तड़पता लण्ड

लेखक : नीरव

हाय दोस्तो, मेरा नाम नीरव है, कद 5′-8”, मेरी उम्र 21 साल की है, मैं भरूच, गुजरात से हूँ। मैं अंतर्वासना डॉट कॉम पर रोज सैक्सी कहानियाँ पढ़ता हूँ, मुझे सेक्स कहानियाँ पढ़ना और सैक्स करना बहुत अच्छा लगता है।

रेशमा भाभी बहुत ही खूबसूरत है, उसका फिगर 36-24-36 है। एक दिन मैं जब उनके घर के पास से गुजर रहा था तो तभी भाभी घर से बाहर निकली और मुझे देख कर आवाज देकर रोक लिया..

मैं रुक गया, अपनी गाड़ी वहीं पर खड़ी कर दी।

वो मुझसे पूछने लगी- क्या हुआ नीरव? आप मुझसे नाराज हैं क्या?

मैंने कहा- नहीं भाभी, आपसे नाराज हो जाऊँगा तो कहा जाऊँगा?

वो मेरा जवाब सुनकर मुस्करा पड़ी, भाभी ने बड़ी कातिल मुस्कान दी और कहा- घर में आओ, चाय पीकर जाना ! मैं घर में अकेली ही हूँ।

मेरे मन में भाभी के साथ सैक्स करने का उस दिन याद आ गया, मैंने सोचा आज तो भाभी को चोद ही दूँगा। मैं जैसे ही घर में घुसा, भाभी ने तुरंत ही दरवाजा बंद कर दिया और भाभी मुझ पर टूट पड़ी, मैं एकदम से भाभी का यह रूप देख कर हैरान रह गया। भाभी मेरे होंठ चूसने लगी और जोरदार चुम्बन करने लगी, मैं तो पागल हो गया भाभी की इस हरकत से !

मैं भी भाभी का साथ देने लगा और हम दोनों एक दूसरे से चिपक गए। मेरे होंठ उसके होंठों की तरफ बढ़े और हम दोनों के होंठ एक हो गए और हम दोनों के लब मधुर मिलन करने लगे, हम दोनों मदहोश हो गए, कम से कम 15 मिनट तक हम चूमाचाटी करते रहे, मैं उसके होठों को चूसता रहा..

फिर मैं भाभी के चूचे दबाने लगा और साड़ी के ऊपर से ही सहलाने लगा। भाभी पूरी गर्म हो चुकी थी और मैं भी गर्म हो चुका था, भाभी ने मुझे कस के बाहों में भर लिया। मैंने भी भाभी को जोर से अपनी बाँहों में भर लिया, थोड़ी देर हम दोनों ऐसे ही लिपटे रहे, फिर भाभी ने कहा- चलो नीरव, बैडरूम में चलते हैं।

मैंने भाभी को गोद में उठाया और बैडरूम में ले गया, उसको बैड पर लिटा दिया और उसके ऊपर आ गया और फिर से उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए।

मैं उसके माथे पर, गाल पर, होंठ पर, वक्ष पर चुम्बन कर रहा था, अब मैंने उसकी गर्दन पर चूमा तो वो पागल सी हो गई, मेरे बालों में हाथ घुमाने लगी।

उसने साड़ी पहनी थी, मैं बलाउज के ऊपर से ही उसके बूब्स पर किस करने लगा, दबाने लगा.. उसे बहुत अच्छा लग रहा था, वो मेरे सर को पकड़ कर जोर से अपने वक्ष पर दबाने लगी। अब मैं धीरे धीरे नीचे आने लगा, पर भाभी ने एकदम से करवट बदल ली और भाभी मेरे ऊपर चढ़ गई, मुझे चूमने लगी।

हम दोनों एक दूसरे की जीभ चाट रहे थे..

फिर भाभी ने मेरी शर्ट के बटन खोल दिए और मेरी छाती पर हाथ फेरने लगी, भाभी आहिस्त आहिस्ता मेरे पैरों की तरफ जा रही थी… अब भाभी ने मेरी पैंट का बटन खोल दिया और मेरी पैंट पूरी न निकालते हुए सिर्फ घुटनों तक ही उतारी, मेरा लंड एकदम खड़ा हो चुका था, भाभी मेरी चड्डी के ऊपर से ही मेरे खड़े लंड को जोर से दबाने लगी, फिर भाभी ने धीरे से मेरे लंड को कच्छे से बाहर निकाला। वो मेरा लंड देख कर एकदम खुश हो गई जैसे काफी देर बाद लंड को देखा हो।

भाभी ने मेरे लंड को हाथ में लिया और मुट्ठी में भर कर आगे पीछे करने लगी, मेरे लंड को वो बड़े प्यार से सहला रही थी, मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, मैं तो जन्नत की सैर कर रहा था, क्योंकि पहली बार किसी औरत ने मेरे लंड को छुआ था। मेरे मुँह से अह्ह्ह्ह अह्ह्ह की आवाजें निकल रही थी।

फिर मैंने भाभी से कहा- मैं आपकी चूत को चाटना चाहता हूँ।

भाभी ने अपनी टांगें उठा कर मेरे मुंह की तरफ कर दी, भाभी ने साड़ी पहन रखी थी। अब भाभी का मुँह मेरे लंड की तरफ था और टाँगें मेरे मुँह की तरफ, मैंने भाभी की जांघों पर हाथ फेरा और फिर वहाँ पर चुम्बन करके चाटा तो वो सिसकारियाँ भरने लगी।

मैंने उसकी साड़ी को ऊपर उठाया और उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा, वो मीठी सिसकारियाँ भर रही थी। मैंने बिना पैंटी उतारे उसकी चूत पर चुम्बन करना शुरू कर दिया, फिर मैंने धीरे से उसके पेंटी निकाल दी।

दोस्तो, मैंने उसके बदन का सिर्फ एक ही कपड़ा उतारा, सिर्फ पेंटी, उसकी चूत जिस पर थोड़े हल्के से बाल थे, उसको चूमने लगा। वो बिल्कुल पागल हो गई और मेरा सर जोर अपनी जाँघों के बीच में दबा दिया, मैं उसकी चूत को चूस रहा था अपनी जीभ डाल के..

मैं उसकी चूत की खुशबू से पागल हो गया और उसे बेहताशा चूस रहा था, किस कर रहा था।

बहुत देर तक मैं उसकी चूत से प्यार करता रहा, उसने अपनी जांघों के बीच मुझे झकड़ लिया था, मेरा सर तो हिल भी नहीं रहा था, उधर भाभी मेरे लंड को बड़ी बेरहमी से दबा रही थी, मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा था..

मैंने भाभी से कहा- मेरा लंड मुंह में लेकर चूस !

लेकिन भाभी ने मना कर दिया और मैंने भी ज्यादा जबरदस्ती नहीं की, मैं तो भाभी की बुर बड़े मजे से चाट रहा था और अपनी जीभ से चोद रहा था, अब भाभी झड़ने लगी और भाभी ने अपना काम रस छोड़ दिया, भाभी के मुंह से अह ओह्ह आआअह्ह आआह्ह्ह की आवाजें निकलने लगी और मेरा सर जोर से दबा दिया और जोर जोर से झड़ने लगी। मैंने भाभी की चूत चाट चाट कर भाभी का सारा काम रस पी लिया।

भाभी अभी तक मेरा लंड सहला रही थी, मुझे जन्नत जैसा लग रहा था। भाभी जोर जोर से मेरा लंड आगे पीछे कर रही थी और फिर मेरे लण्ड से वीर्य निकलने लगा, वीर्य की धार सीधी भाभी के मुँह और बड़े बड़े चूचों पर पड़ी, भाभी का मुँह पूरी तरह से भीग गया। फिर भाभी मेरे ऊपर बैठ गई, मेरे होंठों पर किस करने लगी और मुझे अपनी बांहों में भर लिया, मैं भी रेशमा भाभी की पीठ पर हाथ फेरने लगा..

भाभी अपनी गांड से मेरा लंड को रगड़ रही थी, जिससे मेरा लंड ज्यादा अकड़ कर खड़ा हो गया, मेरा लंड भाभी की गांड को छू रहा था, तभी भाभी ने मेरा लंड हाथ में लिया और अपनी चूत के छेद पर रख दिया और मेरे लंड पर बैठ गई, मेरा पूरा लंड एक ही झटके में भाभी की चूत में घुस गया, जिससे मुझे दर्द होने लगा और भाभी को भी दर्द हो रहा था।

वो बोली- मर्र र्रर्र गई नीरव, तेरा लंड तो बहुत मोटा और लम्बा है। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

फिर भाभी मेरे ऊपर ही लेट गई। थोड़ी देर तक हम ऐसे ही लेटे रहे. फिर अचानक भाभी के मोबाइल की रिंग बजी। भाभी का मोबाइल बैड से दूर था तो भाभी मेरे ऊपर से उतर गई.. इस बात से मुझे बहुत गुस्सा आया, मगर क्या करता..

भाभी फोन पर बात करने लगी और फिर फोन बंद करते हुए मुझे कहा- नीरव, जल्दी से कपड़े पहन लो।

मैंने कहा- भाभी, बताओ तो सही क्या हुआ..?

तो वो बोली- मेरे पति का फोन था, मेरे सास-ससुर घर आने वाले हैं.. और थोड़ी देर में ही घर आ जायेंगे।

फिर मैंने जल्दी से कपड़े पहने और उदास हो कर वापस आने लगा तो भाभी ने फिर मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे होंठों पर एक चुम्मा लिया..

तो दोस्तो, देखा आपने मेरी किस्मत को ! चूत के दरवाजे पर होकर भी चुदाई का मजा नहीं ले सका मैं !

अगर किसी औरत या लड़की को मुझ पर तरस आता है क्या?

मुझे मेल करें।

यह कहानी आप तक लाने में कोमल भाभी मेरा मतलब कोमलप्रीत कौर ने मेरी बहुत मदद की.. आप उनको भी मेरी कहानी के बारे में जरूर बताना…

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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