नानी के घर बहन की चुदाई

हेलो दोस्तो! यह मेरी पहली कहानी है. मेरा नाम देवेश है और मैं बी ई का विद्यार्थी हूं, मेरी उमर 22 साल है।

बात उस समय की है जब मैं 19 साल का था और अपनी नानी के घर गया था। वहाँ मेरी मामा की लड़की आरती जो कि मेरी बहन है, मेरे उमर की है पर थोडी शर्मीली है। वो मुझसे दोस्तों की तरह बात करती है।

एक दिन मैं अकेला था। गाँव में सिर्फ़ दो ही कमरे थे और सभी लोग बाहर सो रहे थे। मैं कभी बाहर नहीं सोता इसलिए मैं अन्दर लेटा था और अपनी गर्लफ्रेंड से बात कर रहा था। बात करते करते मैं उससे चुदाई की बातें करने लगा। गाँव में लाईट थी नही, अँधेरा था।

मेरी बहन आरती भी वहीं थी लेकिन मुझे मालूम नहीं था। जब हमारी बात ख़तम हुई तो मैंने महसूस किया कोई है। मैंने अपने मोबाइल की लाईट से देखा तो आरती थी। उसने मुझसे पूछा कि किससे बात कर रहे हो तो मैंने उसे सब बता दिया। इस पर आरती पूछने लगी कि आप ये क्या बातें कर रहे थे?

तो मैंने कहा- ये बातें पति और पत्नी या गर्लफ्रेंड और बोयफ़्रेंड के बीच होती हैं।

‘ऐसी क्या बात है बताओ न’ वो जिद करने लगी तो मुझे भी जोश आ गया और मैंने कहा- मैं तुम्हें करके दिखाता हूं।

उसने कहा ठीक है। पर वो समझ नहीं पाई कि क्या होने वाला है।

फिर मैंने उसे अपने बिस्तर पर बुला लिया। बाहर सब लोग सो गये थे। मैंने दरवाज़ा बंद कर लिया। अब मैं उसके पास जाकर उसके बाल खोलने लगा। वो कहने लगी कि क्या कर रहे हो?

मैं सिर्फ़ यही बोला- देखती जाओ आगे आगे क्या होता है।

शायद वो सब समझ गई। फिर मैं उसके गालों को चूमने लगा। उसके बाद उसके गुलाबी होठों को चूसने लगा। ऐसा लग रहा था मानो शहद चाट रहा हूं। उसके होटों का रस बहुत मीठा था। वो भी मदहोश हो गयी और ज्यादा जोर से किस करने लगी उसके बाद मैं उसके बूब्स दबाने लगा, जो कि आकार में 38 होंगे।

वो दर्द से कराहने लगी- आ आह आहऽऽअऽऽ हम्म्म आहऽऽ… ये क्या कर रहे हो देवेश!

उसके बाद मैं उसकी टीशर्ट ऊपर करने लगा। वो मुझे रोकने लगी- ये ठीक नहीं है प्लीज़! कहने लगी।

पर मुझे तो चुदाई का भूत सवार था। मैं उसकी बिल्कुल नहीं सुन रहा था और उसके टीशर्ट हटा कर उसके ब्रा खोल दी उसके बूब्स ऐसे लग रहे थे मानो किसी जेल से निकले हो। मैंने उन्हें दबा दबा कर पूरा चूसा। वो दर्द से चिल्ला रही थी-आह्ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह माआ आ आआ आआ तो मुझे लगा कोई सुन न ले इसलिए मैंने अपने होठों को उसके होठों से चिपका दिया।

उसके बाद मैं उसके पेट को चूमने लगा, उसका गोरा पेट अंधेरे में भी रेडियम की तरह चमक रहा था। मैं उसकी पजामी उतारने लगा तो उसने बहुत मना किया प्लीज़्ज़! नहीं! मान जाओ!मुझे कुछ नहीं जानना!

पर मैं नहीं माना मैंने ज़बरदस्ती उसकी पजामी उतार दी। वो काली पैंटी पहने थी जो कि पूरी गीली हो चुकी थी। मैंने उसकी पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को चूमा। वो बोखला गई और हटाने लगी।

मुझे लगा आज ये सबको बता देगी, लेकिन मैं तो पागल हो चुका था। मैंने उसकी पैंटी गुस्से में फाड़ दी और उसकी चूत को पागलों की तरह चाटने लगा।

अब वो चिल्ला रही थी- आह्ह्हह ऊह्ह्ह्हह्छ हाँ फाड़ दो मेरी चूत को और चाटो देवेश और जोर से!

मैंने सोचा- इसे क्या हुआ! और मैं समझ गया कि इसे भी अब मज़ा आ रहा है और मैं और जोर से चाटने लगा।

अब मैंने अपनी पैंट खोली और मेरा 8 इंच लंबा लंड बाहर था। वो उसे देखकर डर गई।

मैंने कहा- इसे चूस! मज़ा आयेगा वो मना करने लगी। लेकिन मैंने अपनी कसम देकर अपना लौड़ा उसके मुंह में डाल दिया। वो उसे पागलों की तरह चूसने लगी। मैं सातवे आसमान पर था। मैंए अपना पूरा लोड उसके मुँह में निकल दिया।

वो कहने लगी- ये क्या निकला?

मैंने कहा- पी ले! ये मेरा प्यार है।

अब मैंने उसे कहा- अब मैं अपना लौड़ा तेरी चूत में डालूंगा।

तो वो कहने लगी- इससे तो मेरी चूत फट जायेगी! मैंने कहा- देखते है! और मैंने अपना लंड उसकी चूत रखा। वो डर रही थी!

जैसे ही मैंने पहला शोट मारा, वो चिल्ला पड़ी- अह्ह्हह् उह्ह्ह्ह्ईई ह्ह मार डाल्ल्ला आआईई!!!!

मैं डर गया। मैंने फिर उसके होठों को अपने होठों में कैद किया और दूसरा शोट मारा जो कि टाइट जा रहा था। धीरे धीरे मैंने उसे चोदना चालू किया। वो दर्द के मारे रोने लगी पर बाद में साथ देने लगी। मैंने देखा कि उसकी चूत से खून निकल रहा है पर फिर भी चोदता रहा।

मैंने उसे उस रात कई बार चोदा और उसके बाद मैं जब भी मामा के घर जाता उसे ज़रूर चोदता। मैंने उसे ब्लू फ़िल्म की सी.डी. भी दी अब तो उसे भी एक्सपेरिएंस हो गया है और हम नए नए शोट से खेलते है. [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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