मेरी उधार की छात्रा

मेरा नाम ओमेंद्र है लोग मुझे प्यार से ओम बुलाते हैं। यह कहानी तब की है जब मैं १२ में पढ़ रहा था। मेरे पड़ोस में एक लड़की रहती थी जिसका नाम रीना था वो हमेशा मेरे घर सवाल पूछने के लिये आती थी।(क्योंकि मैं अपने क्लास में सबसे तेज लड़का था)। उसके घर से जाने के बाद में हमेशा उसीके बारे में सोचता रहता था। एक दिन जब मेरे घर के लोग मेरी सिस्टर के लिये लड़का देखने गये थे तो वह मेरे पास आई उस दिन मेरा इरादा उसे चोदने का था इसलिये मैं पढ़ाई के बजाय उस दिन उससे बातें ही करता रहा और इसी बीच मैंने उससे अपने प्यार का इज़हार कर दिया इस पर वो बोली ओम मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूं लेकिन डर के कारण मैंने यह बात तुमसे कभी कही नहीं।

उसके इतना कहने पर मैंने अपना हाथ उसके गोल चूचियों पर रख दिया और उसे मसलने लगा और उसके मुँह से उफ़…की आवाज़ निकलने लगी फिर धीरे-२ मैंने उसकी शलवार और समीज दोनो निकाल दी और इसके बाद एक गजब का दृश्य मेरे सामने था। सबसे पहले तो मैंने उसकी न देखी गई चूत और गांड को काफी देर तक देखता रहा फिर जब मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने उसकी चूत पर अपना हाथ रखकर उसे मसलना स्टार्ट कर दिया फिर वो भी आनंद लेते हुये आह उह …करने लगी और बोली ओम मेरी चूत को फाड़ दो इसे जन्नत में पहुंचा दो फिर मैं मसलते हुये अपना मुँह उसकी भीगी हुयी चूत पर सटा दिया तो वो एकदम से बेचैन हो गयी और अपनी कमर को इधर उधर घुमाने लगी तथा गांड को उछालने लगी तब मैं समझ गया कि यही असली मौका है चूत में लंड डालने का

फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत में डालना चालु किया क्योंकि चूत पहले से गीली थी इस कारण वो एक ही झटके में अंदर चला गया और वो बिल्कुल से चिल्ला उठी धीरे करो कितना बडा है तुम्हारा लौड़ा यह तो मेरी चूत ही फाड़ डालेगा फिर मैंने धीरे-२ इधर उधर करने लगा थोड़ी देर के बाद उसने स्पीड को फ़ास्ट करने के लिये कहा और फिर अपने को और फ़ास्ट किया मैंने वो आह ऊह स्सस करती जा रही थी उसे काफी तेज दर्द हो रहा था लेकिन जोश में होने कारण उसे दर्द का एहसास कम हो रहा था हम दोनो और फ़ास्ट हो गये और फिर अचानक महसूस हुआ कि उसकी चूत से कुछ गरम-२ निकलता हुआ लगा तो मैं समझ गया कि वो झड़ गयी और उस समय उसकी स्पीड भी नोर्मल हो चुकी थी फिर मैने भी तेजी के साथ करते हुये अपना पानी गिरा दिया और उसकी चूची पर मुँह रख कर कुछ देर तक पड़ा रहा फिर हम दोनो उठे उससे उठा नहीं जा रहा था तो मैंने उसे हेल्प किया फिर मैंने देखा कि जमीन पर काफी ज्यादा ब्लड गिरा था फिर मैंने पानी लाकर उसे झाड़ु से साफ कर दिया और उस दिन से मेरी उसकी स्टोरी लगभग ३ साल तक चली और अब उसकी शादी हो चुकी है और वो दो बच्चों की माँ भी है।

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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