इन्टरनेट की मस्त दोस्त

लेखक: यशु अग्रवाल हाय ! गर्ल्स ! भाभी ! आंटी ! यंग लडिस ! कॉलेज गर्ल्स !!

दोस्तों आज मैं आपको अपनी सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ. मैं अक्सर इन्टरनेट पर चाटिंग करता रहता हूँ. मैंने कई फ्रिएंड्स बनाये पर एक बार मेरे एक फ्रेंड बना जो की मेरे हे शहर का था. वो फ्रेंड एक २३ साल की शादीशुदा लेडी थी वो मुझसे बातें करने में इन्टरेस्टिड थी. हम काफ़ी टाइम तक एक दूसरे के फ्रेंड बने रहे.

फिर एक दिन उसने मुझे मिलने के लिए कहा. मैं मिलने के लिए तैयार हो गया. उस दिन बहुत तेज़ बारिश हो रही थी. मैं उनके घर पहुँचा और बेल बजाई तो मैंने देखा के सामने एक सेक्सी फीगर की लड़की खड़ी उसने ब्लैक कलर की शोर्ट नाईटी पहन रखी थी जिसमे से उसकी व्हाइट कलर की ब्रा साफ़ दिख रही थी उसके बूब्स तो ऐसे लग रहे थे जैसे अभी ब्रा फाड़ के बाहर निकल जायेंगे. मैंने अपना नाम बताया और अन्दर आ गया. मैं तेज़ बारिश के कारण बिल्कुल भीग चुका था. मेरे अंडरवियर मैं भी पानी चला गया था. मैं पहली बार किसी अजनबी लेडी के घर गया था इसलिए थोड़ा घबरा रहा था.

फ़िर उन्होंने मुझे चेंज करने के लिए कहा. मैं उनके पति के कपड़े पहन लिए. फिर हम दोनों ने काफ़ी बातें की. उसने बताया के उनके पति एक मल्टी नेशनल कम्पनी में काम करते हैं. जिस की वजह से काफ़ी दिनों तक बाहर ही रहते हैं. पर मेरा ध्यान तो उनकी जाँघों के बीच था जिसमे से उनकी ब्लैक कलर की पैंटी दिख रही थी उन्होंने मुझे देख कर कहा ये क्या देख रहे हो तुम में एक दम से डर गया. मैंने कहा- कुछ नही. उसने मुझे बड़े प्यार से कहा- नौटी बॉय. ऐसा सुनते ही मेरी हिम्मत बढ गयी. मैंने उसे कह दिया मैडम आपका फिगर बहुत सेक्सी है. उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा तो इसकी प्यास बुझा दो न मेरे पति पर तो टाइम नहीं है.

मैंने इतना सुनते ही उसके बूब्स पर हाथ रख दिया. हाथ रखते ही मेरा ८ इंच का लंड खड़ा हो गया. उसने मेरे होठों पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगी. में एक हाथ से उसके बूब्स दबा रहा था और दूसरा हाथ मैंने उसकी पैंटी में डाल दिया. उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी. मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और ख़ुद भी नंगा हो गया.

मैंने पागलों की तरह उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया. उसकी चूत गीली हो गयी थी. मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया. क्या रसीली चूत थी वो. मुझे ऐसा लगा जैसे जन्नत में आ गया हूँ.

फिर में खड़ा हो गया और उसके मुंह में अपना लंड डाल दिया. वो मेरे लंड को जोर जोर से चूसने लग गयी. मैं अब पूरे जोश मैं आ गया. मैंने उसे बेड पर लिटा लिया और उसकी चूत मैं लंड डालने की कोशिश करने लगा उसकी चूत अभी भी बहुत टाईट थी पहली बार ज़ोर लगाने पर उसकी चीख निकल पड़ी- आआअ आआअ आऐइ ईईईइ ऐईईइऊ ऊऊऊईइ ईईईई माआ आआआ.

मैंने दूसरी बार फिर ज़ोर लगाया जैसे ही मेरा आधा लंड उसकी चूत मैं गया वो जोर से चीख पड़ी फिर धीरे धीरे मेरा साथ देने लगी और उसे भी मजा आने लगा. मैं उसे ४० मिनट तक अलग अलग पोसिशन में चोदता रहा जब मेरे डिस्चार्ज होने वाला था तो मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और सारा माल उसके मुंह पर निकाल दिया. वो मेरे लंड को चूस चूस कर सारा माल पी गयी.

पर सॉरी दोस्तों में आपको उसका नाम नहीं बता सकता क्योंकि उसने मुझे इस बात को छुपाने के लिए कहा था!

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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