मैं कोई काम मुफ़्त में नहीं करता

मेरा नाम राज है, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ, मैंने सारी कहानियाँ पढ़ी हैं. अब मैं आपको अपनी सच्ची कहानी लिख रहा हूँ.

तो बात एक महीने पहले की है जब मुझे पैसों की जरूरत थी, मैं काम की तलाश में यहाँ वहाँ भटक रहा था.

एक बार रात के करीब दो बजे रेलवे स्टेशन पर मैं गाड़ी की राह देख रहा था, एक कोने में बैठा था, तभी एक औरत आई और मुझसे पूछा- कहाँ जाओगे? मैंने कहा- मुझे गुजरात जाना है, गाड़ी का इंतजार कर रहा हूँ, आपको कहाँ जाना है? तो उसने बताया- मैं कहीं नहीं जा रही, मुझे तो किसी का इंतज़ार है. थोड़ी देर बाद वो बोली- अकेले हो? मैं- हाँ! फिर वो बोली- मेरे साथ चलोगे? मैं- कहाँ? तो उसने बताया- सेक्स करने!

मैं उसकी ओर देखता ही रह गया. फिर मैंने सोचा कि अच्छा मौका है पैसे कमाने का, मैंने कहा- मैडम मैं कोई काम फ्री में नहीं करता. तो उसने कहा- अगर तुम मेरे सेक्स गुलाम बनो तो? तो मैंने उसे हाँ कहा और कहा- मैं पैसों के लिए कुछ भी कर सकता हूँ! फिर उसने कहा- तो चलो फिर!

हम स्टेशन से निकले और वो मुझे एक कार तक लेकर गई और मुझे उसमें बैठने को कहा.

हम निकल पड़े और फिर थोड़ी देर बाद गाड़ी एक होटल पर रुकी. हम होटल में गये, उसने एक रूम लिया, हम रूम में गये और फिर उसने अपनी साड़ी उतार दी, मुझे अपने पास बुलाया और बाहों में लेकर मुझे चूमने लगी. फिर मेरी कमीज़ उतार दी, मैंने उसके मुलायम होठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे चूमने लगा, उसके होठों का रस पीने लगा.

फिर उसने मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरे लण्ड को अपने हाथ ले लिया और उसे दबाने लगी. मैं उसके चूचे दबाने लगा. और फिर उसने नीचे बैठ कर मेरी पैंट खोली और मेरे लण्ड को अपने मुख में ले लिया और चूसने लगी.

मैं उसके बाल पकड़ कर अपने लौड़े से उसका मुखचोदन करने लगा, और वो भी साथ देने लगी. फिर उसने मेरे कूल्हों पर अपने दोनों हाथ रखे और मेरे लण्ड को पूरा अपने मुख में लिया और जी भर कर चूसने लगी और फिर दस मिनट चूसने के बाद उसने अपने कपड़े उतारे. मेरे सामने अब वो पूरी नंगी थी, उसे देख कर मैं पागल सा हो गया. क्या बदन था साली का!

मेरा लंड अब सलामी देने लगा पर उसने मुझे नीचे बिठाया, अपना एक पैर बिस्तर पर रखा और मेरे सिर को पकड़ कर मुझे अपनी चूत चाटने को कहा.

मैंने उसकी चूत में जैसे ही अपनी जीभ डाली, उसने मेरा सिर ज़ोर से पकड़ कर अपनी चूत में दबाया और मैं उसकी चूत के होठों को अपने दांतों तले चबाने लगा. वो पागलों की तरह मेरे बालों को पकड़ कर अपनी चूत पर मेरे मुँह को रगड़ने लगी.

मैंने 5-7 मिनट तक उसकी चूत को चाटा, फिर उसने मुझे उठाया और अपने उरोज मेरे मुँह में रखे, मैं अपने दांतों तले उसकी छोटी छोटी काली काली निप्पल को चबाने लगा.

वो अब ज्यादा गर्म हो गई. फिर उसने मेरे लण्ड को थूक लगाया और मुझे अपने ऊपर चढ़ाया और मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत पर रखा, मैंने ज़ोर से धक्का मारा तो आधा लंड घुस गया और वो चिल्ला उठी.

मैंने कहा- क्या हुआ? तो कहने लगी- पिछले दो महीनों से चुदी नहीं मैं! मैं प्यासी हूँ, मेरी प्यास बुझा दो! फिर मैंने कहा- तुम चिंता मत करो, आज मैं तुम्हारी प्यास बुझा कर रहूँगा.

मैंने ज़ोर से दूसरा धक्का मारा और पूरा लंड उसकी चूत में चला गया. वो मेरा साथ देने लगी, हम दोनों ज़ोश में आ गये. मैं ज़ोर जोर से शॉट मारने लगा और वो उछल उछल कर मेरा साथ देने लगी.

फिर करीब बीस मिनट चोदने के बाद उसने मेरा लंड मुँह में लिया. मैंने उसकी चूत पर मुंह लगाया, वो मेरा लंड चूसने लगी और मैं उसकी चूत चाटने लगा.

हम 69 पोजीशन में आ गये. फिर कुछ देर बाद वो घोड़ी बन गई, मैंने उसके पीछे से अपना लंड डाला और चोदने लगा. वो भी मजे से मेरे साथ झटके मार रही थी.

मैं अब झड़ने वाला था, मैंने उसे बताया कि मैं झड़ने वाला हूँ तो उसने कहा- मेरे मुँह में अपना वीर्य दो!

मैंने उसकी चूत में से अपना लण्ड निकाल कर उसके मुँह में दिया और उसने सारा वीर्य अपने मुँह में ले लिया और फिर उसने अपनी चूत मेरे मुँह में रख कर मेरे मुँह में अपनी चूत का सारा पानी छोड़ा.

थोड़ी देर बाद वो उठी और दोबारा मेरे लंड को चूसने लगी. उस रात मैंने उसको तीन बार चोदा. सुबह दस बजे हम उठे और उसने जाने से पहले मुझे दस हज़ार रुपए दिए और मेरा मोबाइल नंबर लिया. फिर मैंने बाहर आकर फ़ैसला किया कि अब मैं एक ही काम करूँगा, प्यासी औरतों की प्यास बुझाऊँगा और पैसे कमाऊँगा.

तो बताएँ कि मेरी कहानी कैसी लगी. [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

Read All Stories by Ananya Verma
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!