भाभी को सुरक्षा देकर सही किया या गलत?

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार! मैं अंतर्वासना का नियमित पाठक हूँ और मैं कोई लेखक नहीं हूँ।मैं केवल आप लोगों की राय जानना चाहता हूँ!

दोस्तो, यह कोई कहानी नहीं है बल्कि एक सच्चाई है!

बात कुछ ही समय पुरानी है, मेरी एक चचेरी भाभी थी, उनके दो बच्चे हैं! उनकी शादी को आठ साल चुके थे, मुझे उनसे शुरू से ही लगाव था क्योंकि मेरी कोई सग़ी भाभी नहीं थी और उनका कोई सगा देवर नहीं था! हम एक दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते थे, एक दूसरे के सुख दुख को समझते थे और काफ़ी अच्छे दोस्त थे जैसा कि आमतौर पर देवर भाभी होते हैं!

भैया भाभी को बहुत परेशान करते थे जैसे उन पर शक करना, उन्हें उनके मायके जाने से रोकना, उनको ताने मारना और उनको पीटना वगैरह! जैसे उन्होंने सिर्फ़ नाम के लिए ही पत्नी बनाई थी, उन्हें पत्नी जैसा प्यार नही देते थे, हाँ जब खुद को ज़रूरत होती तो उन्हें प्यार करते थे, सिर्फ़ अपना काम निकालने तक इससे ज़्यादा और कुछ नहीं!

भाभी इस बात से बहुत परेशान रहती थी और हम जब भी बात करते, अक्सर वो इसी बात से परेशान दिखती थी!

मैं भाभी से मिलने उनके घर अक्सर जाया करता था! वो एक किराए के मकान में रहती थी, जिसकी मकान मालकिन भी बहुत चिड़चिड़ी थी और हर रिश्तेदार के आने जाने से चिढ़ती थी!

मैं भाभी से मिलने जाता था तो भैया को इस बारे में पता था पर वो हमेशा भाभी को ही बोलते कि उनका मेरे साथ कोई चक्कर है। जब भी मैं जाता था तो मेरे साथ कोई ऐसी बात नहीं करते थे! भाभी मुझे बताती थी पर उन्होंने कभी मुझे रोका नहीं क्योंकि उनको समझने वाला वहाँ कोई नहीं था!

कुछ समय पहले भैया भाभी का झगड़ा हो गया और भैया ने उन्हे सारे मोहल्ले में बदनाम किया मेरा नाम लेकर और मुझे भी वहाँ बुलाया गया और साथ में मुझे भी बदनाम किया गया! हम दोनों को ग़लत बता कर सारे रिश्तेदारों में बदनाम कर दिया गया।

अब ना तो भाभी वहाँ रह सकती थी और ना ही मैं… तो हम दोनों कुछ दिन परेशान रहे फिर हम लोगों ने भागने का फ़ैसला कर लिया कि अगर हम दोनों बदनाम हो ही गये हैं तो वहाँ रहने से कोई फायदा नहीं था। इसलिए हम लोग भाग कर दूसरे शहर आ गये और पति पत्नी की तरह रहने लगे! अभी तक कोई नहीं जानता कि हम लोग कहाँ हैं और किस हाल में हैं!

आप लोग ही बताएँ कि क्या हमारा फ़ैसला सही था या ग़लत??? अपनी राय ज़रूर दें…

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

Read All Stories by Ananya Verma
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!