वो अक्षत योनि की क्षति -2

मेरी पिछली कहानी वो अक्षत-योनि की क्षति -1 प्रकाशित हुई थी। उसी कहानी की आगे की हकीकत मैं सम्मानीय पाठकों के सामने रख रहा हूँ।

सपना ने मुझे फोन कर के उसी स्थान पर बुलाया जहाँ से एक दिन पहले उसने मुझे लिया था। फार्म-हाउस पर जाने के बाद मैं अपनी बात पर अड़ गया कि पहले अपनी हकीकत बताओ कि वास्तव में तुम अभी तक शादीशुदा होते हुए भी कुँवारी क्यों थी?

पहले तो सपना ने ना नुकुर किया पर मेरे व्यहार और आगे से हर बार बुलाने पर आने के वादे पर सपना ने मुझे अपनी कहानी कुछ इस तरह बताई-

मैं शुरू से ही सीधी सादी लड़की थी। मेरे पापा मम्मी और मैं बस हम तीनों ही दिल्ली में रहते थे। पापा का लम्बा चौड़ा बिजनेस था। मैं शुरू से ही गर्ल्स स्कूल में पढ़ी। मेरा भी सपना था कि मेरी भी शादी होगी। मेरा भी पति होगा मेरा अपना परिवार होगा।

और बहुत सारे सपने लेकर मैंने अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। पोस्ट-ग्रेजुएशन में मेरी लगभग सारी सहेलियाँ अपने अपने बॉयफ्रेंड के साथ जवानी का आनन्द ले रही थी किन्तु मैंने अपना सब कुछ अपने पति के लिए बचा के रखा। मेरी भी बहुत इच्छा होती थी किन्तु अपनी हैसीयत, अपना स्टेटस और सबसे बड़ी बात अपनी मम्मी का देखते हुए बड़ी मुश्किल से अपने आप को रोक कर रखती थी।

फाइनल तक आते आते मेरी शादी इन्दौर के रवि नामक लड़के से तय हो गई। उसी के साथ मेरे सपने और बढ़ गये। हमारी सगाई हो गई और कुछ महीनों में ही हमारी शादी हो गई।

शादी के ठीक तीसरे दिन जब हमारी सुहागरात थी, उसी रात को मुझे मेरे पति रवि की असलियत पता चली। असल में मुझे पहले विश्वास नहीं हुआ कि मेरा पति इतना सुन्दर होते हुए भी नपुंसक होगा। सुहागरात को जहाँ रात भर जी तोड़ चुदाई होती है, वहीं मेरे पति शराब पीकर पड़े थे। मैं रात भर रोती रही। सुबह उठ कर जब मैंने देखा- रवि ऑफिस निकल गए।

मैंने तुरंत अपने घर फोन लगाया। मैं अपनी मम्मी से बात कर ही रही थी कि मेरी सास मेरे सामने आ खड़ी हुई। मैं चाह कर भी अपनी पूरी बात अपनी मम्मी को नहीं बता पाई। मेरी सास मुझे हाथ पकड़ कर अपने बेडरूम में ले आई और हाथ जोड़ कर मेरे सामने अपने ओहदे, इज्जत, खानदान के नाम का वास्ता दे कर मुझे चुप करने की कोशिश करने लगी। और रोते रोते उसने मुझे बताया कि आज से दस साल पहले रवि का भयंकर एक्सीडेन्ट हो गया था और मरते मरते बचा था। डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद ही बता दिया था कि अब रवि कभी भी संभोग नहीं कर सकेगा। एक तरफ हमारे इकलौते बेटे के बचने की खुशी थी, दूसरी तरफ इस बड़े खानदान के वारिस के नपुंसक होने का दुःख।

मैंने डॉक्टर से बात की तब उन्होंने कहा- आजकल मेडिकल फर्टीलिटी फेसेलिटी बहुत है। आप चिंता न करें आप रवि की शादी कर देना। रवि तो फर्टिलाइट नहीं कर पायेगा पर हमारे पास फर्टिलिटी की सारी सुविधाएँ हैं।

और हमने यही सब कुछ सोच कर रवि की शादी तुमसे की है। तुम जरूर मां बनोगी। अब इस पूरे खानदान की बागडोर तुम्हारे हाथ में ही है। मैं उस समय चुप हो गई किन्तु आखिर मैं भी एक लड़की हूँ मेरी भी कुछ भावनाएँ हैं, कुछ इच्छाएँ है ! क्या करूँ? मेरे पास रूपए-पैसे और ऐशोआराम किसी की कोई कमी नहीं थी, कमी थी तो बस इस शारीरिक सुख की, जो तुमने मुझे दिया। अब मुझे कोई कमी नहीं है।

मेरी यहाँ एक पक्की सहेली मीना है उसी से मैं अपनी सारी बातें कर लेती हूँ। उसी ने आपका कान्टेक्ट नम्बर दिया था किन्तु बहुत काल करने के बाद भी आप से कान्टेक्ट नहीं हुआ तो मैंने मेल करके आपको अपना मोबाईल नम्बर दिया और कहा कि आपसे मिलना चाहती हूँ।

अजय आज पूरी रात मैं और तुम हैं। आओ बरसों से मैंने जो सपने अपने पति के लिए देख देख कर इस जवानी को सम्भाला है, आज फिर मैं अपने आप को तुम्हारे हवाले कर रही हूँ।

और इस तरह पूरी रात मैं सपना के सपने को साकार करता रहा। उस रात करीब पांच बार लम्बा सम्भोगों का दौर चला। इस संगमरमर की मूरत को हर बार मैंने संतुष्ट किया। और सुबह अपनी फीस और चुम्बन के साथ वहाँ से सपना को लेकर निकला। भंवर कुआ आकर हमने नाश्ता किया और वो मुझे गीता मंदिर स्केयर पर छोड़ कर चली गई ।

मैं सीधे घर गया, शावर बाथ लिया और सोने की तैयारी में था। तभी मैंने सोचा कि एक बार मेल चेक कर लूँ। तभी सारिका नाम की महिला (परिवर्तित नाम) का मेल मेरे इनबाक्स में था जो कि उज्जैन से थी।

इस संभोग लीला का अक्षरशः वर्णन अगली कहानी में आपको मिलेगा।

दोस्तों ‘अक्षत योनि की क्षति’ एक कहानी नहीं सच्चाई है, वास्तविकता है । इस कहानी को लेकर मेरे पास बहुत से मेल आए, सभी को धन्यवाद !

आपके मेल की प्रतीक्षा में आपका अजय शर्मा [email protected] 1236

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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