सहारनपुर की मस्त भाभी

हेलो दोस्तो, आपका प्यारा और सेक्सी चूतों का दीवाना फिर से हाज़िर एक अपनी मस्त और सेक्स से भरपूर कहानी लेकर…

सबसे पहले तो आप सब दोस्तों के प्यार का बहुत बहुत धन्यवाद… मुझे बहुत सारी मेल मिली जिनमें से बहुत सी मेल सेक्सी भाभियों और हॉट हॉट लड़कियों की थी… आई लव यू आल फॉर यौर सुप्पोर्ट… मुझे नहीं पता था कि इतनी जल्दी मैं इतना मशहूर हो जाऊँगा आप सब लोगों के बीच में…

अब बहुत हुआ आपको बोर करना… आते हैं असली कहानी पर…

मेरी पिछली कहानी जालंधर के होटल को पढ़कर मुझे बहुत सी मेल आई थी, जिनमें से एक मेल सहारनपुर से भी आई थी एक हसीना की ! वो एक तलाकशुदा भाभी थी… उसने मुझसे मेरे बारे में पूछा और मेरा नंबर माँगा। मैंने उसे अपना नंबर दे दिया लेकिन मुझे यकीन नहीं था कि वो मुझे कॉल करेगी क्योंकि उसकी बातों से मुझे कुछ अन्तर्मुखी किस्म की लगी थी वो !

लेकिन मैं बिल्कुल गलत था… मेरे से नंबर लेने के दो दिन बाद मेरे पास रात के 12 बजे एक फ़ोन आया, उस समय मैं सो रहा था, एकदम मेरी नींद खुली, मैंने अनजान नंबर देखा और कॉल पिक किया… उधर से कोई नहीं बोला… मेरे कई बार हेलो हेलो हेलो बोलने के बाद वहाँ से आवाज आई- हेलो !

और वो एक लड़की की और बहुत ही सेक्सी आवाज़ थी। उसने मुझे अपने बारे में बताया तो मुझे याद आया कि मैंने उससे मेल से बात की थी… उसका नाम था गीतांजलि, उसके पति कार दुर्घटना में एक साल पहले मर चुके थे और वो अकेली रहती थी…

उस रात उसने मुझे अपने बारे में बहुत कुछ बताया और मेरे बारे में पूछा। हमने सुबह के चार बजे तक बात की। पूरी रात हमने दोस्तों की तरह बात की, हमारे बीच में कोई भी सेक्स की बात नहीं हुई।

अगली रात को उसको फिर से फ़ोन आया और तब उसका अंदाज कुछ बदला बदला सा लगा, वो मुझसे मेरी कहानियों के बारे में पूछने लगी। उसने मुझसे बहुत कुछ पूछा कि रात को मैं सेक्स कैसे करता हूँ वगैरा…

धीरे धीरे वो गर्म होने लगी और मुझे कहने लगी- मुझे अभी सेक्स करना है !

लेकिन रात को तो वो सम्भव नहीं था तो हमने फ़ोन सेक्स किया… वो बहुत खुश हुई। इस तरह हमने कुछ दिन तक ऐसा ही किया। फिर उसने मुझे सहारनपुर आने के लिए कहा, मैंने कार्यक्रम बनाया। मैं तब तक सहारनपुर की तरफ गया ही नहीं था। मैंने दो दिन बाद जाने का निश्चय किया।

जब मैं सहारनपुर पहुँचा तो उसने मुझे वहाँ एक पार्क में मिलने को बुलाया। मैं वहाँ गया… वहाँ एक बेंच पर एक लाल रंग का सूट पहने एक लड़की बैठी थी। मैंने उसे पीछे से देखा, वो जैसे ही मेरी तरफ मुड़ी, मैं देख कर हैरान रह गया क्योंकि वो तो बहुत ही ज्यादा सेक्सी थी और उसके उरोज बहुत ही बड़े थे जो उसके कमीज में से बाहर निकल पड़ रहे थे… वो किसी भी नज़र से विवाहिता नहीं लग रही थी।

वहाँ से हम उसके घर के लिए चल दिए। वो अपनी कार लाई थी, वो मुझे अपने घर ले गई…

वहाँ उसने पहले से ही सभी तैयारी कर रखी थी। घर जाते ही उसने मुझे ड्राईंगरूम में बिठाया और अन्दर गई और गुलाबी रंग की पारभासक नाइटी पहन कर आई। उसने नाइटी के नीचे उसी रंग की ब्रा और पैंटी पहनी हुई थी, क्या कयामत लग रही थी…

जब वो आ रही थी, उसके वक्ष के उभार हिल रहे थे और उसकी कमर में गजब की लचक थी, वो बिल्कुल शराब की बोतल लग रही थी।

सच में दोस्तो, मैं तो मदहोश हो गया… गजब का सौन्दर्य था उसका यार…

फिर वो फ्रीज़ में से बीयर की बोतलें लेकर आई और आकर मेरी गोद में बैठ गई और अपने होंठ मेरे होंठों से चिपका दिए…

क्या मीठे मीठे लब थे उसके… एक लम्बा चुम्बन ! यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

हम दोनों एक दूसरे के होंठ चूस रहे थे, 15 मिनट तक करने के बाद हम बीयर का मजा लेने लगे। थोड़ी देर के बाद नशा चढ़ने लगा और उसने धीरे से अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया और उसे दबाने लगी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, मेरे ऊपर तो बीयर और उसके हुस्न का नशा चढ़ने लगा था, मैंने फ़िर से उसके लबों को अपने लबों में दबा लिया और चूसने लगा। मेरे हाथ उसके वक्ष पर थे… क्या नर्म गर्म मस्त स्तन थे उसके !

उसने जिप खोल कर मेरा लंड बाहर निकाल लिया और उसके साथ खेलने लगी। मैंने उसकी नाइटी को उतार दिया ! क्या गजब की कयामत लग रही थी वो… वो इतनी गर्म हो चुकी थी कि लोहा भी पिघल जाये… और मैं तो हुस्न का पुजारी हूँ ! मजा आ गया… फिर मैंने उसके पूरे बदन को चूमा… वो तो पागल ही हुए जा रही थी।

फिर मैंने उसकी ब्रा और पैंटी उतार दी, उसके विशाल स्तन और काले कुचाग्र कयामत ढा रहे थे… धीरे धीरे मैं चूमते हुए उसकी चूत तक पहुँचा… एकदम क्लीन शेव चूत थी उसकी… मैंने उसकी चूत को चूमा और उसके योनि-लबों को अपने होंठों में दबा लिया। क्या नमकीन सा स्वाद था…

थोड़ी देर उसकी चूत चाटने के बाद वो झर गई और उसका सारा पानी मैं चाट गया…

फ़िर वो उठी और मेरा लंड मुँह में लेकर पागलों की तरह चूसने लगी। वो ऐसे चूस रही थी कि जैसे कितने सालों की प्यासी हो…

हम दोनों 69 की अवस्था में थे और मजा ले रहे थे जवानी का…

यह करते हुए दोनों के मुँह से आह ! ऊह ! उफ़्फ़ ! जैसी सेक्सी आवाजें निकल रही थी …बहुत देर तक हमने एक दूसरे के यौनांगों को चाटा-चूसा। उसके बाद मैंने अपना चिपचिपा जीवन जल उसके मुँह में ही छोड़ दिया… वो बड़े मजे से उसे पी गई। फिर मैंने उठ कर उसकी चूत में दो उंगलिया घुसा दी, वो एकदम चिल्ला उठी, उसकी चूत बहुत कसी थी, मैं धीरे धीरे उसकी चूत को उंगली से चोदने लगा… पूरे कमरे में उसकी सेक्सी आवाजें गूंज रही थी- आउह… अह…उम्म… वो बोलने लगी- अब बर्दाश्त नहीं होता, घुसा दो इसमें जल्दी से ! यह एक साल से प्यासी है… आज इसको फाड़ दो… बुझा दो इसकी प्यास…

मैंने उसकी टांगों को अपनों कंधो पर रख उसकी चूत में अपना लंड घुसेड़ दिया… जैसे ही मैंने एक झटका मारा, उसकी आँखों से आँसू निकल गए लेकिन उसने कुछ नहीं कहा।

फिर थोड़ी देर रुक कर मैंने झटका मारा और पूरा लंड उसकी चूत में उतर गया, उसने अपने टाँगें मेरी कमर पर लपेट ली जैसे एक नागिन चंदन के पेड़ पर खुद को लपेट लेती है और अपने कूल्हे उछाल उछाल कर मेरा साथ देने लगी और सेक्सी आवाजें निकालने लगी… वो चिल्ला रही थी- आज फाड़ दो इसे ! खूब चोदो मेरे राजा… और जोर से और जोर से…

बहुत ही मजा आ रहा था उस समय… करीब बीस मिनट बाद मैंने अपना सारा वीर्य उसकी चूत में डाल दिया… इस बीच वो 2-3 बार झर चुकी थी…

थोड़ी देर तक हम एक दूसरे से लिपटे रहे, फिर वो उठी और फ्रेश होने क लिए बाथरूम की तरफ चल दी। मैंने उसे पकड़ा और अपनी बाहों में उठा लिया और बाथरूम ले गया… वहाँ जाते ही मैं उसे फ़व्वारे के नीचे लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया।

अब मेरा मूड उसकी गांड मारने का था। वो मना करने लगी लेकिन थोड़ी देर बाद वो मान गई, मैंने उसे घोड़ी बनाया और खूब सारा साबुन उसकी गांड में लगाया, लंड उसकी गांड पर टिका दिया और धीरे धीरे उसकी गांड में घुसाने लगा।

वो मजा ले रही थी लेकिन चिल्ला भी रही थी…

थोड़ी ही देर में लंड उसकी गांड में था। मैंने उसके चुच्चे दबा दबा कर उसकी गांड मारी, बहुत मजा आया… उसकी गांड मारने में तो उसकी चूत से भी ज्यादा मजा आया… बहुत ही तंग थी उसकी गांड… बहुत देर तक चोदने के बाद मैंने पूरा वीर्य उसकी गांड में छोड़ दिया…

वो बहुत ही ज्यादा खुश थी… बहुत दिनों बाद उसे दोनों तरफ से चुदाई करवाने का मौका जो मिला था… पूरी रात में हमने 3-4 बार चुदाई की… बहुत मजा आया दोस्तो… और सुबह मैं उसके घर से निकल गया…

दोस्तो, कैसी लगी मेरी यह कहानी? इसे झूठ मत समझना, यह मेरे जीवन की सच्ची घटना है।

मैं आपको एक बात बता दूँ कि मैं हर लड़की के साथ किये सेक्स की कहानी नहीं लिखता, अगर कोई लड़की मुझे कहती है कि उसे उसकी चुदाई की कहानी चाहिए तो ही मैं लिखता हूँ।

और कृपया करके मुझसे किसी भी लड़की का फ़ोन नंबर मत मांगें…

आपका प्यारा राहुल

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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