भैया पहले मुझे चोदो दीदी को बाद में चोदना

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम विक्की है और मै गोरखपुर में रहता हु यहाँ मेरे घर में मेरी माँ और दो छोटी बहने रहती है जिनका नाम लतिका और वर्षा है दोनों गज़ब की सुन्दर है. मै एक होटल में मैनेज़र के पोस्ट पर काम करता हु मेरी सैलेरी भी 45 हजार है. Bahan Sexy Bur Kahani

मेरी शादी पिछले साल ही हुयी थी और मेरी पत्नी बहुत ही खुबसूरत थी उसके मम्मी पापा मुम्बई में रहते थे मेरी पत्नी स्वाति गज़ब की खुबसूरत थी थोड़ी सी सावली थी पर उसके नैन नक्श बहुत ही खुबसूरत थे, उसे देखते ही कोई भी उसपर मोहित हो जाये, फ़िलहाल मेरी शादी उसे साथ हो गयी.

जिस दिन मेरा सुहागरात थी उस दिन मै बहुत खुश था की चलो एक बहुत ही प्यारी सी पत्नी मिली है जिन्दगी अब अच्छे से चलेगा पर जब मै उसका घूँघट उठाया तो देखा उसका मन है ही नहीं सुहागरात मनाने के लिए उसने बोला की जो करना है जल्दी करो मुझे भी नीद आ रही है.

अब तो मेरा सारा मूड ख़राब हो गया पर सुहागरात थी तो मै उसके रसीले ओठ को पिने लगा पर वो साथ नहीं दे रही थी. फिर मै उसका ब्रा उतार कर उसके रसीले चूची को पिने लगा पर वो आराम से लेती रही फिर मै उसे नंगी कर के सीधा उसके बुर में लंड पेल दिया.

लंड के जाने से वो जैसे तिलमिला उठी और उसके आंख से आसू निकलने लगा और बाद में रोने लगी पर उसके बुर से खून नहीं निकला. पूछने पर पता चला की उसका एक बॉयफ्रेंड था जो उसे चोदा करता था वो उससे बहुत प्यार करती है और उसके बिना मर जाएगी.

अब ये सुनने के बाद मेरा मूड बहुत ख़राब हो गया. मै चुपचाप सो गया. सुबह सब नार्मल था पर वो अपने कमरे से बहार नहीं निकली और न ही किसी से बात कर रही थी. आइसे ही दिन चलता रहा अब वो कुछ दिन बाद मेरी बहनों से किसी न किसी बात पर लड़ा करती थी.

अब बात इतनी बढ़ गयी की वो फिर अपने मम्मी पापा के पास मुम्बई चली गयी और कुछ दिन बाद मुझे तलाक का पेपर भेज दिया. जिसे देख कर मेरा दिमाक ख़राब हो गया अब मेरा दिमाक काम करना बंद कर दिया था.

जब ये बात मेरी बहनों को पता चला तो वो दोनों रोने लगी की मेरी वजह से भाई का घर टूट रहा है. एक दिन की बात है मेरी माँ किसी काम से मामा के घर गयी थी काम के वजह से वह 6-7 दिन रुकने का प्लान था. मै मम्मी को मामा के वहा छोड़ कर आ गया.

शाम का वक्त था और अचानक से बादल चारो तरफ से घिरने लगे थे और मै भी उस दिन जल्दी से घर आ गया था और रात के खाने के लिए होटल से खाना ले आया था. मै और मेरी छोटी बहने साथ में खा रहे थे तब मेरी छोटी बहन लतिका रोने लगी और बोली भैया हम लोगो के वजह से ही आपका घर टूट रहा है न प्लीज माफ़ कर दो.

तब मै उनको समझाने लगा की वो लड़की ही ठीक नहीं थी मैंने उन्हें बहुत समझाया तब वो शांत हुए. फ़िलहाल रात हुयी और मै अपने कमरे में सोने लगा और अपने नशीब को कोसने लगा की कैसा पत्नी दिए जो मेरे साथ रहना नहीं पसंद कर रही है.

तभी मेरे आगन में बिजली गिरी जिससे डरके मेरी बहने मेरे कमरे में आ गयी और बोली की भैया मुझे बहुत डर लग रहा है क्या हम लोग आपके पास सो जाये तो मैंने हस के कहा की सो जावो. दोनों मेरे पास सो गए तभी तेज आवाज में एक बिजली चमकती है.

डर कर दोनों मुझे तेज से पकड़ लेते है अब दोनों की चुचिया मेरे सीने और पीठ पर महसूस होने लगता है. अब मेरे अन्दर हवस जग जाता है मेरा लंड खड़ा होने लगता है. मुझे डर था की कही उनके जन्घो में न मेरा लंड न लगे पर न चाहते हुए उनके जन्घो में लगने लगता है.

तब बर्षा और तेज से मेरे से चिपक जाती है अब मेरा लंड काबू से बहार जाने लगता है तब पीछे से लतिका ले अपना बुर मेरे गांड पर रगरने लगती है अब मुझे बर्दास्त नहीं होता है तो मै वर्षा के चूची को हात में ले कर दबाने लगता हु.

तो वो झट से मेरे लंड को हाथ में ले कर सहलाने लगती है और लतिका अपना बुर मेरे मुह पर रगरने लगती है. अब मै लतिका के बुर को अपने जीभ से चोदने लगता हु और वर्षा मेरे लंड को मुह में भर कर ऊपर निचे करने लगती है.

बिच बिच में लतिका और वर्षा कहती है भैया कोई बात नही भाभी नहीं है तो आप हम दोनों को पेलिए सेक्स की आग क्या होती है मै जानती हु हम दोनों एक दुसरे के बुर में अंगुली डाल कर खेलते है आज आप इसमें अपना लंड डालिए आपको भी सेक्स का सुख मिल जायेगा और हम दोनों भी कही बाहर मुह नहीं मरेंगे.

तब मैंने कहा जिसे पहले चुदना हो वो मेरे लंड पर बैठे तब लतिका झट से मेरे लंड पर बैठ गयी बोली की मै छोटी हु न तो मै पहले चुदवाना है. तब वर्षा तेल लेने किचन गयी और लंड पर तेल मालिस कर के लतिका का बुर फैला दी और मै आसानी से अपना लंड उसके बुर में डाल दिया.

अब लतिका के बुर से खून आने लगा उसका सिल टूट चूका था और लगभग रोने सी लगी थी वो पर वर्षा उसे संभाल ली अब मै लतिका को लगातार 15 मिनट तक पेलता रहा औए वो मजे ले कर मुझसे पेलवाने लगी बिच बिच में भैया और ते और तेज बोला करती थी तो मुझे मजा आता था.

अब मै झड़ने वाला था तो अपना लंड निकाल कर उसके चुचियो पर झड गया. अब लतिका को भयंकर दर्द हो रहा था अब बरी वर्षा की थी अब वो मेरे मुरझाये लंड को मुह में ले कर चूसने लगी थी तुरंत ही मेरा लंड खड़ा हो गया अब उसने मेरे लंड को अपने बुर के मुख पर रखी और उसपर धीरे-धीरे बैठ गयी.

मेरा लंड उसके बुर में चला गया उसका भी बुर बहुत टाईट था उससे खून आने लगा था अब उसे सेक्स का नशा छाने लगा था वो अब मुझे भैया भैया कह कर जोर जोर से पेलवाने लगी और अब लतिका मेरे मुह पर अपना बुर रख कर चटवाने लगी.

ये कार्यक्रम रात भर चलता रहा मैंने रात भर बहुत चोदा दोनों को. और जब तक मेरी माँ मेरे मामा के वहा से नहीं आई तब तक हम तीनो घर में नंगे ही रहा करते और जब मन करे चुदाई किया करते. जिन महिलावो को सेक्स संतुस्थी नहीं मिल रही है वो मुझे Email कर चाहे हो 30 साल की हो या 50 साल की मेरा Email:[email protected]

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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