दरवाजे के पीछे का सच

सबसे पहले गुरुजी का धन्यवाद करना चाहूँगा जो मेरी कहानी बड़े घर की लड़की की बड़ी प्यास को अन्तर्वासना डॉट कॉम पर प्रकाशित किया और अपने सारे चाहने वालो को जिनमें महिलाएँ भी हैं, जिन्होंने मुझे मेल किया। मैं अपनी कहानी अन्तर्वासना पर देख कर बहुत खुश हुआ। सबने आगे की कहानी जानना चाही और मैं मजबूर हो गया कहानी बताने को…

अब मैं आगे बताता हूँ कि दरवाजे के पीछे क्या था..

मेरे प्यारे दोस्तो, दिल थाम कर बैठिये क्योंकि मैं अब जो बताने जा रहा हूँ इस बात पर शायद ही कोई यकीन करे, मगर यह सच है।

मेरे बारे में आप लोग जान ही चुके हैं मेरी पहली कहानी से कि मैं कितना गर्म इनसान हूँ और हमेशा ऐसी लड़की तलाश करता रहता हूँ जो मुझे अपनी चूत दे दे और मेरे साथ मज़े करे। मैं जब दिल्ली आया था तो मैं जिगोलो बनाना चाहता था क्योंकि चूत के साथ पैसा भी जरुरी होता है।

चलो छोड़ो, कहानी पर आते हैं !

आप जानना चाहते हैं कि दरवाजे के पीछे कौन था ?

राजेश ! कोमल ने कहा।

तो मैं डर गया- राजेश कौन ? कहाँ ?

कोमल खड़ी हो गई !

मेरा 9 इंच का लंड 3 इंच का हो गया मगर कोमल के चेहरे पर कोई डर नहीं था।

उसने कहा- ये मेरे पति हैं !

मुझे पसीना आ गया, मैंने कहा- मैं चलता हूँ !

तो उसने मुझे रोक लिया, कहा- नहीं ! उन्हें सब पता है ! उन्होंने ही ये सब करने को कहा था !

मैं उसके चेहरे की तरफ देख रहा था, मैंने अपने सारे कपड़े पहन लिए थे और मैं भागने को ही था, तभी राजेश अपने कमरे में वापिस चला गया, बस इतना कहा- सॉरी !

मैं कुछ समझ नहीं प़ा रहा था, मैं कुछ कहे बिना ही चला आया वहाँ से !

अगले दिन कोमल का फ़ोन आया, मैं यह सोच कर हैरान था कि आखिर हो क्या रहा है।

तभी कोमल ने बताया कि उसकी शादी हो चुकी है और वो उसके पति थे मगर उसके पति बच्चा देने में असमर्थ हैं इसलिए दोनों ने मिल कर यह योजना बनाई थी कि वो ऐसा करे। इसमें कोई डर भी नहीं था।

मैं उसकी मज़बूरी समझ सकता था और आप भी समझ गये होंगे कि कोमल ने बच्चा पाने के लिए यह सब किया।

तभी मैंने वादा किया कि मैं यह बात कभी किसी से नहीं कहूँगा। आज आप लोगों को बता रहा हूँ मगर वादा नहीं तोड़ा, मैंने उनका नाम और पता गुप्त रखा है।

उसके बाद मैं तब तक कोमल को चोदता रहा जब तक कि वो माँ नहीं बन गई ! और फिर हमेशा के लिए कोमल की जिंदगी से अलग हो गया।

दोस्तो, यह कहानी सेक्सी नहीं थी मगर किसी का दर्द तो बताती है।

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Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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