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पति के सामने शेख ने चोदा

इसने पति को बोला – सिगरेट है? पति बोला – नही है. वो बोला – लेके आओ ना. मैं पति को देखने लगी. पति ने पूछा कौन सा. फिर उसने एक ब्रांड का नाम बता दिया. पति बोला – ये सिगरेट यहाँ आसपास नहीं मिलती है. बाज़ार जाना होगा. उसने जेब से ५०० का नोट निकाला और बोला – जाओ, बाज़ार ले लाओ. तब तक हम प्यार करते है. पति बोला – ठीक है. पैसे है मेरे पास. और जाने की तैयारी करने लगा. इतने में उसने मेरा ब्लाउज निकाला और बूब्स चूसने लगा. पति ये सब देखते हुए चला गया. जैसे ही पति चला गया, मैंने अपने दोनों हाथो से अपने बूब्स को पकड़ा और उसके मुह में ठुसने लगी. वो मेरी जांघो पर हाथ घुमा रहा था आहाहाह अहहहः आआआ.. उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने पायजामे के ऊपर लंड पर हाथ दबाया. sexkahaniya

मैंने पायजामे के ऊपर से लंड मुठ्ठी में पकड़ लिया. हाई… क्या मोटा लंड था. मेरे मुह में तो बस पानी ही आने लगा था. मैं मन ही मन में उसको अब मुह में लेकर चुसना चाहती थी. आहाहाहा अहहहः.. अब वो मुह में मुह डालकर किस करने लगा और मेरी साड़ी खीचने लगा. मैंने भी नीचे हाथ डालकर पेटीकोट का नाडा खोल दिया. उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मुझे पूरा नंगा कर दिया. फिर वो नीचे बैठ गया और मैं सोफे पर. उसने मेरे पैरो को फेलाया और चूत में मुह लगा दिया. आआआ आआआ … उसकी जीभ क्या मस्त थी. मैं तो उसकी जीभ के लगते ही उछल पड़ी. अहहाह अहहहः अहहहहः मस्ती भरी आहे मेरे मुह से अब निकलने लगी थी. मैंने उसके दोनों हाथ अपने बूब्स पर रख दिए और वो उनको मस्ती में दबोचने लगा और मैं उसका लौड़ा दबा रही थी.

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अब वो खड़ा हुआ और उसने अपना तना हुआ लौड़ा मेरे होठो पर लगा दिया. फिर उसने अपना पायजामा और अंडरवियर उतार दिया और उसका मोटा गोरा लौड़ा देख कर, मेरे मुह से चीख निकल गयी – हाई रे, इतना मोटा लंड है आपका! इसको तो चार हाथ लगंगे पकड़ने को. गधे जैसे मोटा लम्बा और घोड़े जैसा सख्त खड़ा. वो पूरा नंगा हो गया और उसका सारा शरीर चाटने को मन कर रहा था मेरा. वो लंड मेरे मुह पर मारने लगा. मैं उतावली हुई जा रही थी लंड मुह में ले को. उसके लंड की स्मेल मदहोश कर देने वाली थी. आखिर मैंने लंड को पकड़ कर मुह में ले लिया और चूसने लगी.

उसका लंड मेरे मुह से बाहर आ रहा था. उसने मेरे बालो को पकड़ा और अपने लंड को जोर – जोर से अन्दर ठुसने लगा. उसका लंड मेरे गले तक जा रहा था. मैं भी कुछ कम नहीं थी, पूरा मज़ा उठाना चाहती थी. फिर उसने मुझे लेटा दिया और मेरी चूत को चाटने लगा.मेरे पैर अपने कंधो पर रख लिए और लंड चूत रखा. मैं उसे देखने लगी और इतने में, मैं चिल्लाई आआआआआआअ आआआआआआ ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उह्ह्ह्हह्ह्ह्हह आआइऐऐऐऐऐ म्मम्मम्मम्म hhhhhhhhhhhh आअहहहैईईईई मर गयी…. अहहहहः अहहहहः और वो झटका देता रहा.. एक एक सील तोड़ कर उसने अपना लंड मेरे गर्भाशय को टक्कर मार रहा था.

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मेरी जीभ निकल गयी थी और मैं चिल्ला रही थी. अब लंड पूरा अन्दर तक घुस गया था. फिर वो खीच – खीच कर धक्का मार रहा था. वो खड़ा था और मैं आधी बैठी हुई थी. वो मेरे बूब्स पर हाथ दबाते हुए कस कस कर शॉट मार रहा था. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. दर्द तो बहुत हो रहा था, लेकिन मज़ा भी बहुत ज्यादा आ रहा था. मेरा दिल उस दर्द को सहन करके खुश था और मैं मन ही मन बोल रही थी.. कोई बात नहीं.. फाड़ दे मेरी चूत… फाड़ दे पूरी की पूरी.. अहहहः अहहहः अहह्ह्ह्ह ऊऊउगुगुगू ऊऊफ़ुफ़ुफ़ूउफ़्फ़्फ़्फ़.. अआव्व्व्व आआआअ शेख साहब.. सेख्ह्ह्हह्ह्ह्ह साब्ब्बब्ब्ब्बब्ब्ब.. sexkahaniya

मैं ये सब बोलकर चिल्ला रही थी. वो पूछने लगा, अच्छा लग रहा है? और कस कर मारू? मैंने उसको अपनी मुंडी हिलाकर हाँ में जवाब दिया और बोला – हाँ, हाँ मारो… कितने भी जोर से मारो… मैं तेरी ही हु.. और शेख दनादन मुझे चोदे जा रहा था. मैंने अपनी गांड को उछाल रही थी और मस्ती में उसके लंड को पूरा अन्दर ले रही थी. अहहः अहहहः अहहः चीईईईईईईइर्र र्र्र्रर्र्र्र र्रर्रर्रर र्र्रर्र्र्रर्र्र र्र्र्रर्र्र्र मेरी चूत में से आवाज़ आने लगी थी. उसका अब छुट गया था और उसने अपने गरम लावे से मेरी चूत को पूरा भर दिया था. अब मेरा पति भी वापस आया गया. हम दोनों तो एक दुसरे को चूमने में बीजी थे, तो उसको देखा नहीं. वो खासने लगा.

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अब मुझे मालूम हो गया, कि मेरा पति आ गया है. लेकिन मैं अभी भी जान बुझ कर उसकी चूमती रही और उससे लिपटी रही. मैंने उससे अपने को दबाने को बोलती रही. वो भी मुझे चूमता रहा और मेरे मम्मो को दबाता रहा. आखिर में हम खड़े हुए. मैंने पति को बोला – कब आये तुम? साले आवाज़ तो दे देते. कुछ अक्ल है के नहीं तुझे. उसका माल से भरा हुआ लंड मैं अपने पति के सामने पूछने लगी. अब वो भी मेरे पास बैठा और कंधो पर हाथ रख कर पति को बोला – क्या माल रखा है तुमने. इसे तो ऐसे ही लंड चाहिए. और मुझे देख कर बोला – क्यों? मैं शर्मायी और मुझसे पूछने लगा – अच्छा लगा ना.

मैं बोली – हाँ. उसने मेरे पति को बोला – मस्त है यार तेरी बीवी. और भी चुदवाना चाहती है और मुझसे पूछा – क्यों? मैं चुप रही और वो पति के सामने बार – बार पूछता रहा. मैं बोली – यहाँ नहीं. बेडरूम में चलते है. उसने तुरंत अपनी बाहों में भर लिया और मुझे उठाकर बेडरूम में चला गया. मेरे पति ने कहा – सिगरेट तो ले लो. मैंने अपने बेशर्म पति से कहा – कुछ नहीं चाहिए उसे चूत के सिवा. तू बाहर बैठ. अगर हम बाहर आ जाए, तो तू किचन में चले जाना. उसका कोई भरोसा नहीं. वो मुझे घर भर में कुतिया बना कर चोदने वाला है. देखा है ना उसका लंड… वो मुझे रात भर से पहले नहीं छोड़ेगा.

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तुम डरो मत. मैं भी कम नहीं हु. मुझे कुछ नहीं होगा. तू किचन में सो जा और इतने में शेख ने मुझे खीच लिया बेडरूम में. मैं बेडरूम में गयी और रात भर वो मुझे चोदता रहा. कभी खड़े – खड़े, कभी पीछे से, कभी गोद में उठा कर और कभी कुतिया बनाकर. फिर वो पूरी रात चोदने के बाद सुबह चले गया करीब दस बजे. मेरे पति मेरे पास आये और बोले मैं ऑफिस जा रहा हु. उसने कितने पैसे दिए? मेरे पति ने पूछा?

मैं बोली – मुझे तो कुछ नहीं दिया, तेरे साथ सौदा हुआ था. तूने पैसे लिए बैगेर उसे मुझे चोदने दिया. अरे साले.. उसने तुझे बेफ्कुफ़ बनाया. पूरी रात मलाई तो खा गया, वो भी बिना कुछ दिए. मैंने उसको कहा – जा भाग कर गेस्ट हाउस जा. शायद मिल जाए. मेरा पति जब पंहुचा, तो शेख वहां से निकल चूका था. मैं मन ही मन में बोली – लाख रुपये दे कर भी मुझे ऐसे लंड नहीं मिलता. जो हुआ अच्छा हुआ. मैं अब रोज पति को बोलती.. देख साले… उसने मुझे किस तरह से खीच कर चोदा और मैं चिल्लाती रही आआअ आआअ..

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