मेरे दोस्त की गर्म बीवी

हाय, मैं एक 30 साल का आदमी हूं और दिल्ली मैं रहता हूं, मेरा एक दोस्त है जो कि रामपुर मैं रहता है और उसके भाई भाभी हलद्वानी मैं रहते हैं। वो पहले उसके ही साथ रहते थे पर अब कुछ चार साल से अलग रह रहे हैं।

ये कहानी करीब साढ़े चार साल पहले शुरु हुई थी मैं साल मैं एक या दो बार अपने दोस्त से मिलने उसके घर जाता था, सफ़र को पास करने के लिये मैं अक्सर नोवेल या सेक्स स्टोरी बुक्स ले लेता था। अपने दोस्त के पस्स जाने के बाद मैं अपना बेग ऐसे ही रख देता था पर एक दिन जब मैंने अपना बेग खोला तो मुझे अपनी सेक्स स्टोरी बुक नहीं दिखाई दी।

तब मैंने अपने दोस्त से पूछा तो उसने मना कर दिया कि उसने नहीं ली है तभी थोड़ी देर बाद उसकी भाभी जिसका नाम लवर(नाम बदला हुआ) था वो बोली कि तुम क्या ढूंढ रहो हो तब मैंने कहा कि मेरे एक किताब नहीं मिल रही है तब उसने कहा की कहीं तुम इस किताब को तो नहीं ढूंढ रहे हो तो मैं उसके हाथ मैं किताब देख कर चौंक गया तब उसने कहा कि मैं तो अकसर ही तुम्हारे बेग से किताब निकाल कर पढ़ती हूं पर इस बार तुम्हे पता चल गया।

इस तरह से उससे मेरा खुला हंसी मजाक (सेक्सी भी) शुरु हो गया। फिर कुछ दिनो बाद मेरे दोस्त के भाई और भाभी हलद्वानी चले गये।

फिर जब मैं करीब छह महीने के बाद अपने दोस्त के यहां गया तो दोस्त से मिलने के बाद मैं हलद्वानी चला गया अपनी लवर से मिलने। वहां जा कर देखा तो मेरे दोस्त का भाई टूर पर गया हुआ था पर लवर मुझे देख कर बहुत ही खुश हुई।

अब मैं समझ गया कि आज बहुत कुछ हो सकता है। पहले तो हम आपस मैं हंसी मजाक करते रहे फिर रात का खाना खाने के बाद उसने मेरा बिस्तर गेस्ट रूम मैं लगा दिया और खुद अपने बच्चे को लेकर अपने बेडरूम मैं चली गयी।

थोड़ी देर बाद वो मेरे रूम मैं दूध लेकर आयी तब मैं उसे देखता ही रह गया क्योंकि उस वक्त उसने हालांकि सलवार सूट पहन रखा था पर वो उस वक्त क्या लग रही थी मैं बयाँनहीं कर सकता। उसने मुझे एक नोटी स्माइल के साथ दूध दिया तो मैंने मजाक मैं कहा कि मुझे तो दो चूची वाली गाय का दूध पीना है। तब उसने हंस कर कहा कि पहले तुम इस तो पी लो फिर देखा जायेगा।

तब मैंने मन में सोचा कि आज तो मैं तुझे चोद कर ही रहुंगा। फिर दूध पीने के बाद वो मेरे पास आ कर बैठ गयी और मुझसे मजाक करने लगी तब मैंने कहा कि अब मुझे दो चूची वाली गाय का दूध पीना है तब उसने कहा कि मैंने कब मना किया है पर तुम्ही देर रहे हो।

सोरी दोस्तों, अभी मेरे बोस ओफ़िस में आ रहे हैं इस लिये मैं अपनी कहानी अधूरी छोड़ रहा हूं शेष जल्दी ही। 0129

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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