प्रेम गुरु की अनन्तिम रचना हज़ारों साल नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती है बाद मुद्दत के होता है चमन में दीदा-ए-वार पैदा ओह… प्रेम ! क्या तुम नहीं जानते प्रेम अँधा होता है। यह उम्र की सीमा और दूसरे बंधन स्वीकार नहीं करता। इवा ब्राउन और अडोल्फ़ हिटलर, राहब (10) और जेम्स प्रथम, बित्रिश (12) […]

आप सभी पाठकों को प्रेमशीर्ष का प्रेम भरा नमस्कार ! सबसे पहले मैं प्रेमगुरु का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने मुझे अपने दिल में जगह दी और मेरी कहानी को सम्पादित किया। मैं जमशेदपुर शहर से हूँ और आप सबने मेरी पहली कहानी जमशेदपुर की गर्मी पढ़ी होगी। कहानी के बाद आप सभी […]

लेखिका : मंजू मनचन्दा अन्तर्वासना के सभी पाठकों को नमस्कार। मुझे अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़ने में मजा आता है, सही पूछें तो मैं अन्तर्वासना की बहुत बड़ी फैन हूँ। बहुत दिन सोचने के बाद मैं यह कहानी आप लोगों के साथ शेयर कर रही हूँ, यह कहानी कैसी है, आप ही तय करके मुझे बताना। […]

योनि का इन्तजार तो हर लण्ड को रहता है पर मिलती किसी एक लण्ड को ही है। योनि की प्यास ना तो आज तक कोई मिटा पाया है और ना कोई मिटा सकता है। हजारों लण्ड प्रयास कर करके थक गए मगर असफल रहे हालांकि कुछ लण्डों के प्रयास सफल भी रहे मगर वो भी […]

मैंने अपना एक हाथ बाहर निकाल कर ऊपर किया और तर्जनी उंगली धीरे से कामना की गुदा में सरकाने की कोशिश की। ‘आह…नहीं…’ की आवाज के साथ वो कूद कर आगे हो गई, ओर मेरी तरफ देखकर बोली- आप इतने बदमाश क्यों हो?’ मैंने बिना कोई जवाब दिये अपने उंगली कामना की योनि में घुसा […]

मेरे पास अब सोचने का समय नहीं था। किसी भी क्षण मेरा शेर वीरगति को प्राप्त हो सकता था, मैंने आगे बढ़कर अपना लिंग उसके स्तंनों के बीच की घाटी में लगा दिया। मैं दोनों हाथों से कामना के स्तनों को पकड़कर लिंग पर दबाव बनाने लगा, असीम आनन्द की प्राप्ति हो रही थी, वो […]

मैंने एक तरफ से कामना का नाइट गाऊन उसके नीचे से निकालने के लिये जैसे ही खींचा कामना से अपने नितम्ब ऊपर करके तुरन्त नाइट गाऊन ऊपर करने में मेरी मदद की। मैंने कामना के ऊपरी हिस्से को बिस्तर से उठाकर नाइट गाऊन को उसके बदन से अलग कर दिया… और वो काम सुन्दरी मेरे […]

मैं मौके का फायदा उठाते हुए एकदम उसके पीछे आ गया, और पीछे से उसकी कमर में हाथ डालकर उसके पेट पर उंगलियाँ फिराने लगा। उसने खुद को कसकर दबा लिया। अब उसकी आँखें बंद, बाजू तनी हुई, होंठ फड़फड़ाते हुए, ऊ… ऊ… आहह.. ई… आह… सी… आहह.. सीईईई… की हल्की हल्की आवाज लगातार उसके […]

उसने रसोई की तरफ झांककर देखा और वहाँ से संतुष्ट होकर बोली- जीजू गुदगुदी होती है ! रहने दो ना !’ उनका इतना बोलना था, कि मैंने तुरन्त अपना हाथ पीछे खींच लिया, और चुपचाप टीवी देखने लगा। उसने बड़ी मासूमियत से मेरी तरफ देखा और पूछा- नाराज हो गये क्या?’ मैंने कोई जवाब नहीं […]

गौर से देखने पर मुझे अहसास हुआ कि कामना ने टॉप के नीचे कोई अधोवस्त्र नहीं पहना था, क्योंकि उन पहाडि़यों की ऊपरी चोटी पर स्थित अंगूर के दाने का अहसास हो रहा था, ऐसी अनुभूति हो रही थी जैसे वर्षों से प्यासे किसी राही को एक छोटे से जल स्रोत का पता चल गया […]

पिछले तीन दिनों की व्यस्‍तता के बाद भी आज मेरे चेहरे पर थकान का कोई भाव नहीं था आखिर आज मेरे घर मेरी स्वप्न सुन्दरी यानि ड्रीम गर्ल जो आने वाली थी। मैं आफिस से जल्दी घर आ गया और नहा धोकर अपनी पत्नी ‘शशि’ से तैयार होने को कहा। शशि बोली- कामना से मिलने […]

हाय फ्रेंड्स… यह मेरी पहली कहानी है अन्तर्वासना पर ! वैसे मैं अन्तर्वासना का बड़ा कायल हूँ। मैं एक साधारण सा दिखने वाला लड़का हूँ और अहमदाबाद में इंजीनियरिंग का छात्र हूँ। तो हुआ यूँ की एक दिन मैं डिनर करने के बाद अपने फ्रेंड के साथ हॉस्टल में जा रहा था तो वो बोला- […]

प्रेषक : लव लव सबको मेरा प्रणाम, मैं जालंधर का रहने वाला हूँ और अन्तर्वासना की सारी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ। और अब अपनी कहानी बताने जा रहा हूँ… अब मैं मेल्बर्न, आस्ट्रेलिया में सेट्ल हो चुका हूँ तो पहली कहानी यहीं की बता देता हूँ। मैं 32 साल का हूँ, शादी हो चुकी है […]

कहानी का पिछ्ला भाग: उतावली सोनम-1 सोनम ने मेरे लंड का सुपारा अच्छे से चाटा, फिर उसके मुंह में जितना अंदर हो सका उतना अंदर कर मेरे लंड को शांत करने के जुगाड़ में लगी। उसकी यह मेहनत कुछ ही देर में रंग लाई, मेरे लंड से भी माल छूट पड़ा। अब मेरा लंड मुंह […]

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार। मेरी लिखी हुई कहानियों को आपने पसंद किया, और अपनी अमूल्य राय से मुझे अवगत कराया इसके लिए आभार। आज मैं आपको जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ वह अभी हाल की है, और सही कहूं तो इसके लिए अन्तर्वासना ही पूरी तरह से बधाई का पात्र है। […]

आपने मेरी पिछली कहानी उमर ही ऐसी है ! में पढ़ा कि कैसे मैंने एक फ़्रेन्डशिप नेटवर्क के जरिये ज्योति नाम की लड़की से मजे किए। असल में ज्योति नाम की कोई लड़की थी ही नहीं, मैंने यह नाम बदल कर लिखा था क्यूंकि यह एक पब्लिक वेबसाइट है तो किसी का नाम मैं उजागर […]

प्रेषिका : मंजू सर्दी के दिन थे और शाम के करीब 7 बजे थे, लेकिन अँधेरा छा चुका था। मेरी माँ ने मुझे कहा- मंजू, जा तेल ले आ बाबू की दुकान से ! उसे कहना पैसे पिताजी दे देंगे ! मैं उदास मन से ही करियाने की दुकान पर गई क्यूंकि दुकानदार एक नंबर […]

जिस्म सिर्फ जिस्म की भूख जानता है प्यार करना जिस्म की आदत नहीं ! एक से जी भर जाए तो दूसरी अँधेरी राहों में जिस्म की तलाश करता ही रहता है। यह कहानी है जज्बातों की, यह कहानी है उम्मीदों की, और यह कहानी है सच्चे प्यार की तलाश की… बात उस वक़्त की है […]

प्रेषक : राजवीर उसका स्टॉप आ गया, वो अपने को ठीक करके जाने की तैयारी करने लगी, उस आदमी ने उसे अब तक नहीं छोड़ा था, उसकी गांड अभी भी मसल रहा था। एक आंटी जो सब देख रही थी, मैं उनकी तरफ देख के मुस्कुराया, वो भी जवाब में मुस्कुराई और वो भी उठने […]

प्रेषक : राजवीर हेल्लो दोस्तो, कैसे हो आप लोग ! आशा करता हूँ कि आप भी तैयार होंगे अपना अपना पानी निकालने के लिए ! एक लड़की थी, नाम पता नहीं क्या था उसका, पर मस्त लगती थी, अब आप ही बताइए रास्ते पे आ जा रही लड़की का नाम पता कैसे मालूम होगा, चलो […]

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