तू तो कुछ कर

लेखक : राजा गर्ग

दोस्तों ! मेरा नाम राजन है और आज मैं आपको अपने साथ हुए एक हसीन हादसे की कहानी सुना रहा हूँ !

बात तब की है जब मैं ११वी कक्षा में पढ़ता था तो मैं अपने घर से कुछ दूर एक शिक्षक के यहाँ टयूशन पढ़ने जाता था ! मेरे को सुबह ६.३० बजे जाना पड़ता था और फिर स्कूल से आते वक़्त भी जाना पड़ता था थोड़ी देर के लिए ! उस शिक्षक की बीवी जिनका नाम रंजना था, वो भी कभी कभी मुझे पढ़ाती थी ! कसम से ,ऐसी पंजाबन आज तक मैंने नहीं देखी थी ! क्या जिस्म था उसका !!!!! एक आग का गोला, जो देखे बस देखता ही रह जाये और उसके मम्मे इतने बड़े थे कि बस देखते ही पकड़ के खा जाने को जी चाहता था ! मेरी रोज़ की आदत हो गई थी कि मैं उसके मम्मे देख के घर जाता था और मुठ्ठ मार लेता था !

संयोग से एक दिन थापर सर (टयूशन वाले सर) को बाहर जाना पड़ गया तो उन्होंने कहा कि मैडम से काम चेक करा लेना ! मैं उस दिन टयूशन गया और मैडम से काम चेक कराने लगा तो मेरी नज़र फिर उसके मम्मे पर पड़ी !

“ओहो ………….क्या नज़ारा था वो !!” एक बड़ी खाई के बीच में फँसा हुआ वो चेन का लोकेट ! वो पसीना जो न जाने गले से होकर कहाँ-कहाँ पहुँच रहा था ! अब मेरी शामत आई कि मैडम ने मुझे देख लिया वो सब देखते हुए और जल्दी से अपने कपड़े सही किये और रसोई में चली गई ! मैं वहां मचलता रह गया मगर अचानक मैडम ने मुझे रसोई में बुलाया और साथ में बहाने से बाहर का दरवाज़ा बंद कर के आने को कहा !

मैडम ने कहा,”मुझे ऊपर के बॉक्स पर से कुछ उतारना है !”

तो मैं स्टूल पर चढ़ गया और फिर वही मैडम के स्वर्ग के दर्शन……………! मैं बस गिरने ही वाला था मदहोश हो के कि अचानक मेरे लंड पे गरम हवा महसूस हुई ! देखा मैडम मेरा खड़ा हुआ लंड बड़े ध्यान से देख रही थी !

मैं घबराया और नीचे उतर आया ! मगर मैडम की आँखों में कुछ और ही था………………! मेरी तो जैसे चांदी होने वाली थी !

वो बोली,”क्या देख रहा था ?”

मैंने कहा,”जो आप ढंग से नहीं दिखा पा रही थी ………..!”

इतना कहने पर वो बोली,”पूरा देखना है या बस ऐसे ही ………………?”

मैंने उनका सूट खींच के कहा,”आज तो दिखा ही दो………….!”

तो उसने मेरा मुंह पकड़ा और पसीने से भरे मम्मों के बीच दे दिया और एक आह भरी…………….!

मेरा मुंह उसके पसीने से भर गया ! मगर मुझे वो बिलकुल बुरा नहीं लग रहा था क्योंकि मेरी नथ जो उतरने वाली थी ! मैंने एक हाथ से उसके मम्मे को कस के भींच लिया और उसके होंठ चूमने लगा ! फिर उसे स्लेब पे टिका दिया और उसका एक हाथ अपनी पेन्ट में डाल दिया !

बस कुछ देर मैं होंठ ही चूसता रहा और उसके हाथ से अपना लंड सहलवाने लगा ! वहां गर्मी बहुत थी तो मैं उसे अपनी गोद में उठा कर बिस्तर पर पटक दिया ! उसके गोरे बदन को ध्यान से देखा और अपने अन्दर के शैतान को जगाने लगा !

अपने सारे कपड़े उतारने के बाद मैं उसके ऊपर कूद पड़ा ! उसे ढंग से रगड़ना चालू किया, हर जगह चूमा और फिर उसकी बालों से भरी चूत में अपना मुंह घुसा दिया !

५ मिनट बाद वो बोली,”जल्दी डाल न …………बहुत खुजली हो रही है !! तेरा अंकल तो समय से पहले ही बूढ़ा हो गया, कुछ कर ही नहीं पाता, तू तो कुछ कर ……..!’

मैं उसकी टांगो के बीच में आया और एक ही बार में सुपाड़ा पूरा अन्दर तक घुसा दिया ! वो दर्द से तड़प गई और छाती के बाल नोच लिए ! मैंने अपना लंड फिर से हल्का सा बाहर निकाल के फिर से पूरा अन्दर डाल दिया !

वो बोली,” निकाल लो…..! वरना मैं मर जाउंगी ! ऐसा लग रहा है कि जैसे हलक तक डाल दिया हो………!”

मैंने डर के बाहर निकाला तो वो बोली,”अब मैं ठीक हूँ ! फिर से एक बार …………!”

फिर तो मैंने अपने थकने तक उसे चोदा और बदन पर कई जगह काट के अपने दांतों के गहरे निशान बना दिए ताकि वो मुझे याद रखे ! उस दिन से अब तक, मैं गिन के अपने ५ बच्चे उसके पेट में छोड़ चुका हूँ, मगर वो दिन मेरी ज़िन्दगी का यादगार दिन बन गया !

आपको मेरी कहानी कैसी लगी ? बताना ज़रूर !!

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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