पहुँच गया और मैंने उसके उभारों को देखा। मेरे तो होश ठिकाने नहीं रहे, मैं उसे एकटक देखे जा रहा था। इससे पहले मैंने कभी ऐसा नजारा नहीं देखा था। वह कपड़े शीशे के सामने खड़े होकर उतार रही थी और जाने क्या गुनगुना रही थी।

निशा ने जैसे ही मुझे देखा वह अचानक सिमट गई और थोड़े कड़क स्वर में बोली- भाई, आप क्या देख रहे हो? मुझे समझ नहीं आया कि अचानक क्या हुआ… मेरी नींद सी खुली और मैं बाहर पोर्च में चला गया।

असल में मेरे पास एक ही रूम तथा रसोई थी, थोड़ी देर बाद मैं वापिस आया, मैंने निशा से कहा- सर्दी बहुत है चाय बना लो। फिर आराम करेंगे।

वह चाय बना कर लाई, उसने मेरी तरफ देखा और एक अजीब सी मुसकुराहट दी और फिर सो गई। मेरे एग्ज़ाम करीब थे इसलिए मैं टेबल पर पढ़ने बैठ गया पर मन ही नहीं लग रहा था इसलिए मैं भी निशा के साथ लेट गया।

क्योंकि मैं अकेला रहता था इसलिए मेरे पास अधिक सामान नहीं थे, पलंग भी एक ही था और बिस्तर भी एक।

मुझे नींद नहीं आ रही थी, मेरी आँखों के सामने बार-बार वही नजारा घूम रहा था। तभी निशा ने करवट मेरी और ली और अपना एक हाथ और पैर मेरे ऊपर रख लिया और मेरे होटों के पास उसका मुंह आ गया। अचानक उसकी साँसें तेज हो गई। शायद वह भी सोयी नहीं थी, उसकी तेज साँसों से मेरे कानों में गर्म हवा जा रही थी जिससे मेरा भी लन्ड खड़ा हो गया और मैंने हिम्मत जुटाकर निशा के होंठ अपने होंठों में भर लिए और चुम्बन करने लगा।

वह भी मुझसे नागिन की तरह लिपट गई तो मैं उसके थानजों (बूब्ज़) को सहलाने लगा। वह भी कम नहीं थी उसने भी मेरा लन्ड पकड़ लिया। मेरा लंड पकड़ के बोली- भाई, यह लंड है या हाथी की सूंड?

मै धीरे से मुसकुराया और कहा- जैसा भी है, अब तुम्हारा है।

यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं ! मेरा लंड 8″ का है। वह भी मुस्कुरा दी, अब मैं उसकी चूत सहलाने लगा, वह जोर-जोर से सिसकारियाँ भरने लगी, मुझे जोश आ गया और मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसके कपडे फाड़ दिए, और अपना लंड उसकी चूत में जोरदार ठोकर देकर घुसा दिया।

निशा की जोरदार चीख निकल गई और मैंने उसका मुँह होंठों से बंद कर दिया। मैंने उसकी ब्रा भी फाड़ दी और उसका दूध पीने लगा। कमरा ‘उईई… आअह्ह… ह्हहह… आह्ह ऊँह्ह्ह स्स्स्स… की आवाजों से भर गया। मेरे लंड की ठोकर के साथ-साथ आवाजें भी बढ़ने लगी थीं। थोड़ी देर बाद हम झड़ गए। हमने रात भर चुदाई का नंगा नाच खेला, सुबह हुई और देखा कि बिस्तर और कपड़े खून से सने थे। असल में हम दोनों ने पहली बार सेक्स किया था इसलिए हमारी सील टूट गई थी। अब तो हमें चुदाई का चस्का लग गया और रोज निशा को चोदता था।

निशा 3-4 दिनों के लिए आई थी मगर 15 दिनों तक रुकी।

मैं अपने पाठकों को बताना चाहता हूँ कि मैं कमसिन लड़कियों की चुदाई मुफ़्त में करता हूँ। मेरी कहानी एकदम सत्य है। मैं पहली बार अपनी कहानी लिख रहा हूँ इसलिए मेरी कहानी पसंद आई या नहीं, मुझे [email protected] पर लिखकर भेंजें।

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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