पड़ोसन की कुँवारी चूत फाड़ी

प्रेषक : रसित

दोस्तों मेरा नाम रसित है, मेरी उम्र २९ साल है।

बात उन दिनों की है जब मैं कॉलेज़ में था।

मेरे पड़ोस में एक १८ साल की बेहद खूबसूरत लड़की रहती थी जिसका नाम रिंकी था। दोस्तों ! उसकी चुचियाँ इतनी मदमस्त कर देने वाली थी कि ऋषि मुनियों का भी लंड खड़ा हो जाए।

दिन मैं अपने घर में बाथरूम में ना नहाकर बरामदे में नहा रहा था, चूँकि उस दिन घर पर मैं अकेला था। तभी किसी ने दरवाजा खटखटाया तो मैने कहा- नहा रहा हूँ ! बाद में आना !

लेकिन बाहर से आवाज आई- मुझे पानी लेना है ! दरवाजा खोलो !

मैंने आवाज पहचान ली। वो रिंकी थी जो बाल्टी लेकर पानी ले जाने आई थी। मैंने दरवाजा खोला तो उस समय मैं केवल अंडरवियर में था। वो मुझे इस हाल में देखकर थोड़ा शरमा गई, लेकिन मैंने कहा कोई बात नहीं ! मैं अन्दर चला जाता हूँ, तुम पानी ले लो। वैसे आज मैं घर पर अकेला हूँ।

तब वो थोड़ा नोर्मल हुई और पानी भरने लगी, बोली- तुम नहा लो !

मैंने मन ही मन उसे चोदने की योजना बनाई और वहीं बैठकर नहाने लगा।

उसे सामने देखकर मेरा करीब ५ इंच का लंड अकड़ने लगा तो मेरा अंडरवियर ऊपर उठने लगा।

इसे देखकर वो थोड़ा मुस्काने लगी और बोली- ये क्या हो रहा है?

तब मैं समझ गया कि वो भी उठ रही है।

मैं बोला- कुछ नहीं !

लेकिन वो जिद करने लगी, बोली- बताओ न !

तब मैं बोला- यह अंगडाई ले रहा है !

तो वो हँसी और बोली कि अकेले हो, तभी ऐसा हो रहा है !

मैंने कहा- तुम जो हो ! इस लिए हो रहा है।

वो बोली- चलो खोलकर दिखाओ !

तब मैंने अंडरवियर खोला तो लंड तन चुका था। वो देखकर उसके मुँह से सिसकारी निकल गई और वो उसे छूकर देखने लगी तो लंड में करंट सा लगा, क्योंकि मैंने पहले किसी को चोदा नहीं था।

तब मैंने उसे झटके से उठाया और पलंग पर लिटा दिया तो वो बोली- आज रहने दो डर लग रहा है !

उसने भी किसी से नहीं चुदवाई थी, किंतु मैं कहा मानने वाला था !

मैंने झटके से उसकी सलवार का नाड़ा तोड़कर उसकी पैंटी खिसकाई तो दंग रह गया। उसकी चूत पर छोटे छोटे बाल ही आए थे, एकदम गोरी चूत थी उसकी !

वो घबराने लगी। तब मैंने कहा- घबराओ नहीं !

तो वो बोली- धीरे धीरे करना !

मैं बोला- जान ! चूत को पता भी नहीं चलेगा !

मैंने उसकी शर्ट उतार के उसकी ब्रा भी निकाल दी। माँ कसम ! चुचियाँ नहीं पहाड़ की चोटियाँ थी !

मैंने एक ऊँगली उसकी चूत के मुँह पर फिरानी शुरू की और एक हाथ से उसकी चुचियाँ दबाना शुरू किया तो वो आ अह्ह्ह ऊह्ह्ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह्ह आऔ ऊऊऊऊऊऊ की आवाजें निकालने लगी।

तब मैंने धीरे से अपना लंड उसकी चूत पर रखकर उसे टांगें चौड़ी करने के लिए कहा तो उसने टांगें फैलाकर कहा- धीरे से डालो !

मैंने धीरे से अन्दर डाला तो उसे दर्द होने लगा। तब मैं रुक गया, ५ सेकंड बाद ही मैंने एक ही झटके में लंड अन्दर घुसाया तो उसकी चीख निकल गई और चूत से खून आने लगा। वो बुरी तरह चीख रही थी- आ आई ! आआआ ! मर जाउंगी ! ऊःःःःःःःःःःःःःः ! इसे बाहर निकालो ! मम्मी ! आआआ !

लेकिन मैंने उसके मुँह पर हाथ रखकर उसे चोदना चालू रखा तो एक मिनट में ही वो भी साथ देने लगी और बोली- मजा आ रहा है। अब जम कर चोदो मेरे राजा !

उसने मेरे लंड को खूब चूसा और गांड भी मरवाई।

उसके बाद उस दिन उसे मैंने ५ बार चोदा। मैं उसकी शादी होने तक उसकी चूत का मजा लेता रहा।

आपको कैसी लगी मेरी कहानी !

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Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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