नमस्कार दोस्तो, आंटियो, भाभियो, मेरा नाम पंकज है और मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ। मैं एक कॉल बॉय हूँ, यह मेरी पहली कहानी है, मेरे जीवन की सच्ची घटना है। यह उस वक़्त की बात है जब मैं पढ़ता था। हमारे घर के बगल में एक महिला दर्जी की दुकान यानि बुटीक थी जो […]
गंगा मौसी मेरी मां की सबसे छोटी बहन हैं। यूँ तो वो दिखने में सुन्दर है। वो छोटी सी उमर में ही विधवा हो गई थी। उनकी देह मुझे बहुत कामुक लगती थी। सच पूछो तो मुझे उनका सामीप्य अच्छा लगता था। मैं दिनों-दिन उनकी ओर आकर्षित होता जा रहा था। मौसी भी मेरी नजर […]
कैसे हो दोस्तो ! मैं हाज़िर हूँ अपनी कहानी ‘मेरी दीदी के कारनामे’ का अगला हिस्सा लेकर ! उस दिन दीदी को उस दर्ज़ी से चुदते देख कर मैं यह तो समझ ही गया था कि मेरी यह सीधी और बहुत शरीफ बनने वाली बहन अंदर से बहुत बड़ी छीनाल है। घर आने के बाद […]
मेरा नाम विकी है, और मेरी उमर 23 साल। मेरा जन्म उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव में हुआ जहाँ से शहर का रास्ता कम से कम 2 घंटे की दूरी पर था। यह कहानी मेरी बड़ी बहन समीरा के कारनामों की है, जिनका रंग आप आने हिसाब से तय कर सकते हैं। वो […]
हेलो दोस्तो ! मैं अरशद, एक बार फिर से आपका अन्तर्वासना में स्वागत करता हूँ। सभी पढ़ने वालों को नमस्कार ! आप सभी का धन्यवाद कि आपने मेरी कहानी “मेरा पहला अनुभव” को काफी सराहा। बात करीब तीन से चार महीने पहले की है। मेरे घर के बगल वाले घर में एक महिला कल्याण का […]
प्रेषक : आर्यन सिंह मेरे प्यारे दोस्तो, आज मैं आपको अपनी एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ, जो कि मेरी और मेरी प्यारी कान्ता चाची की है। मेरा नाम आर्यन सिंह है, उम्र 22 साल, कद 5’10” और मैं चण्डीगढ़ का रहने वाला हूँ। मैं एक मकैनिकल इंजिनियर हूँ, मैं दिखने काफी स्मार्ट और […]
प्रेषक : सोनू चौधरी मैंने बिना वक़्त गवाए अपने लंड को बाहर खींच कर फिर से एक धक्का मार कर अन्दर ठेल दिया। फच्च …एक आवाज़ आई और मेरा लंड वापस उसकी चूत की गहराइयों में चला गया और प्रिया के मुँह से फिर से एक सिसकारी निकली। मैंने बिना रुके अपने लंड को आगे […]
प्रेषक : सोनू चौधरी निक्कर निकलते ही मेरा मुन्ना बिल्कुल अकड़ कर फुफकारने लगा। प्रिया की आँखें फ़ैल गईं और फिर उनमें वही चमक दिखने लगी जो कि पिछली रात को नज़र आई थी। उसने झट से मेरे लंड को अपने हाथों में जकड़ लिया और झुक कर लंड के सुपारे पर एक किस्सी कर […]
प्रेषक : सोनू चौधरी “प्लीज जान…अपने हाथ ऊपर करो और मैं जो करने जा रहा हूँ उसका मज़ा लो…” मैंने उसे समझाते हुए कहा। “हाय राम…पता नहीं तुम क्या क्या करोगे…मुझसे रहा नहीं जा रहा है…” प्रिया ने अपनी हालत मुझे व्यक्त करते हुए कहा और फिर अपने हाथों को ऊपर अंगड़ाई लेते हुए हटा […]
प्रेषक : सोनू चौधरी मैंने प्रिया को आँख मारी और उसे लेकर धीरे से बिस्तर पे लेट गया। लेट कर मैंने उसे अपने से बिल्कुल सटा लिया और अपना एक पैर उठाकर उसके ऊपर रख दिया और उसे और भी करीब कर लिया। अब मैंने उसके बालों में अपनी उँगलियाँ फिराईं और धीरे धीरे अपनी […]
प्रेषक : सोनू चौधरी रिंकी की अक्षतयोनि का शील भंग करने के बाद: दिल तो मेरा भी नहीं कर रहा है जान, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है और सबके वापस आने का वक़्त हो चुका है। अब आप जाओ और मैं भी जाकर अपने प्रेम की निशानियों को साफ़ कर देती हूँ वरना […]
प्रेषक : सोनू चौधरी रिंकी ने एक नज़र आईने पे डाली और उस दृश्य को देखकर एक बार के लिए शरमा सी गई। मैंने अपने हाथ आगे बढ़ा कर उसकी चूचियों को फिर से थामा और उसकी गर्दन पर चुम्बनों की बरसात कर दी। रिंकी ने भी मेरे चुम्बनों का जवाब दिया और अपने हाथ […]
प्रेषक : सोनू चौधरी उह्ह्ह…जान, थोड़ा धीरे करना…तुम्हारा लंड सच में बहुत ज़ालिम है, मेरी हालत ख़राब कर देगा।” रिंकी ने डरते हुए अपना सर उठा कर मुझसे कहा और अपने दांत भींच लिए। उसकी चूत सच में बहुत कसी थी। अब तक जैसा कि मैं सोच रहा था कि उसने पहले भी लंड खाए […]
प्रेषक : सोनू चौधरी “रिंकी ने देरी नहीं की और उठ कर मेरे दोनों पैरों के बीच आकर मुझ पर लेट गई। उसका नंगा बदन मेरे नंगे बदन से चिपक गया। मेरा लंड अब भी सख्त था और ठुनक रहा था। रिंकी ने मेरे लंड को अपने हाथों से नीचे की तरफ एडजस्ट किया और […]
प्रेषक : सोनू चौधरी “जैसे ही उसने अपनी जीभ का स्पर्श मेरे सुपारे से किया मेरे लंड ने एक जोर का ठुनका मारा और एक प्यारी सी काम रस की बूँद बिल्कुल ओस की बूँद की तरह मेरे लंड के मुँह पे आ गई। उस बूँद को देखकर रिंकी ने एक मुस्कान भरी और अपनी […]
प्रेषक : सोनू चौधरी “दोनों बहनें बिल्कुल समझदार हैं…समय गँवाने का चांस ही नहीं रखतीं।” मैंने मन ही मन सोचा और अपने हाथों को उसकी स्कर्ट के अन्दर डालने लगा। मैंने उसकी जांघों को सहलाते हुए उसके पिछवाड़े पे अपना हाथ रखा… “उफ्फ्फ्फ़…कितनी चिकनी थी उसकी स्किन ! मानो मक्खन मेरे हाथ में है।” मेरे […]
प्रेषक : सोनू चौधरी मैंने उस वक़्त एक छोटी सी निकर पहनी हुई थी जो कि मेरे जांघों के बहुत ऊपर तक उठा हुआ था। जब रिंकी ने अपने हाथ रखे तो वो आधा मेरे निकर पे और आधा मेरी जांघों पे था। मेरी टांगों पे ढेर सारे बाल थे। रिंकी ने अपनी उँगलियों से […]
प्रिया ने भी मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूमते हुए कहा,”ठीक है मेरे स्वामी, अब मैं जाती हूँ। लेकिन कल हम अपना अधूरा काम पूरा करेंगे।” और मुझे आँख मार दी। उसने अपनी किताबें और नोट्स उठा लीं और जाने लगी। जाते जाते वो मुड़ कर मेरे पास वापस आई और बिना […]
प्रेषक : सोनू चौधरी मैंने उसका हाथ पकड़ा और वापस अपना मुँह उसकी चूत से लगा दिया और उसकी चूत की खुशबू लेते हुए अपना काम चालू कर दिया। उसकी आवाजें बढ़ने लगी थीं… मुझे डर लगने लगा कि कहीं कोई सुन न ले। लेकिन मैं रुका नहीं और चूत की चुसाई जारी रखी। “ह्म्म…ह्म्म… […]
प्रेषक : सोनू चौधरी मैंने अपनी हथेली को उसके जांघों से ऊपर सरका दिया और धीरे धीरे ज़न्नत के दरवाज़े तक पहुँचा दिया। उफ्फ्फ्फ़…इतनी गर्मी जैसे किसी धधकती हुई भट्टी पर हाथ रख दिया हो मैंने…मेरे हाथ उस जगह पर ठहर गए और मैंने उसकी चिकनी चूत को सहला दिया। “ह्म्म्मम्म…उफ्फ्फफ्फ्फ़”…प्रिया के मुँह से एक […]
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