पायल एक रहस्य

यह उन दिनों की बात है जब मुंबई में बार-डांस जोरों से चल रहा था। मेरी बीवी मायके गई हुई थी। ऑफिस से आने के बाद घर पर करने को कुछ नहीं होता था। मेरे कुछ दोस्तों को डांस बार जाने की आदत थी। कई बार उन्होंने मुझे साथ आने को कहा पर मेरी हिम्मत नहीं होती थी। हाँ इच्छा जरूर होती थी।

एक दिन घर आकर जब मैं टीवी देख रहा था, तभी एक भड़कीला गाना आने लगा, सीन डांस बार का था। बस फिर क्या था- मैंने अपने दोस्तों को फ़ोन किया और पूछा कि वे कहाँ हैं। पता चला कि वो वाशी के सन्डे-बार में बैठे हैं। बस मैंने गाड़ी उठाई और वहाँ पहुँच गया। भीतर गया तो वहाँ का नजारा देख दंग रह गया। चारों ओर थिरकती लड़कियाँ रंग-बिरंगी रोशनी में वे बहुत सेक्सी लग रही थी। मैं अपने दोस्तों के पास बैठ गया और ड्रिंक्स आर्डर करके डांस देखने लगा।

थोड़ी देर बाद ५०० रुपये का छुट्टा मंगवा के कोने में खडी एक लम्बी सांवरी लड़की को इशारा किया मेरे सामने डांस करने के लिए। जैसे ही उसने डांस करना शुरू किया तो बाकी सब लड़कियां खुद डांस करना बंद करके उसे ही देखने लगी।

क्या लाजवाब डांस कर रही थी !

मुझ पर जैसे अजीब सा नशा छा रहा था। मैं पैग पर पैग पिए जा रहा था और उसके सेक्सी बदन को मन ही मन निर्वस्त्र करता जा रहा था।

न जाने कब उसने अपना नाम पायल बता दिया। एक एक करके मेरे दोस्त घर जाने लगे, पर मैं था कि उठने का नाम ही नहीं ले रहा था।

बार बंद होने को आया तो उसने कहा कि क्या मैं उसको उसके घर पर छोड़ सकता हूँ?

मैं तो नशे में था और पता ही नहीं चला कि कब मैंने उसके घर के सामने गाड़ी खड़ी कर दी। उसने मुझे अन्दर आने को कहा और मैं उसके पीछे चल पड़ा।

मुझे सोफ़े पर बैठा कर वो अन्दर फ्रेश होने चली गई। मैं इतने नशे में था कि कब मेरी आँख लगी मुझे पता ही नहीं चला, पर मुझे हल्का सा एहसास होने लगा कि कोई मेरे करीब आकर बैठ गया है।

धीरे धीरे मुझे अपने बदन से कपड़े निकलने का एहसास होने लगा। नरम नरम होंठ मेरे बदन को चूमने लगे। वे होंठ मेरी आंखें, मेरे होंठ, मेरे निप्पल्स, मेरी नाभि को चूमते हुए मेरे लण्ड की ओर बढ़ने लगे।

अब मुझे हल्का हल्का होश आने लगा। फिर उन होठों ने मेरे लंड को सहलाना शुरू किया। अहिस्ते अहिस्ते वो मेरे लंड को लोलीपोप की तरह चूसने लगी। नशे के बावजूद मेरा लंड में बहुत ज्यादा तनाव आ गया। उसने मेरे हाथ लेकर अपनी कड़क चुचियों पर रख दिया और मैं उन्हें धीरे धीरे मसलने लगा। उसके चूचुक तन गए। फिर वो मुझे उल्टा लेटा कर अपने वक्ष से मेरे बदन के हर हिस्से की मालिश करने लगी।

ऐसा लग रहा था कि मैं किसी जन्नत में आ गया हूँ। फिर वो मुझे पीठ के बल लेटा कर वापस मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर जोर जोर से चूसने लगी। इसके बाद उसने अपनी चूत को मेरे लंड पर रख दिया और धीरे धीरे उसे अपने अन्दर लेने लगी। मैंने तड़प कर जब अपने कुल्हे उठाने चाहे तो उसने मुझे ऐसे करने से रोक दिया।

मैं बेहाल होता जा रहा था पर उसे कोई हड़बड़ी नहीं थी, वो धीरे धीरे मुझे चोदने लगी। जैसे ही उसे एहसास होता कि मेरा झड़ने वाला है तो वो रुक जाती। ऐसा उसने कई बार किया।

फिर उसने मेरे मुँह में अपनी चूची डाल दी और जोर से चूसने को कहा। मेरे ऐसा करते ही वो मुझे जोर जोर से चोदने लगी, उसकी चूत टाइट होने लगी। इतनी टाइट की ब़स मजा आने लगा। २० २५ जोरदार झटके के बाद वो पागलों जैसे हो गई और और ऐसे लगने लगा कि वो मुझे पूरा का पूरा अपने चूत के अन्दर समां लेना चाहती है।

मेरा भी सब्र चरम पर पहुँच गया। फिर अचानक उसकी चूत एकदम से गीली हो गई और वो झड़ने लगी, मैंने भी अपना पानी छोड़ दिया। कसम से इससे ज्यादा पानी पहले कभी नहीं निकला था।

थकान के मारे मेरी आँखें बंद होने लगी। वो मेरे ऊपर से उतर कर मेरा लंड अपने मुँह में लेकर प्यार से उसे साफ़ करने लगी। ऐसा आनंद आने लगा कि कब नींद लगी पता ही नहीं चला। जब आँख खुली तो अपने आपको अपनी गाड़ी के अन्दर पाया। गाड़ी उसी बार के नीचे खड़ी थी। सुबह हो चुकी थी, खिड़की पर एक भिखारी आवाज लगा रहा था।

बहुत कोशिश के बाद भी कुछ याद नहीं आ रहा था कि मैंने किस घर में हसीं रात बिताई थी। बस हल्का सा पायल का चेहरा याद आ रहा था।

अगले दिन शाम को फिर दोस्तों के साथ उसी बार में पायल से मिलने गया तो पता चला कि वो किसी और बार में चली गई, पता नहीं कहाँ।

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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