लेखिका : उषा मस्तानी दो दिन बाद सुबह नल चलने की आवाज़ आई मैंने देखा तो 5 बज़ रहे थे। सुरेखा नहाने की तैयारी कर रही थी, मतलब वो वापस आ गई थी। सुरेखा अब भी मेरा दरवाज़ा बाहर से बंद कर देती थी। मैंने सुरेखा को अभी तक नहीं बताया था कि मैं रोज़ […]
लेखिका : उषा मस्तानी सपना ने मुझे आवाज़ लगाई- राकेश, कॉफी पिओगे? मैंने हाँ कर दी। दस मिनट बाद मैं नीचे कॉफी पीने आ गया, भाभी अकेली थीं, उन्होंने बताया कि बच्चों की कल छुट्टी है, भाईसाहब उन्हें पनवल बुआ के यहाँ ले गए हैं, कल रात को वापस आ जाएँगे। कॉफी पीने के बाद […]
लेखिका : उषा मस्तानी उसकी आँखों से आनन्द चमक रहा था। लंड मुँह से बाहर निकाल कर बोली- मुँह में चूसने में मज़ा आ गया। एक बार और चोदिये, ऊ उह उइ उई एक बार और चोदिये ना ! बड़ा अच्छा लग रहा है। इस बार मैंने उसे लेटते हुए अपनी गोद में लोड़े पर […]
सुरेखा की तरफ देखती हुई नर्स बोली- तू भी अपनी चूत साफ़ रखा कर ! झांटे देख कितनी बड़ी बड़ी हो रहीं हैं। सन्डे की सन्डे झांटे साफ़ करने की क्रीम लगा कर डेटोल से चूत साफ़ करा कर। आँख दबाती हुई नर्स बोली- तू भी कम नहीं लग रही है, डलवाती होगी तभी तो […]
अब वो आराम से नहा सकती थी। अगले मिनट उसने अपनी मैक्सी उतार दी। सुरेखा के बदन पर अब सिर्फ एक लाल पैंटी थी। उसने एक जोर की अंगड़ाई ली। वाह ! क्या नंगा हसीन बदन था ! तनी हुई चूचियाँ और उन पर सजी हुई भूरी निप्पल, सेक्सी नाभि के नीचे का प्रदेश और […]
मेरा नाम राकेश है, 4 साल पहले मैंने एम बी ए किया था। अभी हाल मैं ही मैंने एक नई कम्पनी कल्याण में ज्वाइन की। मेरी उम्र 27 साल, और मैं औरंगाबाद का रहने वाला हूँ। मैंने कम्पनी से 5 किलोमीटर दूर एक कमरा किराए पर ले लिया। मकान मालिक मुंबई में सरकारी बाबू हैं। […]
अपने कहे अनुसार अब पूजा की कहानी पर आता हूँ। हुआ यूँ कि मैं तो यह बात जान ही गया था कि पूजा चुदाई का मजा तो पूरा नहीं ले पाई है किन्तु लण्ड की हल्की तपिश तो पा ही चुकी थी और रेणुका आदतानुसार पूजा को मेरे साथ चुदाई की बात शायद बता ही […]
चुदाई खत्म हो चुकी थी, थोड़ी देर बाद रेणुका चली गई और फिर रोज उसकी चुदाई का अनोखा खेल शुरू हो गया पर 3-4 दिन बाद चौधरी जी का आगमन हो गया तो मैं समझा कि शायद अब रेणुका को चोदने का मौका नहीं मिलेगा पर रेणुका का आना और चुदाना जारी रहा और उसने […]
उसके बाद कई बार उनसे चुदी, यह अनुभव हुआ कि उम्रदराज व्यक्ति के साथ चुदाई का मजा ही कुछ और होता है, वो मजा नये लड़के कभी नहीं दे सकते। ‘आपको अपनी मम्मी पर कभी गुस्सा नहीं आया?’ ‘नहीं, क्योंकि उस समय हमारे पापा का देहान्त हुए दो साल हो गए थे, मम्मी भी तो […]
मेरी अंगुली बुर में घुस कर आगे पीछे हो रही थी और मेरी बुर से भी हल्का चिपचिपा पदार्थ निकाल कर मुझे थोड़ा शांत कर दिया। मैं वो सीन सोचते सोचते सो गई। दूसरे दिन वे मुझे बुला कर बोले- रेणुका, आज मेरे पास सो जाना। मैंने कहा- नहीं, मैं मम्मी के पास सोती हूं। […]
यह सच्ची कहानी उस समय की है जब मैं कानपुर में रहता था, मैं थोड़ा बहुत तंत्र मंत्र के बारे में भी यकीन रखता हूँ। मैं कानपुर में एक कम्पनी में इन्जीनियर था। मैं 29 वर्ष का एक गोरा छः फ़ीट का हृष्ट पुष्ट जवान हूँ। शहर में ही एक कमरा किराए पर लेकर रहता […]
मेरा नाम आर्यन है, मैं 22 साल का हूँ और दिल्ली में रहता हूँ। मैं बहुत दिनों से इस साईट का पाठक हूँ तो मैंने सोचा कि मैं भी अपनी सच्ची कहानी आप लोगों के लिए लिखूँ। मेरे पड़ोस में एक आंटी हैं जो जॉब करती हैं, उनकी उम्र लगभग 35 की होगी, उनका तलाक […]
नमस्कार दोस्तो, आपने मेरी सभी कहानियाँ पढ़ी होंगी और आपको पसंद भी आई होगी। आज मैं आपको एक और कहानी बता रहा हूँ और वो भी एकदम सच्ची ! हमारे घर के बाजू में एक शादीशुदा जोड़ा किराये से रहने के लिए आया था। भाईसाहब का नाम रतन जो दिखने में एकदम काला था लेकिन […]
प्रेषिका : दिव्या डिकोस्टा मम्मी तो राजू से जोर से अपनी चूत का पूरा जोर लगा कर उससे लिपट गई और और अपनी चूत में लण्ड घुसा कर ऊपर नीचे हिलने लगी। अह्ह्ह ! वो चुद रही थी… सामने से राजू मम्मी की गोल गोल कठोर चूचियाँ मसल मसल कर दबा रहा था। उसका लण्ड […]
मुक्ता बेंजामिन ने यहीं से यानि गोवा (पंजिम) से ही अपने मेल में अपनी एक दिलचस्प कहानी भेजी है, उनका कहना है कि मैंने ये सब अपनी आँखों से देखा है। वे आजकल यही रहती हैं, उन्होंने यह कहानी अंग्रेजी में भेजी थी जिसका हिन्दी अनुवाद करके मैं आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रही हूँ। […]
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार। मेरा नाम प्रतीक है, मेरी उम्र 21 साल है, मैं जयपुर का रहने वाला हूँ। मैं सेक्स का बहत शौक़ीन हूँ। मेरे लण्ड आकार 7 इंच, काफी मोटा है जो किसी लड़की को अच्छी तरह से संतुष्ट कर दे। मैं आज आपको एक सच्ची घटना बताने जा रहा […]
जब मैंने टाइम देखने के लिए फोन उठाया तो पता चला कि मेरा फोन तो चालू ही रह गया था और शायद विनोद ने बात सुन ली है। मैं डर गई, मैंने सुनील को बताया और अपना फोन बंद कर दिया। मैंने कहा- अब क्या होगा होगा सुनील? सुनील- कुछ नहीं उसी ने तो इजाजत […]
घंटी बजी, दरवाजा खोला तो दूध वाला था। दूध लिया, बाहर देखा तो सुशील मेरी तरफ़ ही देख रहा था, मैंने उसको कहा- सुशील, चाय पीनी हो तो आ जाओ! वो आ गया, उसने सारी औपचारिकताएँ की- नमस्ते भाभी! भैया क्या सो रहे हैं? मैंने कहा- नहीं, मुंबई गए हैं 10 दिनों के लिए! इतना […]
सुशील ने कहा- भाभी, मैं घर हो आता हूँ! माँ को कह आता हूँ कि विनोद भैया के यहाँ कोई नहीं है, भाभी को डर लग रहा है तो मैं वहीं सो जाऊँगा। वैसे सुशील मुझसे इतना छोटा है कि कोई हम पर शक भी नहीं कर सकता है, मैंने कहा- ठीक है! उसके जाने […]
सुनील ने कहा- भाभी, अब तुम कभी प्यासी नहीं रहोगी, अब तुम जब भी बुलाओगी, आपका यह सेवक हाजिर रहेगा! विनोद के आने के बाद जब भी वो बाहर रहता था हम दोनों यह मधुर-मिलन करते थे! पर उसके आने जाने से मेरे पड़ोस में रहने वाले एक लड़के सुशील को शक हो गया। सुशील […]
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