अप्सरा की चुदाई

सभी अन्तर्वासना के पाठकों के मोटे और छोटे लंड और प्यारी मीठी चूत को भौमिक का सलाम और नमस्कार !

यह मेरी पहली कहानी है इसलिए हो सके तो गुरूजी और पाठक मुझे माफ़ करें !

मुझे अन्तर्वासना में जो हंटर और नेहा वर्मा की कहानियाँ बहुत पसंद है !

यह कहानी आज से एक साल पहले की है !

पहले मैं अपने बारे में बता दूँ !

मैं एक मीडियम टाइप का आम लड़का हूँ और मेरा लंड एक आम लड़के जितना 6′ का ही है जो एक बार चलता है तो 30 मिनट तक नहीं रुकता !

हाँ, तो मेरी कहानी शुरु होती है मेरे शहर सूरत से !

यह एक बड़ा शहर है !

एक दिन मैं चैट पे बैठा था, तब मुझे एक लड़की मिली !

मैंने तो पहले अच्छी बात की पर बाद में वो सेक्स की बात करने लगी तो मैं भी उतर आया !

हालाँकि मैंने कभी किया नहीं था ! मैं सिर्फ ब्लू फिल्में देखता था !

तो उसने कहा- मैं सेक्स करती हूँ तो हमेशा लड़के का निकल जाता है ! मैं हर वक्त प्यासी रह जाती हूँ !’

मैंने कहा- तुम्हारा पाला अभी मुझसे नहीं पड़ा, वरना ऐसा नहीं बोलती !’

तो वो बोली- ऐसा है तो आ जाओ ! अगर मुझे शांत किया तो तुम जो मांगोगे वो मैं दूंगी !’

मैंने कहा- ठीक है ! मैं आ जाता हूँ !’

उसने मुझे अपना पता दिया !

फिर मैं रविवार को उस पते पर गया !

पर जब वो घर देखा तो वो घर नहीं महल था ! मुझे लगा मेरी तो किस्मत ही खुल गई !! चलो, पैसे और माल (लड़की) दोनों मिल गए !!!

घर में देखा तो वो लड़की ही थी ! उसने मुझे अन्दर आने को कहा !

मैं अन्दर गया तो उसके घर की क्या सजावट थी ?? कोई भी देखता रह जाये और हाँ ! उस लड़की को अगर कोई देख ले तो वो किसी और को न देखे ! ऐसी थी बिल्कुल जैसे स्वर्ग की अप्सरा !!! संतरे जैसे स्तन, फुटबॉल जैसी बढ़िया गांड, पूरी गोरी-गोरी पतली-पतली !!! खूबसूरत इतनी थी कि हाथ लगाओ तो मैली हो जाये !

फिर वो मुझे अपने बेडरूम में ले गई !

पहले तो मैं शरमा रहा था क्यूंकि अभी तक किसी के साथ कभी सेक्स नहीं किया था !

फिर वो पास आई और और मुझे किस किया !

अब मेरा सब्र भी टूट रहा था ! मैंने भी उसका साथ दिया और उसे किस करने लगा !

उसकी जीभ को अपनी जीभ से लड़ाता रहा और उसे सहलाते-सहलाते कब मेरा हाथ उसकी गांड और उसके वक्ष पर चला गया, पता ही नहीं चला !!!

मैं उसके स्तन दबाने लगा !

उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था!

वो इतनी उत्तेजित थी कि उसने खुद ही अपने कपड़े निकाल दिए और मेरे भी !

अब वो पूरी नंगी थी मेरे सामने !

कोई भी अगर उसे इस हालत में देखे तो वो अपना सब कुछ लुटाने को तैयार हो जाये !

खैर ! वो झुकी और उसने मेरे लंड को पकड़ा और उसे सहलाने लगी !

उसके सहलाने से मेरा लौड़ा खड़ा होकर एक डंडे जैसा हो गया !

उसने पहले मेरे लौड़े को किस किया और फिर उसे अपने मुंह में लेकर चूसने लगी !

मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था !

करीब 15-20 मिनट मेरा लौड़ा चूस-चूस के जब वो थक गई तो मैंने उसके पैर चौड़े किये और उसकी चूत खोल दी !

वाह ! क्या चूत थी उसकी !!!!

पूरी साफ़, बिना बालों वाली और गुलाब की पंखुडी जैसी कोमल !

मैंने उसकी चूत पर जीभ फ़ेरी और उसको चाटने लगा !

वो सिस्कारियां लेने लगी- सीईईईई ! हाय ! चूसो, चूसो, सीईईईइ सीईई ..हाय …!’

उसकी गूंजों से मैं भी बहुत जोश में आकर उसकी चूत और उसके दाने को चूसने लगा !

करीब आधे घंटे के बाद उसका पानी निकला और क्या चूत रस था??

नमकीन और सुगन्धित !!!

मैं उसका सारा चूत रस पी गया ! पर मैं तो अभी भी प्यासा था ! तो मैंने भी उसे पूरा तैयार किया और उसे बेड पे लिटा दिया !

मैंने उसके पैर चौड़े कर दिये और उसकी चूत पर अपना लंड रख दिया !

वो तैयार थी तो मैंने भी जम के शॉट मारा और तभी मेरी सोच से उल्टा हुआ !

मुझे लगा था कि मेरे जोर के शॉट से वो चीख पड़ेगी, पर खुद मेरे मुंह से ही चीख निकल गई !! क्योंकि मेरे लंड के सुपाड़े की चमड़ी फट गई थी तो वहां जलन होने लगी थी !

थोड़ी देर में जलन कम हुई तो मैं भी शुरू हो गया ! उसे जम के शॉट मारने लगा !

वो भी अपनी गांड उछाल-उछाल कर मेरा साथ देने लगी ! करीब 15 मिनट चुदाई करने के बाद मुझे लगा जैसे मेरा सारा बदन टूट रहा है और मैं जा रहा हूँ !

वो भी झड़ने वाली थी, तो उसने कहा- मेरी चूत में मत झड़ना ! अपना लौड़ा बाहर निकाल लो ! मैं इस सारे वीर्य को पी जाउंगी !

तुंरत ही वो झड़ गई और बहुत ही तेजी से आई !

वो झटके लेने लगी और मेरी पीठ पे अपने नाखून गाड़ने लगी !

वो झड़ गई तो तुंरत ही मैंने अपने लौड़े को बाहर निकाला और 5-6 मुठ में ही मेरा सारा वीर्य निकल गया !

वो मेरा सारा रस पी गई !

उस दिन हमने तीन बार चुदाई की और अब भी कभी-कभी चुदाई करते हैं, पर ज्यादा नहीं !

मुझे भी अब नई चूत की तलाश है !

उसके बाद मैंने उस लड़की की गांड भी मारी थी, पर वो बात फिर कभी !!

जब आप सबके मेल आयेंगे तब… !!!!

मेरा अपने पाठकों से आग्रह है कि अगर कोई भी गलती हो गई हो तो मुझे कृपया माफ़ करना और आपके उत्तर ज़रूर देना !! 1010

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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