लेखक : प्रेम गुरु प्रेषिका : स्लिमसीमा (सीमा भारद्वाज) चोदन चोदन सब करें, चोद सके न कोय, कबीर जब चोदन चले लण्ड खड़ा न होय …. ….. प्रेम गुरु की याद में प्रिय पाठकों और पाठिकाओ ! मैं (सीमा भारद्वाज) भी आप सभी की तरह प्रेम गुरु की कहानियों की बहुत बड़ी प्रसंशक हूँ। वो […]
प्रेषक : अमित कुमार यह कहानी बिल्कुल सच्ची है। मेरा काम कंप्यूटर ठीक करने का है। 31 दिसम्बर की शाम आठ बजे के बाद मेरे पास एक कॉल आया, एक लड़की बोली- भैया, आप कंप्यूटर वाले भैया बोल रहे हो ना? मैं बोला- हाँ बोल रहा हूँ। वो बोली- भैया, मैं सेक्टर 40 से डिम्पल […]
कहानी का पहला भाग: अब दिल क्या करे-1 मैं बिल्कुल नंगा बाथरूम में खड़ा अपना बदन पोंछ रहा था कि अचानक दरवाजा खुला और साथ ही मेरे कानों में रेशमा की आवाज सुनाई पड़ी। “ओह..माय..गोड.. !” रेशमा अपने मुँह पर हाथ रखे मेरी तरफ देख रही थी। तभी मुझे भी ध्यान आया कि मैं नंगा […]
प्रेषक : राज कार्तिक क्या करे बेचारा दिल जब कोई हसीना अपने हुस्न के ऐसे जलवे दिखाए कि आदमी बेचारा अपना लंगोट ढीला करने को मजबूर हो जाए ! आज के समाज में अक्सर मर्द को दोषी घोषित कर दिया जाता है पर मेरा यह मानना है कि जब तक औरत इशारा ना दे तब […]
प्रेषक : धीरज मैंने कहा- एक बात कहूँ? वो बोली- कहो ! मैंने कहा- मुझे तुम्हारे साथ सब कुछ करना है ! वो बोली- यह नहीं हो सकता। मैंने कहा- अगर यह नहीं हो सकता तो मैं आज ही जाने वाला हूँ। वो बोली- यहाँ सब होंगे फिर कैसे? यह सुनते ही मेरी तो जैसे […]
प्रेषक : धीरज नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम धीरज है, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रहता हूँ। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और काफी दिनों से सोच रहा था कि मैं भी अपनी कहानी आप लोगों तक पहुँचाऊँ और अब जाकर मैं कहानी लिख रहा हूँ। मैं शुरू से ही अकेला रहा हूँ, मेरे घर […]
नमस्कार…मैं एक बहुत ही हंसमुख स्वभाव का पढ़ा लिखा इन्सान हूँ और एक अच्छे परिवार से हूँ। यह एक सच्ची घटना है। मैं एक ट्रेन से सफ़र कर रहा था, मुझे विशाखापत्तनम से कोलकाता जाना था पर मेरी सीट कन्फर्म नहीं थी। मैं द्वीतीय श्रेणी की ए सी बोगी में टी टी को बोल कर […]
प्रेषक : सुरेश हाय दोस्तो, मेरा नाम सुरेश है, मैं सूरत से हूँ, मेरी उम्र 21 साल है, कद 5 फ़ुट 3 इंच है। मैंने यहाँ अन्तर्वासना पर काफ़ी कहानियाँ पढ़ी हैं और इससे प्रेरित होकर मैंने अपनी कहानी लिखी है। बात करीब 6 महीने पहले की है, एक दिन जब मैं कॉलेज से घर […]
कहानी का पिछ्ला भाग: सब्जी वाले से सेक्स-1 मैं बोली- बहुत अच्छी! और चोदो चाचा! इतना बड़ा लण्ड पहली बार मिल रहा है, और चोदो अहह! वो बोला- साहब नही चोदते क्या? मैं बोली- साहब को गोली मारो, रहता ही नहीं तो क्या चोदेगा? तू चोद, रोज आ के चोद जाया कर मेरी चूत! वो […]
मैं परवीना, कद 5’4″, बदन 38-34-40, उम्र 33 साल, पति ज़्यादातर बाहर रहते हैं, पर मेरे घर का हट्टाकट्टा नौकर मनोहर मेरे घर में ही रहता है, तो मैं अपने नौकर मनोहर से चुदवाकर मस्त रहती हूँ। आजकल भी पति बाहर गये हुए हैं पर इसी समय इस हरामखोर मनोहर को भी गाँव जाना था, […]
क्यों नहीं? तो मारो ! मेरा भी मन कर रहा है ! प्रेम तो गाँड को हाथ भी नहीं लगाता। चिन्ता मत करो जानू ! इतने ही पीछे से आवाज आई- भाभी? हमने देखा, रीतिका खड़ी थी क्योंकि गेट तो हमने लगाया ही नहीं था। लक्ष्मी डर गई और सिर मेरी छाती पर रख दिया। […]
हाय दोस्तो, मैं राज एक बार सभी चूत वालियों को लण्ड हिलाकर प्रणाम और सभी लण्डधारियों को नमस्कार। आपने मेरी कहानियाँ “सुहागरात भी तुम्हारे साथ मनाऊँगी और “कुवाँरी चूत मिली तोहफ़े में” पढ़ी। मुझे मेल करने के लिए धन्यवाद। मैं अपनी कहानी पर आता हूँ। शादी के एक साल के अन्दर ही लक्ष्मी को लड़का […]
हाय दोस्तो, मैं राज कौशिक अपनी कहानी सुहागरात भी तुम्हारे साथ मनाऊँगी जो चार भागों में प्रकाशित हुई थी, के आगे का भाग भेज रहा हूँ। लक्ष्मी की सगाई हो चुकी थी, 20 दिन बाद लक्ष्मी की शादी थी, उससे पहले मैंने उसे 10-11 बार चोदा और वो अपनी सहेली मुझे उपहार में देकर गई। […]
प्रेषक : राजवीर मेरी पूर्व प्रकाशित कहानियों पर काफी मेल आये, उसके लिए आपका शुक्रिया ! आपके मेल से ही तो हमें नई कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिलती है। आपने मेरी कहानी दो बूँद आँसू तो पढ़ी ही होगी। उसमें मैंने अपनी फ्रेंड की सहेली की बहन की मदद की थी। रूपा अब अपने बेटे […]
कई साल पहले की बात है मेरे पति वरुण ने मुझसे पूछा- क्या तुम मेरे साथ नागपुर जाना चाहोगी? उनको अपने जॉब के किसी काम से ही वहाँ जाना था। मैंने ख़ुशी खुशी हाँ कर दी, इस बहाने मैं भी घूम सकती थी। हम दोनों ट्रेन से नागपुर पहुँचे। स्टेशन पर हमको लेने एक कार […]
अगले दिन भी मुझे रात में किसी के चलने आवाज आई। चाल से मैं समझ गई थी कि ये सुरेश ही थे। वे मेरे बिस्तर के पास आकर खड़े हो गये। खिड़की से आती रोशनी में मेरा उघड़ा बदन साफ़ नजर आ रहा था। मेरा पेटिकोट जांघों से ऊपर उठा हुआ था, ब्लाऊज के दो […]
मेरा नाम सोनाली, मैं कानपुर, उत्तर प्रदेश की हूँ। मेरी कहानी सच्ची है। मैं अन्तर्वासना को करीब दो वर्ष से पढ़ रही हूँ। मुझे भी लगा कि मैं अपनी दास्तान अपने अन्तर्वासना के पाठकों तक पहुचाऊं। मैं लेखिका नेहा वर्मा को अपनी कहानी भेज रही हूँ। मेरी शादी के बाद दो बच्चे पैदा हुए। उसके […]
लेखक : राज कार्तिक चौकीदार के जाते ही मैंने दरवाजा अंदर से बंद किया और पकड़ कर पायल को अपनी बाहों में भर लिया। “बहुत बेताब हो मुझे चोदने के लिए…?” पायल के मुख से यह ‘चोदना’ शब्द सुन एक पल को तो मैं हैरान रह गया लेकिन मैं बोला- मेरी जान कल रात से […]
लेखक : राज कार्तिक “लगता है तुम्हें भी ठण्ड लग रही है…!” वो मेरे कान में फुसफुसाई और बिना मुझसे पूछे ही उसने अपनी शाल मुझ पर भी ओढ़ा दी। मैंने हाथ बढ़ा कर अपना हाथ उसके हाथ पर रखा तो उसने भी मेरा हाथ पकड़ लिया। अब कोई गुंजाइश नहीं बची थी। मैं कुछ […]
लेखक : राज कार्तिक दोस्तो, मैं राज एक बार फिर से आपके पास अपनी मस्ती की दास्ताँ लेकर आया हूँ। कहानी ज्यादा पुरानी नहीं है। जैसे भगवान पहले छप्पर फाड़ कर देता था इस बार भी दिया। कहानी की शुरुआत तब हुई जब मैं अपने एक दोस्त की शादी में जालंधर (पँजाब) गया था। तो […]
इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।
यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।
इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।
हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।