विधवा भाभी

मैंने लंड चूत में से निकाल कर उनके मुंह में डाल दिया। वो सारा रस पी गई और जीभ से चाट चाट कर मेरे लंड को साफ़ कर दिया। फिर हम ऐसे ही सो गए। सुबह चार बजे उठकर एक दिहाड़ी और लगाई उसके बाद नहा धो कर पूजा करने चले गए। वहाँ से वृन्दावन आए, वहां पर दर्शन करने के बाद मैंने भाभी से कहा- अब बस पकड़कर दिल्ली चलते हैं।

पार्लर में मज़े

हेलो दोस्तों, मैं आपका अपना सुमित और आज मैं एक अपने जीवन की सेक्स कहानी लेकर आपके सामने आया हु. मुझे आशा है, कि आप सबको मेरी कहानी बहुत पसंद आएगी. मेरी उम्र ३५ साल … Read more

बहन की पेंटी

हाय फ्रेंड्स माय नेम इस सोनू और में पुणे से हु. में आज आपको अपनी एकदम पहली सेक्स स्टोरी बताने जा रहा हु. जो मेरे और मेरी सगी बहन अंकिता के बिच में हुई थी. … Read more

दोस्तों के साथ मस्ती वाली होली

मेरा नाम निहारिका हे. में अपने जीजू के साथ सेक्स करने के बाद में अपने घर पर वापिस आ गयी. और मुझे अब सेक्स के बिना रहा नही जा रहा था. तो में अब सेक्स … Read more

चाची के साथ सुहागरात

दोस्तो! मैं राज आगरा से। एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूं। १० साल पहले जब मैं १८ साल का था, मेरे दूर के रिश्ते में चाचा चाची बरेली में रहते थे। एक दिन पता … Read more