पड़ोस की नई नवेली दुल्हन गांड उठा कर चुदवाने लगी

मैं कौशल बोकारो का रहने बाला हु, मुझे मौका मिला था एक नयी नवेली दुल्हन का जो की मेरी पड़ोस की भाभी लगती थी, मैं आपको पूरी कहानी सिलसिले बार तरीके से पेश कर रहा हु. मीना भाभी नयी नवेली सेक्सी बम लगती है, शरीर इतना सेक्सी की कोई भी देख ले तो बिना मूठ मारे नहीं रह सकता. Pussy Fuck

बड़ी बड़ी चूची, सुराही के तरह पेट, गांड चौड़ा सॉलिड गोल गोल जांघे, नैन नक्स और होठ के क्या कहने होठ के जगह पे ऐसा लगता है की गुलाब की पंखुड़ी रख दी हो. शादी के हुए १२ दिन ही हुए थे की उनके हस्बैंड की छुट्टी खत्म हो गयी थी.

वो दिल्ली में रहता था इसवजह से वो दिल्ली के लिए रवाना हो गया, घर में उनकी बूढी सास और बहु रह गयी थी, शायद हस्बैंड इतना पैसा भी नहीं कमाता था की दिल्ली में तुरंत उनको रख सके. मेरा घर उनके घर के सामने था, वो मैं अपने रूम के खिड़की से उनको देखता था, और वो मुझे मुझे अपने खिड़की से देखती थी.

मैं उनके शादी के पहले उनके घर आया जाया करता था, पर जब से शादी हुयी तो मुझे अच्छा नहीं लगता था उनके यहाँ जाना बंद कर दिया था. पर मुझे भाभी की सास (मैं चाची कहा करता था) वो बोली कौशल क्या बात है बेटा आजकल तुम आ नहीं रहे हो भाभी से शर्म आती है क्या.

मैंने कहाँ नहीं नहीं चाची ऐसी बात नहीं है, तो चाची बोली चल अभी मेरे साथ, मैं उनके साथ उनके घर पे गया. भाभी आईने में अपने आप को संवार रही थी, वो अपने पल्लू को ठीक कर रही थी, उनका पीठ मेरे तरफ था पर आईने में उनका बिना पल्लू के बड़ी बड़ी चूच जो की टाइट ब्लाउज से बाहर आने की कोशिश कर रहा था.

चूच के बीच में जो एक लम्बी लकीर बनी हुयी थी वो मेरा मन मोह रहा था, फिर वो तैयार हो गयी और चाची बोली बहु अपने देवर के लिए चाय बना लो. वो रसोई में गयी और मेरे लिए और अपनी सास के लिए चाय ले आई जब वो मेरे हाथ में चाय दी तो एक हलकी सी मुस्कान बिखेरती हुयी चली गयी.

पता नहीं मुझे क्यों वो अच्छी लगने लगी, फिर उस दिन के बाद मैं रोज उनके घर जाने लगा, पर मेरे मन में सिर्फ उनसे बात करने की ही इच्छा होती थी, मन में कभी सेक्स की भावना नहीं आया था, एक दिन मैं दोपहर को उनके घर गया तो पता चला चाची अपने मायके गयी थी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

भाभी अकेली थी, मैं बैठ के बात चित करने लगा, वो दरवाजे के चौखट पे बैठी थी मैंने रूम में उनके पलंग पे था. जब मैं वापस आने लगा वो मेरे लंड को छू दी, मैं छटक के अंदर आ गया, वो हसने लगी, मैंने कहा क्या मजाक है तो बोली, मैं तो छू कर देख रही थी की कितना बड़ा है.

मैंने कहा प्लीज छूना मत और मैं फिर रूम से निकलने की कोशिश की पर वो फिर छू दी, मैंने कहा मैं भी वही करूँगा, तो बोली मेरे पास तो वो नहीं नहीं जो आपके पास है आप क्या छुओगे, तो मैंने कहा आपके पास भी तो छूने की चीज़ है जो ब्लाउज के अंदर है.

वो बोली अच्छा छू कर दिखाओ और वो रूम के अंदर चली गयी, मैंने उनके पीछे गया वो शर्माने लगी और बैठ गयी और अपने चूच को अपने गोद में छुपा ली और हाथ से भी धक ली. मैंने पीछे से उनके चूच के पकड़ने में कामयाब हो गया.

मैंने उनके बूब को जैसे ही दबाया वो ऊपर देखि और अपने होठ को दांत से दबाई, मेरा लंड खड़ा हो गया, मैं भी बैठ गया और पीछे से उनके चूच को दबाने लगा और मैंने गाल को चूमने लगा वो कामुक हो गयी थी, उनकी चूड़ियाँ खनक रही थी, वो मेरे फेस को टटोल रही थी.

वो बोली दरवाजा बंद कर लो, मैं उठा और दरवाजा बंद कर दिया, वापस मूड कर देखा वो भूखी शेरनी की तरह बाल बिखरे साडी का आँचल निचे वो चुदने का इंतज़ार कर रही थी, मैंने जब उनको देखा मेरे शरीर में आग सी दौड़ गयी, मैंने भी भूखे शेर की तरह झपट पड़ा.

वो उठी और मुझे पकड़ते हुए पलंग पर लेट गयी मैंने ऊपर चढ़ गया, मैंने उनके ब्लाउज के हुक को खोला, पीछे से वो ब्रा का हुक खोल दी, बाहर जोर जोर की हवा चल रही थी, मेरे मन में हिचकोले ले रहा था, मैंने उनके बूब को मुह में ले लिया. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

हां मैं आपको बूब के बारे में बता दू, गोल गोल पिंक कलर का निप्पल खड़ा लग रहा था, ऐसा लग रहा था की भगवान इससे बढ़िया बूब बना ही नहीं सकता, जब मैं दबाता तो उनके बूब पे मेरी उंग़लीयों के निशान छाप जाता. मैंने उनके साडी को ऊपर किया वो पेंटी नहीं पहनी थी.

ज्यादा चूत को देखने का मौक़ा नहीं मिला था उस दिन क्यों को वो मुझे खीच के ऊपर कर ली और मेरे होठ को किश करने लगी, और फिर अपना टांग फैलाकर मुझे बीच में ले ली, और मेरा लंड पकड़ के अपने चूत के मुह पे रखी और गांड उठा के एक धक्का लगाईं. मेरा लंड सटाक से अंदर चला गया था, फिर क्या वो वो मुझे अपनी बाहो में भर ली, मैंने उनके कांख की स्मेल को ले रहा था, और लिपस्टिक की खुसबू भी मुझे मदहोश कर रही थी अपर वो गांड उठा उठा के चुदवाने लगी.

मैं भी पहली बार किसी को चोदने का मौक़ा मिला था, मेरे तो रोम रोम खड़ा हो गया था, और चोदे जा रहा था. आखिर वो एक लम्बी आहें भरी, अंगड़ाई लिए और मुझे अपने साइन में चिपका ली, और शिथिल पड़ गयी, तभी मैं भी स्खलित हो गया, पहली बार किसी के चूत में अपना लंड डाल कर वीर्य छोड़ने का मौका मिला था, फिर मैं शांत हो गया वो शिथिल पड़ गयी, फिर वो मुझे बोली की सास नहीं है आज रात को आ जाना, दोस्तों मैं रात में भी गया था और रात को तीन बजे तक करीब 5 बार उनको चोदा था.

Kavya Singh

नमस्ते! मैं काव्या सिंह हूँ - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री वाली और पिछले 7 साल से हिंदी में इतनी बोल्ड कहानियाँ लिख रही हूँ कि पाठक दोबारा पढ़े बिना रह नहीं सकते। मैं भारतीय समाज के हर छुपे हुए जज़्बात को शब्दों में ढालती हूँ - वो इच्छाएँ, वो चाहतें जो आप दिन में छुपाते हैं लेकिन रात में महसूस करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेरी कहानियों को पुरस्कार मिले हैं और लाखों पाठकों ने मेरी कहानियों से अपनी रातों को गरमाया है। चलो, आज मेरी कहानी में डूब जाओ!

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