दोस्त की गर्लफ्रेंड की सहेली की चुदास

दोस्तो, आपको मेरी पिछली कहानी दोस्त की गर्लफ्रेंड को नंगी करके चोदा कैसी लगी? मैंने आपको बताया था कि झलक और मैंने साथ मिल कर खूब मजे किए थे। मैं बहुत खुश था.. क्योंकि कॉलेज के फर्स्ट इयर में ही सेक्स करने को मिला और अब कॉलेज में इवेंट्स होने वाले थे।

मुझे झलक ने बताया कि उसकी फ्रेंड ऋतु फैशन शो में हिस्सा ले रही है तो मैं फैशन शो के कार्यकर्ता के तौर पर बन गया। शाम को 7 बजे से फैशन शो शुरू हुआ.. चूँकि झलक का बॉयफ्रेंड दूसरे कॉलेज में था.. पर इवेंट्स देखने आया हुआ था तो आज मैं झलक से दूर ही बना रहा।

इतने में झलक अपने बॉयफ्रेंड जैनिश और फ्रेंड ऋतु को लेकर आई और हमारे कॉलेज के ग्रुप से मिलवाया। मैंने ऋतु को बोल दिया- मैं वॉलेंटियर हूँ, चलो तुम्हें मेकअप रूम दिखा दूँ।

अब फैशन शो चालू हो चुका था और अलग-अलग कॉलेज की लड़कियाँ हुस्न का जादू बिखेर रही थीं, उनको कम से कम कपड़ों में देख कर लड़कों की धड़कनें बढ़ती जा रही थीं।

इतने में ऋतु की भी बारी आई और हमने उसे तालियों से नवाजा.. और मैं अब उसको मिलने के लिए उसके रूम की ओर चल दिया। मैंने उसे लॉबी में से ही पुकारा और बोला- ऋतु नाईस परफॉरमेंस.. उसने ‘थैंक्स’ बोला.. पर उसकी लाजवाब फिगर और तंग कपड़े देखकर मेरा पप्पू पहले से ही तन गया था।

उसने कमरे में जाकर चेंज किया और बाहर आ गई। उसने शार्ट स्कर्ट और पीला टॉप पहना हुआ था.. मैंने बोला- यू आर लुकिंग गोर्जिअस.. तो उसने एक स्माइल दी और बोला- ज्यादा उड़ो मत.. मुझे झलक ने तेरे बारे में सब कुछ बताया है। मैं तो जैसे सकपका गया..

तो उसने बोला- कोई बात नहीं.. आई लाइक योर साइज़.. तभी उसने मेरी जाँघों पर भी हाथ फेर दिया.. और उसने मेरे गाल पर किस दे दिया। मैंने भी उसे होंठों पर किस किया.. और कोने में ले जाकर उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी और कस कर किस किया। तभी उसने अपने आपको छुड़ाया और बोली- कोई देख लेगा..

तो मैंने उसे वहीं रोका और अपने सीनिअर वॉलेंटियर से दूसरे कमरे की चाबी ले आया। हम दोनों ने अन्दर जाकर दरवाजा बन्द किया और एकदम से ही वो मुझ पर टूट पड़ी.. जैसे बरसों की प्यासी हो। उसने बोला- यार चिंटू.. आज प्यास बुझा दो.. मैं 3 महीने हो गये मस्ती किये, चूत सूखी पड़ी है, किसी से चुदी नहीं हूँ… मैंने कहा- कोई बात नहीं जान..

ऐसा कह कर मैंने उसके मम्मे टॉप के ऊपर से ही मुँह में ले लिए और उसके स्कर्ट के अन्दर उंगली करने लगा। उसने भी मेरी जिप खोल दी और उसमें से ही मेरे पप्पू को सहलाने लगी। मैं ‘आहें’ भरने लगा.. वो अब मेरे पप्पू को मुँह में लेकर बेतहाशा चूसती ही जा रही थी.. और मैं उसके सर को दबा रहा था।

करीब दस मिनट के बाद मैंने बोला- अब रहने दो.. नहीं तो मैं अभी ही झड़ जाऊँगा.. वो बोली- जान तुम्हें ऐसे ही कैसे झड़ने दे सकती हूँ.. यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

ऐसा कहकर वो टेबल पर लेट गई और अपनी चूत मेरे मुँह के आगे कर दी.. अब मैं उसकी चूत चूस रहा था और गाण्ड में उंगली कर रहा था.. मैंने उसकी चूत में बहुत सारा थूक भर दिया और उसमें अपनी जुबान डालने लगा.. जीभ से उसके दाने को सहलाने लगा।

मुझे उसकी क्लीन शेव चूत में से आती खुश्बू मदहोश किए जा रही थी, उसके मुँह से ‘आहें’ निकल रही थीं। अब वो लगभग चिल्लाने ही लगी थी- बस.. अब कर भी दो.. अब नहीं रहा जाता प्लीज..

मैंने अब उसके मम्मे पकड़ लिए और उसकी चूत पर अपना पप्पू टिका दिया और धीरे-धीरे अन्दर करने लगा। जब उसको दर्द नहीं हुआ तो मैंने एक झटका दिया और एक ही झटके से अन्दर डाल दिया। अब हम दोनों एक साथ ही चिल्ला दिए.. मुझे लगा कि जैसे मेरी चमड़ी कट गई हो.. और उसको भी कुछ ऐसा ही लगा था.. तो थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहे।

बाद में मैंने फिर से धक्के देना चालू किए और उसके मम्मे भी चूसता जा रहा था। साथ ही एक हाथ से उसकी गाण्ड में उंगली कर रहा था। उसकी बेचैनी बढ़ती ही जा रही थी.. वो मेरा सर अपने हाथों से मम्मों के बीच में दबा रही थी.. और बोल रही थी- आह.. फक मी न.. प्लीज़.. फक मी हार्ड.. आज फाड़ ही दो..

मैंने अब रफ़्तार बढ़ा दी तो वो ‘अह.. आह..’ करने लगी। मैंने बोला- ले मेरी जान.. और ले ले.. आज तो मॉडल को ही चोद दिया.. अब मेरे मुँह से गालियाँ निकल रही थीं और मैं उसकी गाण्ड में अब 3 उंगलियाँ डाल रहा था.. उसे जैसे-तैसे करके चौड़ी कर रहा था।

करीब 20 मिनट बाद उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया तो अब ‘फचक.. फचक..’ की आवाजें आने लगी थीं। उससे मेरा जोश और बढ़ गया और जोरों से मम्मों को दबाने लगा।

करीब 5 मिनट बाद मैं भी झड़ने वाला था.. तो मैंने उसको अपनी तरफ खींचा और अचानक उसके मुँह में ही झड़ गया.. अब हम दोनों थोड़ी देर ऐसे ही बैठे रहे। मैं अब उसकी गाण्ड बजाना चाहता था.. पर उसने कहा- नो यार.. पीछे की फिर कभी बजा लेना.. और मेरी पहली बार किसी को पीछे से बजाने इच्छा अधूरी रह गई।

हमने कपड़े ठीक किए.. वो मेरे नजदीक आई, उसने मुझे एक चुम्मा लिया और मेरे कान में ‘थैंक्स..’ बोल कर चल दी।

फैशन शो के बाद DJ नाईट थी तो उसमें मैंने उससे खूब छेड़ा और चुम्मा-चाटी भी की।

दूसरे दिन जब कॉलेज आया तो झलक ने मुझसे कहा- अच्छा माल मिला नहीं.. कि अपनी सबसे अच्छी दोस्त को भूल गए?? मैंने बोला- यार तुमको कैसे भूल सकता हूँ.. और तुम तो अपने बॉयफ्रेंड के साथ थीं.. तो उसने बोला- वो साला आग लगा कर चला गया.. और तुम ऋतु के पीछे ही लट्टू थे..

मैं हँस दिया.. तो उसने बोला- कुछ भी हो.. तुम्हें इसकी सजा मिलेगी.. मैंने कहा- अच्छा बाबा दे देना.. यह कह कर मैंने उसे चूम लिया।

अब उसकी सजा का रस आपको फिर अगले भाग में लिखूँगा। अपने ईमेल जरूर भेजिएगा। [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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