Ghar Me Kamashastra Ki Padhai Dono Bahno Ke Sath

भाई बहन की चुदाई हिंदी सेक्स स्टोरी हैलो दोस्तों , सुभम सिंह अब एक साथ अपने दोनों बहनों को मजे देने लगा तो रिंकी मुझसे उम्र में सिर्फ एक साल छोटी है ,२२ साल की लड़की वो भी मॉडर्न परिवेश में रहने वाली की सोच कैसी होगी ,आप अंदाजा लगा सकते हैं तो रिंकी की सेक्सी फिगर साथ ही दोनों स्तन की साईज और शेप बिल्कुल ही शर्म और हया के पर्दे में होता है तो उसके चुत की फांकें सहित जांघों कि चिकनाहट हमेशा कपड़ों में ढकी होती है ,उसको पर्दे में रहना अच्छा लगता है. Ghar Me Kamashastra Ki Padhai Dono Bahno Ke Sath.

तो छोटी बहन सुनिधि ठीक उससे विपरीत है ,देखने में सुंदर साथ ही कद ५’६ फीट तो गोल गोल चूचियों की उभार और सुंदर चेहरा ,नशीली आंखें और V शेप की मस्ताई चूतड़ ,उसको छोटे वस्त्र पहन अपने अंगों की नुमाइश करने का बहुत शौक है तो महीना पहले ,सुनिधि मेरे साथ सेक्स के लिए तैयार हो गई फिर रिंकी भी और दोनों बहने अब मेरे साथ सेक्स का आनंद लेने लगी तो ये बात दोनों बहनें भी जान गई फिर एक शाम ,रिंकी बालकनी में बैठकर कॉफी पी रही थी तो मैं वहां पहुंचा “रिंकी ,मैं टहलने जा रहा हूं ,मार्केट से कुछ मंगाना हो तो (वो मुस्कराई)आज मॉम और डैड एक शादी के पार्टी में जानेवाले हैं तो वो (मैं)मैं कुछ समझा नहीं ,क्या बताना चाह रही हो.

(पीछे से सुनिधि आई)बिल्कुल बेवकूफ ही रह गए ,मॉम और डैड देर रात वापस घर आएंगे पार्टी से तो हम तीनों के लिए तो एक अच्छा मौका है ,अब भी समझे या (मैं रिंकी को देख हंसने लगा)ठीक है ,घूम कर आता हूं “तो मैं निकलने।लगा और सुनिधि पीछे से भागते हुए मेरे पास आई “सुभम तुम ना एक स्ट्रिप्स वो दवाई भी ले लेना (मैं अनजान बनते हुए)कौन सी दवाई सुनिधि (वो हंसने लगी)अरे बुद्धू ,जिस दवाई को उसमें घुसाते हो फिर, अब समझे.”

मैं सर हिलाकर हामी भर दिया ,फिलहाल घर में मॉम नहीं थी तो डैड ऑफिस से नहीं आए थे और मुझे उनके देर रात तक पार्टी में रहने की खबर सुन तस्सली मिली आखिर पिछले दो हफ्ते से बहनों कि चुत का दर्शन तक नहीं हुआ है ।मै बाईक स्टार्ट कर मार्केट की ओर गया ,फिर वहां पहले मेडिकल स्टोर जाकर बोला “भैया जरा एक स्ट्रिप्स “टुडे” की देना (दुकानदार मुस्कुराता हुआ) जरूर ,बस दो मिनट “तो उस स्ट्रीप को पॉकेट में रखकर एक पान दुकान गया.

दो पान बंधवा कर एक पैकेट सिगरेट लिए अब वाईन शॉप गया और फरवरी महीना की शुरुवात में सोचा कि ठंडी बियर पीया जाए तो दो केन बियर लेकर वापस बाईक स्टार्ट किया और सोचा की एक केन बियर इधर ही पिया जाए ,तो घर जाने के क्रम में एक स्वास्थ्य केंद्र के पास रुककर बाईक लगाया तो फिलहाल वहां सन्नाटा था ,उसकी गेट बंद पर दीवार का एक हिस्सा टूटा हुआ था ,अंदर जाकर सिगरेट जलाया और फूंकते हुए बियर पीने लगा.

शाम के ६:३० बजने को थे तो शाम अंधकारमय थी लेकिन स्ट्रीट लाईट की वजह से काफी रोशनी थी और कुछ देर वहीं रुककर बियर पिया फिर वापस घर चला गया ,एक पान खाकर बियर की सुंगध को ख़तम करने का प्रयास किया तो घर पहुंचते ही डायनिंग हॉल में डैड दिखे और मैं सीधे अपने रुम जाकर कपड़ा बदलने लगा ,फिर फ्रेश होकर बेड पर लेटा तो बियर का दूसरा केन वार्डरोब में रख चुका था.

कुछ देर बाद रिंकी मेरे रूम आई “कॉफी पियोगे (मैं)क्यों नहीं “तो वो रूम से बाहर चली गई और मैं बियर के नशे में मस्त था तो कुछ देर बाद सुनिधि कॉफी लेकर आई तो मैं बेड पर उठकर बैठा फिर उससे कप लेकर काफी पीने लगा और वो ब्लू रंग के शॉर्ट्स और टाईट टॉप्स में सेक्सी माल लग रही थी ,उसके नग्न जांघे सहित गहरी नाभि देखता हुआ कॉफी पी रहा था तो वो चुपचाप बेड के पास खड़ी थी. “

क्या देख रहे हो (मैं)जो दिखाना चाहती हो बस वही “तो वो मेरे रूम से चली गई ,लगभग एक घंटे बाद मैं डायनिंग हॉल आया तो मॉम और डैड तैयार होकर निकलने पर थे और मॉम “तुम्हारे डैड के दोस्त विनय कटियार की बेटी की शादी है तो वहीं जा रही हूं (मैं)अच्छा तो फिर लौटने में देर हो जायेगी (मॉम)हां ,तुम मेन गेट अंदर से लॉक मत करना और मैं बाहर से लॉक करके चली जाऊंगी (मैं)तुम इसकी चिंता मत कर, बस घर पहुंचने से पहले मुझे कॉल कर देना.”

तो मॉम और डैड घर से निकल गए और मैं दरवाजा बंद करके अपने रूम चला गया ,वक़्त तकरीबन ०८:०० हो रहे थे तो मैं दोनों छोकरी का इंतजार कर रहा था ,लेकिन पहल वो लोग करेगी मुझे नहीं लगता।कुछ देर तक सुभम अपने बेड पर लेटा रहा फिर उठकर बियर की केन निकाल डायनिंग हाॅल आया और रेफ्रिजरेटर में बियर रखकर बगल के रूम में पर्दे के पीछे से झांकने लगा ।दोनों बहनें रिंकी और सुनिधि बेड पर पट लेटकर लैपटॉप में कुछ देख रही थी तो मैं दबे पांव अंदर घुसा और उन दोनों का चेहरा दीवार की ओर था तो मुझे देख नहीं पाई और मैं बेड के पास खड़े होकर लैपटॉप में चल रहे मूवी को देखने लगा ,सही में ये दोनों बहनें काफी जवान हो चुकी थी.

तो पोर्न मूवी का आनंद लेते हुए सुनिधि बोली “दीदी आज ना हम दोनों शुभम को लिटाकर ऐसे ही बांध देंगे फिर (रिंकी)नहीं रे ,,फिर पेनिस पर बैठकर चुदाई मेरे वश की बात नहीं “और इतने में सुनिधि पीछे की ओर देखी तो मैं हंस दिया तो रिंकी झट से वीडियो बंद कर दी और मुझे देख रिंकी शरमाते हुए बोली “तुम हम दोनों के हरकत को छुपके से देख रहे थे (मैं )तो क्या हुआ ,पोर्न मूवी देखने से मना तो नहीं किया जो उसे बंद कर दी “फिर दोनों बहनें मुझे बेड पर बैठने को बोली तो सुनिधि मुझे पिछे से पकड़कर बेड पर लिटा दी और दोनों बहनें अपने ड्रेस में सेक्सी लग रही थी ,रिंकी अपने तन पर स्कर्ट और टॉप्स पहन रखी थी तो सुनिधि शॉर्ट्स और टाईट टॉप्स में थी ।

शुभम बेड पर चित लेटा हुआ था तो सुनिधि झट से मेरे पैजामा की डोरी खोलकर उसे पैर से निकाल दी तो रिंकी मेरे छाती सहलाते हुए बनियान को उतारने लगी और दोनों सेक्सी लड़कियां मुझे नग्न करके मेरे बदन पर हाथ फेरने लगी तो मैं हाथ बढ़ाकर रिंकी के चूची को दबाने लगा और सुनिधि मेरे लंड को पकड़ हिलाने लगी ,सोया हुआ शेर उसकी हाथ में था तो सुनिधि बेशरम की तरह अपने टॉप्स गले से बाहर कर दी ,उसकी दोनो चूचियां नग्न थी तो रिंकी अपने आपको रोक नहीं पाई और वो टॉप्स गले से बाहर कर चूचियों की झलक दिखा दी ,अब मेरा शेर सुनिधि के हाथ में था तो मैं रिंकी के चूची जोर जोर से मसलने लगा और दूसरा हाथ उसके स्कर्ट में घुसाने लगा.

वो दोनो पैर घुटने के बल मोड़कर अपना चूतड़ उस पर रखी थी तो मेरा हाथ सीधे उसकी पेंटी पर चला गया और मैं चुत की फांकों को उंगलियों के बीच लिए मींजने लगा तो सुनिधि अपने शॉर्ट्स उतार फैंकी ,एक बेड पर सुभम नग्न अवस्था में लेटा हुआ था तो छोटी बहन सुनिधि लंड को हिलाते हुए झुकी फिर मेरे जांघ चूमने लगी और रिंकी पहली बार इतनी बोल्ड और हॉट लड़की की तरह पेश आने लगी ।मेरे जांघ चूमते हुए लंड को सुनिधि थोड़ा टाईट कर दी. “Ghar Me Kamashastra Ki Padhai”

फिर लंड को मुंह में लिए चूसने लगी तो मैं रिंकी के चुत मिंज मिंज कर उसे कामुक कर दिया और वो खुद अपने स्कर्ट को खोल मुझे अपने नग्न जिस्म को दिखाने लगी ,पैंटी की हुक खोलकर उसकी चुत को नग्न किया तो रिंकी हंसते हुए मेरे मुंह के ऊपर ही बैठ गई और सुनिधि मेरे लंड को चूसते हुए मुंह का तेज झटका दे रही थी ,मेरा तो हाल खराब हो रहा था तो मेरे मुंह के सामने रिंकी की गुलाबी चुत थी ,उसके दोनों मोटे फांकों पर ओंठ रखकर चुम्बन देने लगा और रिंकी दोनों जांघों को फैलाकर चूतड़ मेरे चेहरा के उपर रखे चुत पर चुम्बन का मजा ले रही थी ।मेरी बहन सुनिधि मेरे लंड को कुछ देर तक चूसी.

फिर उसके लंबे जीभ का एहसास लंड को मिलने लगा ,किसी रण्डी की तरह लंड को चाटने में लीन थी तो सुभम रिंनकी की चुत फैलाकर जीभ घुसेड़ चाटने लगा ,इसकी चुत की गहराई और लचक कम तो थी साथ ही चुत का मुहाना संकीर्ण था ,सो लेटे लेटे उसकी चुत में जीभ पेलकर चाटने लगा और एक हाथ उसकी गोल चूतड़ को सहला रहा था तो दूसरा हाथ उसके चूची को पकड़ दबाने लगा ।सुभम मानो जन्नत की सैर कर रहा था.

जब उसकी जवान बहन रिंकी उसके मुंह पर बैठे चुत चटवा रही थी तो छोटी बहन सुनिधि लंड को चाटते हुए झांट में उंगली घुमा रही थी ,रिंकी “उह आह ओह अब और नहीं प्लीज़ मत चाटो (सुनिधि)ठीक है तो तुम अब लंड चूस साली ,मुझे तो आज इसके मुंह में ही मूतना है “दोनों बहनें स्थान परिवर्तन की तो मैं अब सुनिधि के दोनों जांघों के बीच चेहरा किए लेटा हुआ था ,उसकी चुत को देखता हुआ उसकी कमर में हाथ डाला.

फिर बुर पर चुम्बन देने लगा तो मेरे अर्ध रूप से टाईट लंड रिंकी मुंह में लिए चूस रही थी और दोनों बहनें आज की रात मुझे एक साथ तडपाने वाली थी ।सुभम चुत को फैलाकर जीभ से चाटना शुरू किया तो सुनिधि की चिकनी गान्ड पर हाथ फेरता हुआ मैं मस्त हो रहा था और सुनिधि सिसक रही थी “उह ओह आह और तेज चाट बे कुत्ते आज साले तेरे मुंह में ही मूतकर तुझे चोदने दूंगी “मैं लपलप जीभ से उसकी चुत चाटने लगा.

तो मेरा हाय उसके चूतड पर घूम रहा था ,तुरन्त ही सुनिधि के गांड़ की छेद में एक उंगली पेल दिया और वो “अरे मादरचोद ,गान्ड साले तेरे मां की है कि उंगली घुसा दिया “उसकी चुत में जीभ पेलकर चाटता हुआ मस्त था तो गान्ड की छेद में उंगली गर्मी से जल रही थी ,उधर रिंकी मेरे लंड को चूस चूसकर लाल कर चुकी थी तो मैं सुनिधि की चुत से जीभ निकालकर आहें भरने लगा “उह ओह उई आह प्लीज़ अब लंड को छोड़ दो रिंकी (वो)सो क्या ,झड़ने पर हो. “

और वो लंड को जीभ से चाटने में मस्त थी ,मैं अब सुनिधि की गान्ड से उंगली निकालकर दुबारा उसकी चुत चाटने लगा और उसके एक बूब्स दबाता हुआ तीसरी दुनिया में खो चुका था तो वो “उह ओह अब और नहीं साले ,ले मेरा झड़ा “तो उसकी चुत से रज की धार छूट पड़ी और बूंदें मेरे चेहरे से लेकर ओंठ पर गिर गई तो मैं उसकी बुर को चाट रस का स्वाद लिया तो सुनिधि वाशरूम चली गई और रिंकी भी लंड छोड़कर चली गई । मेरा लन्ड पूरी तरह से टाईट था तो मुश्किल से ४-५ मिनट की चुदाई के बाद निढाल हो जाता और रिंकी उधर से आकर बेड पर लेट गई तो मैं वाशरूम चला गया ,वहां सुनिधि फ्रेश हो रही थी तो मैं वापस रूम आकर बोला “पहले दवाई तो लेकर आ साली रण्डी. “Ghar Me Kamashastra Ki Padhai”

(रिंकी अपनी चुत सहलाने लगी )सुनिधि को बोला ना (सुनिधि बाहर आई)क्या हुआ दीदी (मैं)जींस के पॉकेट से दवाई ले आ “तो सुनिधि नंगे ही मेरे रूम की ओर चली गई और मैं रिंकी की चूतड़ के नीचे तकिया डालकर उसकी चुत सहलाने लगा “तेरी चुत से रस तो नहीं निकला “फिर उसकी चुत को फैलाकर उंगली घुसा कुरदेने लगा तो सुनिधि उधर से दवाई का स्ट्रीप लेकर आई ,फिर मेरे बगल में बैठ मेरे चेहरा को चूमने लगी तो मैं उसके हाथ से स्ट्रीप लेकर एक गोली निकाला ,रिंकी आहें भर रही थी “उह ओह अब झड़ जाएगा भैया (सुनिधि)अबे भैया नहीं सेक्स पार्टनर बोल साली “और मेरी उंगली को रिंकी की चुत के रस का एहसास हुआ तो मैं झुककर उसकी चुत चाटने लगा.

फिर अंदर टुडे की गोली डालकर उसको लेटे रहने दिया तो सुनिधि मेरी बाहों में थी और उसे बेड पर लिटाकर मैं उसकी चूची पर मुंह लगाया और उसकी चूची मुंह में लिए चूसने लगा तो वो मुझे छाती से लगाए दूध पीला रही थी ।मेरा खड़ा लंड चुदाई को आतुर था तो सुनिधि आहें भर रही थी “उह ओह अब प्लीज़ छोड़ो “तो सुनिधि को छोड़कर रिंकी के दोनों जांघों के बीच लंड पकड़े बैठा फिर मैं सुपाड़ा को चुत के अंदर घुसा दिया ,धीरे धीरे लंड को अंदर घुसाने लगा तो आधा से अधिक लंड रिंकी की बुर में था और मैं जोर से धक्का देकर चुदाई शुरू कर दिया. “Ghar Me Kamashastra Ki Padhai”

और मेरा लंड चिपचिपाहट भरे चुत के अन्दर तेजी से फिसल रहा था तो रिंकी “उह ओह सुभम पेलते रहो डार्लिंग “मैं दे दनादन चोदता हुआ उसके जिस्म पर सवार होकर चोदने लगा और रिंकी मेरे पीठ सहलाते हुए चेहरे को चूम रही थी तो मेरा लंड पूरे गति से उसकी चुत चोद रहा था और रिंकी मेरे बदन के नीचे लेटकर चुदाते हुए “उह ओह आह लहरने लगी जानू अब झाड़ ही दो (मैं बुर में लंड को धीमे गति से चोदने लगा)बस कुछ पल और बेबी”फिर उसे १२-१४ तेज धक्का मारकर वीर्यपात कराकर उस पर ही लेटा रहा …… आगे क्या हुआ ! इंतजार कीजिए.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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