अपनी 2 रखैलों को एक साथ पेला

मेरा मेरे पड़ोस में रहने वाली दो भाभी प्रिया और सुनैना से अफेयर चल रहा है. में हफ्ते में कम से कम 5 दिन तो सेक्स करता ही हूँ, कभी प्रिया के साथ, तो कभी सुनैना के साथ. लेकिन अब तक मैंने ऐसा नियम बना रखा था कि प्रिया को पता नहीं था कि में सुनैना के भी मज़े ले रहा हूँ. Free Group Sex Stories

और सुनैना को तो मैंने पहले से ही प्रिया के बारे में सब बोल रखा था. में एक मारवाड़ी लड़का हूँ. में 23 साल का हूँ और मेरा लंड 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है. प्रिया मेरी पड़ोसी है और वो एक शादीशुदा हाउसवाईफ है, उसकी उम्र 36 साल है, उसका कलर बहुत गोरा है.

उसकी हाईट 5 फुट 4 इंच है, उसके बूब्स मस्त बड़े-बड़े है, उसके बूब्स की साईज 34 है और उसकी गांड भी बहुत अच्छी है. सुनैना एक विधवा लेडी है, वो अदालत में जॉब करती है, उसकी हाईट 5 फुट 7 इंच है, उसके बूब्स बहुत बड़े-बड़े 36 साईज़ के है, उसकी गांड एकदम मस्त बड़ी और गोल है.

प्रिया के साथ मेरा अफेयर 4 साल से चल रहा है और सुनैना से 1 साल से चल रहा है. अब मेरे घर के पास ही मेरा जॉब लग गया है तो उसके कारण रोज़ सेक्स करना थोड़ा मुश्किल है. अब में प्रिया के साथ रात को सेक्स कर लेता हूँ जब भी उसका पति बाहर होता है और सुनैना के साथ तो बाहर ही टायलेट में या फ्रेंड के फ्लेट पर मज़े लेता हूँ.

अब मुझे उन दोनों के साथ एक साथ सेक्स करना था तो फिर मैंने सुनैना को तो समझा दिया, लेकिन अब प्रिया को कैसे बताऊँ? इसकी प्लानिंग करनी थी. फिर एक दिन प्रिया को मैंने रात को करीब 12 बजे उसके घर की छत पर एक कम्बल लेकर बुलाया.

प्रिया का पति और उसका लड़का और लड़की सब ही नीचे सो रहे थे, जब उसने नाइटी पहने हुए थी. मैंने उसके आते ही उसे किस किया और जल्दी से उसकी नाइटी निकाल दी, उसने अंदर कुछ नहीं पहना हुआ था. फिर मैंने भी अपने शॉर्ट्स और अंडरवेयर निकालकर अपना लंड उसके मुँह में दे दिया.

फिर मैंने उसको खड़ा करके पीछे से उसकी चूत मारना स्टार्ट किया और 15-20 मिनट के बाद में उसकी चूत में ही झड़ गया. फिर हम सीढ़ियों पर कम्बल ओढ़कर ऐसे ही बिना कपड़ो के बैठकर किस करने लगे थे. फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसे मेरे और सुनैना के बारे में बताया और यह भी कहा कि मुझे तुम दोनों के साथ एक साथ सेक्स करना है.

अब वो यह सब सुनकर हैरान हो गई और उसने मना कर दिया. फिर थोड़ी देर तक समझाने के बाद वो भी मान गई. फिर दो दिन के बाद जब उनके घर पर कोई नहीं था तब हमने चुदाई करने का प्लान किया. अब मैंने भी जॉब से छुट्टी ले ली थी, फिर में सुबह 9 बजे उनके घर पहुँचा. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

अब मैंने उन दोनों को अपने पैर और चूत के बाल शेव करने के लिए बोल रखा था और सुबह नहा धोकर सिर्फ़ नाइट गाउन पहनने को बोला था. फिर में वहाँ पहुँचा और दरवाजा अंदर से बंद करके उन दोनों को लिविंग रूम में बुलाया. अब वो दोनों अनकंफर्टबल महसूस कर रही थी.

अब वो दोनों एक दूसरे को देख भी नहीं रही थी. फिर मैंने सुनैना को मेरे बगल में और प्रिया को मेरी गोद में बैठाया. फिर में सुनैना को किस करने लगा और प्रिया के बूब्स दबाने लगा. फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उनकी जगह चेंज करके सुनैना की गांड के साथ खेलते हुए प्रिया को किस करने लगा.

फिर मैंने उन दोनों को अपने कपड़े उतारने को बोला, तो अब वो दोनों एकदम नंगी होकर मेरे सामने खड़ी थी. फिर में अपने फोन का कैमरा चालू करके वो सब रिकॉर्ड करने लगा और उन दोनों को एक दूसरे को किस करने को बोला. दोस्तों क्या सीन था वो?

अब यह सब देखकर मेरा तो लंड एकदम खड़ा हो गया था. अब उन दोनों के बूब्स एक दूसरे से टकरा रहे थे, अब उनकी जीभ एक दूसरे के मुँह में थी. अब मैंने भी पहले से वियग्रा की गोली का इंतज़ाम कर रखा था. फिर मैंने अपने कपड़े निकाले और एक गोली खा ली, अब में अपने लंड के साथ खेल रहा था.

फिर मैंने उनको एक दूसरे की चूत चाटने को बोला, तो वो दोनों 69 पोज़िशन में आ गई और एक दूसरे की चूत चाटने लगी. फिर मैंने अपने लंड पर थोड़ी सी वैसलीन लगाई और सीधा जाकर प्रिया की गांड में अपना लंड पेल दिया, लेकिन मैंने उनको अपना चाटने का काम जारी रखने को बोला.

तो अब वो दोनों एक दूसरे की चूत चाट रही थी और में प्रिया की गांड मार रहा था. फिर थोड़ी देर के बाद मैंने सुनैना की गांड मारना शुरू किया, फिर यह सब 15 मिनट तक चला. फिर मैंने उन दोनों को घोड़ी बनाया और बारी-बारी से दोनों की चूत में अपना लंड पेलने लगा.

फिर 20-25 मिनट के बाद में फिर से उनकी गांड पर टूट पड़ा. अब गोली के असर की वजह से में झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था, अब में ऐसे ही उन दोनों को करीब दो घंटे चोदता रहा. फिर थोड़ी देर के बाद में उनके मुँह में ही झड़ गया. अब हम तीनों एकदम थक चुके थे और ऐसे ही नंगे एक साथ सो गये.

फिर जब दोपहर को सब उठे तो हमने पिज़्ज़ा मंगवाकर खाया. फिर सुनैना अपनी जॉब पर चली गई और अब में और प्रिया अकेले ही थे तो मैंने फिर से उसे नंगा किया और उसके पूरे बदन को अपनी जीभ से चाटने लगा. फिर मैंने उसके बूब्स चूसना शुरू किया और उसका दूध पीने लगा.

एक बात तो है दोस्तों बूब्स से दूध पीने का मज़ा कुछ और ही होता है. फिर मैंने उसको बेड पर सीधा लेटाया और उसको मिशनरी स्टाइल में लाकर उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और मैंने उसको चोदने का काम चालू रखा. अब पूरा रूम हमारी चुदाई की ठप-ठप की आवाज़ से और प्रिया की सिसकारियों से गूँज रहा था. फिर आधे घंटे की चुदाई के बाद में उसकी चूत में ही झड़ गया. फिर मैंने उसको 5-10 मिनट तक किस किया और उसके बूब्स चूसने लगा और फिर उसके मुलायम बूब्स पर अपना सिर रखकर सो गया.

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

Read All Stories by Ritu Agarwal
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!