धनतेरस के दिन पड़ोसन ने चुदवा लिया

मेरा नाम संजय है और मैं बिजनौर का रहने वाला हूँ. दोस्तो ये मेरी पहली कहानी है, हो सकता है मन की बात शब्दों में लिखने में कुछ गलतियां हो जाएं तो स्वीकार कर लीजिएगा और मुझे अवगत भी कराना ताकि गलतियों को सुधार सकूं. मैं गुड़गांव में एक इंटरनेशनल कम्पनी में नौकरी करता हूँ और अपने परिवार के साथ यहीं रहता हूँ. Diwali Vacation Sex Story

जहां मेरा घर है, उसी के पड़ोस में एक घर है, जो कि किराये के लिए ही बनाया हुआ है. उसमें हिसार का एक परिवार रहता है. उस परिवार में एक लड़की जो की MBBS कर रही थी और एक लड़का बीटेक कर रहा था. वे दोनों घर से बाहर ही रहते थे, उनके माता पिता ही यहां रहते थे.

दो युवा बच्चों के बाद भी मेरी पड़ोसन का बदन एकदम मस्त था, जो भी उसको देखता वह उसको चोदने की जरूर सोचता. दोस्तो जो मेरी पड़ोसन थी बिल्कुल कयामत थी, उसको देखते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता था और दिल करता था कि अभी उसकी चुत में लंड डाल दूँ. वह है ही इतनी सुंदर कि मन बिना चुदाई की बात सोचे रह ही नहीं पाता था.

उसका नाम कामना था. अब मैंने उसको हर हाल में चोदने की सोच लिया था. पड़ोसी होने के नाते कामना का मेरे घर आना जाना था और वो मेरी बीवी के पास आती रहती थी, जिस वजह से मेरी उससे थोड़ी बहुत बात हो जाती थी. बातों बातों में मैं ये जान चुका था कि कामना भी चुदने को जल्दी ही मान जाएगी. अब मैं कामना को चोदने की तरकीब सोचने लगा. पिछले साल दीपावली से 2 दिन पहले यानि के धनतेरस के दिन मैं अपने घर के मेन गेट को पानी से धोकर साफ़ रहा था.

तभी कामना आई और बोली- तुम अपना पाईप दे दो, मुझे भी गेट धोना है. तुम्हारा पाईप बड़ा है और मेरे पास जो पाईप है वो जरा छोटा है.

यह कह कर वो हंसने लगी. मैं समझ गया कि कामना बात कहीं और की ही बोल रही है. मैंने लंड पर हाथ फेरते हुए कामना से बोला- कोई बात नहीं मेरा पाईप बड़ा है, तुम ले लो और जब भी जरूरत हो आगे भी ले लेना. दोस्तो जब हमारी ये बातें हो रही थीं, तब मेरा लंड खड़ा हो गया.

मैंने देखा कि कामना की नजर भी मेरे लंड पर थी.

मैंने पूछा- क्या देख रही हो?

तो वो शरमा गई. अब मुझे यकीन हो गया था कि कामना भी मेरे लंड से चुदने को तैयार है. चूंकि कामना मेरे बगल के घर में ही रहती थी, जिससे कि कामना का मेरे घर आना जाना कुछ ज्यादा ही था. कामना का मोबाइल नम्बर भी मेरी बीवी के पास था तो मुझे उसका नम्बर पाने में कोई परेशानी नहीं हुई.

एक दिन मैंने कामना को फोन किया और बोला कि मुझे तुमसे मिलना है और कुछ बात करनी है. पहले तो कामना ने मना कर दिया लेकिन मेरे ज्यादा कहने पर बोली कि ठीक है मैं रात को 8 बजे छत पर आ जाउंगी, तुम भी आ जाना. उसके घर और मेरे घर की छत दोनों मिली हुई थीं तो कोई परेशानी भी नहीं थी.

अब मैं रात के 8 बजने का इन्तजार करने लगा. उस समय मेरा दिल जोर जोर से धड़कने लगा. जैसे ही मैं छत पर गया, कामना छत पर ही थी. मैं उसी की छत पर चला गया. उस समय मेरी जो हालत थी दोस्तो, आप समझ सकते हैं. मेरी गांड फट रही थी कि कोई देख ना ले.

मैंने जाते ही उसको पकड़ कर एक किस किया. थोड़ा तो उसने नाटक किया.. फिर मैंने उसको अपनी बांहों में भर लिया. इसके बाद मैंने 5 मिनट तक कामना को चूमता रहा. उस समय मेरा लंड लोअर में बिल्कुल खड़ा हो गया था. कामना ने मेरा लंड पकड़ लिया और मुझे पागलों की तरह चूमने लगी. “Diwali Vacation Sex Story”

फिर उसने मेरे लोअर में हाथ डालकर लंड पकड़ लिया. उसने लंड क्या पकड़ा, मैं तो पागल हो गया. अब मैंने कामना को वहीं पानी की टँकी के बाजू में बिठा लिया और उसकी कमीज को ऊपर करके दोनों चूची ब्रा से बाहर निकाल लीं. कामना की चूची बहुत ही टाइट थीं, मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि 2 बच्चों के बावजूद भी उसकी चूचियां इतनी टाईट थीं.

मैंने उसके एक निप्पल को अपने मुँह में ले लिया और दूसरे को दोनों उंगलियों के बीच में लेकर मींजने लगा. कामना भी आहें भरने लगी. मैं अपना दूसरा हाथ उसकी सलवार में डालकर चुत को सहलाने लगा. कामना ने पेंटी नहीं पहनी थी. उसकी चुत से पानी निकलने लगा. मैंने एक उंगली चुत में डाल दी. मेरी उंगली भी गीली हो गई. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

इतनी देर में मेरी बीवी ने आवाज आई- कहां हो?

मैं डर गया कि कहीं ऊपर ही ना आ जाए. मैं कामना को नीचे आ गया और बोला कि मैं छत पर घूम रहा था. इस वक्त मेरा लंड खड़ा था तो मैं आराम से सोफे पर बैठ गया और नॉर्मल होने का इन्तजार करने लगा. अगले दिन कम्पनी आकर मैंने फोन किया और कामना को बोला कि चूत कब दोगी?

वह बोली कि सही समय आने पर दे दूंगी.

अब मैं सही समय का इन्तजार करने लगा. जल्द ही सही समय भी मुझे मिल ही गया. आख़िर वो दिन भी आ ही गया दिसम्बर में कम्पनी का शट डाउन आ गया और मेरी बीवी और बच्चे नानी के घर चले गए थे. जो लोग कामना के मकान में किराये पर रहते थे, वो भी परिवार घर चला गया था. कामना का पति भी सुबह 9 बजे चला जाता था.

जैसे ही कामना का पति निकला, क्योंकि मैं तो उसके जाने का इंतजार कर रहा था, मैंने कामना को फोन किया. उसने बोला कि मैं नहा लूँ. मेरा लंड तो उसको नंगी सोच कर ही खड़ा हो गया था. बस 9.30 बजते ही मैं छत से कूद कर कामना के घर चला गया. तब तक कामना नहा चुकी थी और उसने गाउन पहना हुआ था. मैं जाते ही उसको चूमने लगा. कामना बोली कि मैं नीचे गेट को अन्दर से बन्द करके आती हूँ.

जैसे ही कामना ऊपर आई… मैंने उसको पकड़ कर उसे उसके बेड पर लेटा लिया और होंठों को चूमने लगा. कामना ने ब्रा नहीं पहनी थी. मैं गाउन के ऊपर से ही उसकी चुचियों को दबाने लगा. करीब 10 मिनट तक चूमने के बाद मैंने कामना का गाउन निकाल दिया. अब कामना की टाइट चूचियां मेरे सामने थीं.

मैं एक निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरे को मसलने लगा. कामना ने अपने पैरों से मेरा लोअर निकाल दिया और अंडरवियर के ऊपर से मेरे लंड पर हाथ घुमाने लगी. अब मैंने एक हाथ उसकी चुत पर रखा तो देखा कि कामना की चूत गीली हो गई थी.

मैंने अपनी कमीज और अंडरवियर भी निकाल दिया. फिर कामना को मैंने उल्टा किया और उसकी कमर को चूमने लगा. कामना के मुँह से ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ की आवाज निकलने लगी. मैं कामना की गर्दन को चूम रहा था. कामना अपनी कमर को बार बार ऊपर नीचे कर रही थी. “Diwali Vacation Sex Story”

इसके बाद कामना को मैंने सीधा लेटा दिया और उसके ऊपर आ गया. उसके पेट और नाभि पर किस करने लगा. कामना का एक हाथ मेरे लंड पर था और दूसरा मेरी कमर पर था. कामना की साँसें काफी तेज हो चुकी थीं. वो बोलने लगी कि कई दिनों से चुदाई नहीं हुई. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

चूंकि कामना के पति की उम्र उससे 10 वर्ष ज्यादा थी और वो रोज शराब पीता था इसी कारण इनके बीच ज्यादातर लड़ाई होती रहती थी. खैर छोड़ो.. हम वापस चुदाई पर आते हैं. अब कामना नीचे से ऊपर आ गई और कामना मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी.

कसम से दोस्तो, आज तक मुझे ऐसा मजा नहीं आया था. कामना ने पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. मैं कामना के दोनों निप्पलों को उंगलियों से मसल रहा था. अब मुझे भी लगने लगा कि मेरा वीर्य ना निकल जाए. मैंने कामना को रोका ताकि हम चुदाई का मजा ज्यादा देर तक ले सकें.

मैंने एक गिलास पानी पिया. उसके बाद कामना की एक चूची को पूरा मुँह में लेकर काटने लगा. दोस्तो मैं कामना का साइज आप लोगों को बताना ही भूल गया उसके शरीर का फिगर 34-32-36 का है. अब हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए. कामना ने चुत को अच्छे से साफ किया हुआ था और शायद कोई अच्छा डीओ लगाने के कारण चुत से अच्छी खुशबू आ रही थी.

मैं भी अपनी जीभ कामना की चुत में डालकर आगे पीछे करने लगा. कामना भी मेरे लंड को चूस रही थी. जब कामना को ज्यादा मजा आने लगा तो कामना ने चुत का दबाव मेरे मुँह पर बढ़ा दिया, जिससे कि मुझे सांस लेने में दिक्कत होने लगी. अब मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था. कामना का भी बुरा हाल हो रहा था.

फिर कामना उठी और मेरे लंड पर बैठ कर अपने हाथ से लंड पकड़ कर चुत पर सैट किया और एक ही झटके में पूरा लंड चुत में चला गया क्योंकि कामना की चुत पहले ही काफी पानी से गीली हो चुकी थी. इसी कारण लंड को चुत में जाने में कोई परेशानी नहीं हुई.

अब मेरे हाथ कामना के दोनों चुचों पर थे और वह पूरे लंड को चुत में लेकर झटके मार रही थी. कुछ देर की धकापेल के बाद मेरा भी निकलने वाला था. मैंने कामना को बेड के किनारे पर डॉगी स्टाइल में किया और एक पैर बेड पर.. और एक नीचे रखा. मेरा लंड कामना की चुत में पूरा अन्दर तक जा रहा था. “Diwali Vacation Sex Story”

कामना बोली- आह.. आज मजा आ गया.

मेरे धक्कों की स्पीड अब बहुत बढ़ गई थी. मैंने दोनों हाथों से उसकी गांड को पकड़ लिया. कामना बोलने लगी- जानू और जोर से धक्के लगाओ.. फिर आठ दस धक्कों के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए. हम दोनों एक साथ बेड पर लेट गए. कुछ देर बाद हम दोनों ने कपड़े पहने. उसने मेरे लिए चाय बनाई.. परांठे बनाए.. हम दोनों ने एक साथ चाय और परांठे खाये और बातें करने लगे.

कामना का पति भी रात को 9 बजे तक आता है ओर मेरी भी छुट्टी थी.. इसलिए कोई जल्दी नहीं थी. हम दोनों ने सोफे पर बैठ कर नाश्ता किया. कुछ देर बाद कामना ने फिर अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया. मेरा लंड फिर खड़ा हो गया. मैं कामना के दोनों होंठ मुँह में लेकर चूसने लगा.

थोड़ी देर उसके होंठों को चूसने के बाद मैंने उसका गाउन निकाल दिया और कामना ने मेरी शर्ट और लोअर निकाल दिया. अब अंजली को मैंने वहीं सोफे पर अपनी गोद में बैठा लिया. मेरी ओर कामना की गांड थी. मेरे दोनों हाथ कामना के चुचों पर थे और मेरा मुँह कामना की गर्दन पर टिका था.

कामना फिर से लम्बी लम्बी सांसें लेने लगी. मेरा लंड कामना की चुत के ऊपर आ गया था. कामना अपनी चुत मेरे लंड पर रगड़ रही थी. मेरा लंड बिल्कुल खड़ा हो चुका था. अब कामना सोफे से नीचे बैठ गई. उसने मेरा लंड मुँह में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

कामना के लंड चूसने का स्टाइल बिल्कुल ब्लू फिल्मों की तरह था. उसने मेरे लंड को बिल्कुल गीला कर दिया था. कामना के मुँह का थूक मेरे आंड तक आ गया था और मेरा मुँह कामना की चूचियों के निप्पलों को दाँतों से काट रहा था. मैंने उसकी चूची को चूस चूस कर लाल कर दिया था.

अब मैंने कामना को सोफे की एक साइड पर डॉगी स्टाइल में किया ओर उसका मुँह सोफे पर लगा कर, अपने लंड को उसकी चुत में एक ही झटके से पूरा अन्दर डाल दिया. कामना को थोड़ा दर्द हुआ तो मैं रुक गया और उसकी गांड पर हाथ घुमाने लगा. जब वो थोड़ा नॉर्मल हुई तो मैं धक्के मारने लगा.

दोस्तो, आप जानते ही हैं कि जब हम सेकंड टाइम चुदाई करते हैं तो जल्दी झड़ते नहीं, यही मेरे साथ भी हुआ. अब तक वो दूसरी बार झड़ गई, लेकिन मेरा नहीं हुआ था. मैं लगातार धक्के मारता रहा. लगभग 20 या 25 धक्के मारने के बाद मैं कामना की चुत में झड़ गया. अब हम दोनों बिल्कुल थक चुके थे. थोड़ी देर आराम करने के बाद कामना ने काफी बनाई और हम दोनों ने पी. कामना ने कहा कि आज ‘जी सा आ गया…’ दोस्तो हरियाणवी में ‘जी सा आ गया..’ का मतलब होता है कि बहुत मजा आया.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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