जंगल के बीच में मेरी चूत में लंड

बीच जंगल में नदी के किनारे मेरे एक बॉस ने मेरी चूत में लंड घुसाया और दूसरे ने पीछे से मेरी गांड में… आदाब दोस्तो, मेरा नाम सोफिया कुरैशी है, मैं उत्तर प्रदेश के एक बड़े औद्योगिक शहर से हूँ। इस कहानी में दिए गए सभी नाम और पते काल्पनिक हैं।

मैं तहसील दफ्तर में टाईपिस्ट हूँ। दोस्तो यह हकीकत एक साल पहले की है.. जब मैं दफ्तर में नई थी, मेरे साथ तहसीलदार दीपक और चंदन थे। हम तीनों एक ही दफ्तर में काम करते थे। ये दोनों अफसर अच्छे थे.. जब मैं नई थी.. तो सभी मुझे काफी सहयोग करते थे। अब मैं काफी कुछ सीख चुकी थी।

एक दिन दफ्तर में फोन आया कि कुछ लोग नदी से बिना इजाजत के रेत ले जा रहे थे। यह सुनकर दीपक और चंदन जाने लगे।

चंदन ने मुझसे कहा- सोफी तुम भी चलोगी.. वैसे भी आज दफ्तर में कुछ काम नहीं है.. यदि तुम चाहो तो घर भी जा सकती हो। मैंने कहा- ठीक है सर.. मैं आपके साथ चलती हूँ।

हम तीनों और ड्राइवर निकल लिए.. जब हम नदी के पास पहुँचे तो कुछ लोग रेत भर कर निकल रहे थे। हमने उनका पीछा किया। गाड़ी थोड़ी आगे तक गई मगर बीच जंगल में ही गाड़ी का टायर फट गया और गाड़ी में स्टेपनी भी नहीं थी। ड्राइवर से चंदन ने कहा कि आप टायर लेकर जल्दी आ जाओ।

शाम का वक्त था और ठंडी के मौसम की वजह से थोड़ी ही देर में अंधेरा होने वाला था।

दीपक सर ने मुझसे पूछा- मैडम डर तो नहीं लग रहा? मैंने कहा- नहीं सर जब आप दोनों मेरे साथ हैं तो किस बात का डर?

दीपक और चंदन एक-दूसरे को इशारा कर रहे थे, पर कुछ कह नहीं रहे थे। फिर उन्होंने मुझसे पूछा- मैडम कुछ सॉफ्ट ड्रिंक या और कुछ चलेगा?

मैंने मना कर दिया और बताया कि मैं सिर्फ घर में ही लेती हूँ.. क्योंकि मेरे अब्बू आर्मी में थे तो दादा के लिए शराब ले आते थे। हम तीन बहनें जायरा शबाना और मैं चोरी-चोरी शराब पीते थे।

चंदन गाड़ी से शराब, पेप्सी और कुछ खाने की चीजें ले आया। अब अंधेरा हो चुका था, दीपक ने गाड़ी के लाइट चालू कर दी और शराब का प्रोग्राम भी शुरू हो गया। चंदन ने मुझे एक गिलास में भर कर दे दी। अब मैं मना नहीं कर सकती थी। मुझे गिलास से शराब की गंध आ रही थी.. चूंकि मुझे आदत थी.. तो मैंने गिलास खाली कर दिया।

चंदन ने मुझे इसी तरह से पेप्सी का और एक गिलास भर दिया। जैसे मुझको पता न था कि इसमें शराब है.. मैंने ऐसा जताते हुए दूसरा गिलास भी खाली कर दिया था, मुझे नशा हो गया था।

मैंने चन्दन की तरफ सवालिया निगाह से देखा तो चंदन ने मुझे बताया कि पेप्सी में उसने शराब मिला दी थी। मैं मुस्कुरा दी.. लेकिन मैं काफी नशे में हो गई थी। शायद चंदन ने शराब की मात्रा अधिक कर दी थी।

मैं कुछ बोल न सकी। उस वक्त मैं जीन्स और टॉप पहने हुई थी। चंदन मुझे घूर रहा था और उतने में दीपक ने मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरी चुचियाँ दबाने लगा। मेरी 34-32-38 की मारू फिगर से तो आप लोग अंदाज लगा ही सकते हैं कि किसी का लंड किस तरह खड़ा हो सकता है… ये सब तो आपको पता ही होगा।

चुस्त जीन्स में मेरी गांड और कूल्हे काफी मोटे और बड़े नजर आते थे।

तभी चंदन ने आगे से जीन्स की चैन खोल दी और मेरी चुत में उंगली डाल दी। उम्म्ह… अहह… हय… याह… ये सब इतनी जल्दी हुआ कि मैं समझ ही नहीं पाई। इस वक्त तो मैं वैसे ही मानो अधमरी सी हो गई थी। मुझे इतना नशा हो गया था कि कोई विरोध की स्थिति ही न थी।

लेकिन मुझे अब सब समझ आ रहा था। दीपक मेरी चूचियां इतनी जोर से दबा रहा था कि मुझे काफी दर्द हो रहा था। चंदन ने मेरी जीन्स निकाल कर फेंक दी और मेरी आँखें गाड़ी की लाइट के सामने लगा दीं। इससे मुझे कुछ भी नजर नहीं आ रहा.. लाइट मेरे बिल्कुल सामने हो गई थी।

कुछ ही पलों में उन दोनों ने मुझे पूरी नंगी कर दिया। मुझे जमीन पर लिटा दिया और मेरी टांगों को फैला दिया। मुझे मजा आ रहा था पर मैं कुछ कर नहीं पा रही थी। तभी मेरी चुत में एक लंड ऐसे घुसा मानो बंदूक से गोली मार दी गई हो। चूत में लंड घुसते ही मुझे काफी दर्द होने लगा था.. क्योंकि मुझे बिना चुदे बहुत दिन हो चुके थे।

अब दीपक ने मेरी चुत में अपना लंड डाल रखा था और चंदन ने जबरदस्ती अपना लंड मेरे मुँह में ठूंस दिया। चंदन का लंड इतना बड़ा था कि मेरे गले तक जा रहा था.. मुझसे सांस भी ठीक से नहीं ली जा रही थी। उधर नीचे जमीन पर पड़े कंकड़ आदि मेरी पीठ पर चुभ रहे थे। मेरे बड़े कूल्हे भी जमीन में रगड़ रहे थे।

दीपक के बाद अब चंदन ने मेरी चुत में अपना लंड ठूंस दिया था और दीपक ने मुँह में पेल दिया। वे दोनों मुझे खूब रगड़ रहे थे.. मानो मुझसे कोई पुराना बदला ले रहे थे। दीपक ने मेरे मुँह में ही पानी छोड़ दिया और वह बाजू में बैठ गया था।

अब चंदन ने मुझे औंधा लिटा दिया था और मेरी गांड में शराब डालने लगा। साथ ही वो अपनी एक उंगली भी मेरी गांड में डाले जा रहा था।

फिर चंदन ने जबरदस्ती अपना मोटा लंड मेरी गांड में डाल दिया था। मैं पहले भी गांड मरवा चुकी हूँ तो जल्दी ही मेरी गांड का मुँह बड़ा हो गया था और कुछ देर के दर्द के बाद चंदन का लौड़ा मेरी गांड में आराम से अन्दर-बाहर हो रहा था।

कुछ देर गांड मारने के बाद चन्दन ने गाड़ी के सहारे खड़ा करके मुझे कुतिया जैसा करके मेरे मेरी गांड में अपना मूसल डालना चालू कर दिया था।

कुछ देर की धकापेल के बाद चंदन ने मेरी गांड में ही पानी छोड़ दिया था। वो मुझसे अलग हो गया था और मैं बिना कपड़ों के एक बड़े पत्थर पर जा कर बैठ गई थी। दीपक मेरे लिए फिर से शराब ले कर आया था.. मैंने बिना कुछ सोचे सीधे शराब की बोतल मुँह में लगा ली और काफी खाली भी कर दी। कुछ ही पलों में मैं फिर से मस्त हो गई।

अब दीपक ने मुझे औंधा लिटा दिया और उसने भी मेरी गांड में लंड डाल दिया। नशे के कारण मुझे कुछ भी असर नहीं हो रहा था.. तभी चंदन ने इशारा किया तो दीपक ने मुझे गोद में लेकर के मेरे पैर खोल दिए और अगले ही पल आगे से चन्दन ने मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया।

अब मैं सैंडविच बनी हुई उन दोनों के साथ चुदवा रही थी। एक का लंड आगे चुत में था और दूसरा पीछे से मेरी गांड बजा रहा था। मुझे इतना नशा था कि मैं सिर्फ अम्मी और अब्बू के नाम ले रही थी। थोड़ी देर बाद दोनों ने मेरे मुँह में एक साथ लंड घुसेड़ दिए और अपने पानी के फव्वारे छोड़ दिए।

मैं वहीं पर नंगी लेटी रही और ये दोनों नदी में हाथ-मुँह धोने चले गए थे। कुछ समय बाद और एक बार फिर किसी ने मुझे पीछे से पकड़ कर मेरी चुत में लंड डाल दिया, मैंने मुड़ कर देखा तो वो गाड़ी का ड्राइवर सलीम था। उस मादरचोद ने दूर से मोबाइल में वीडियो बना लिया था। मैंने उसका विरोध किया तो उसने मुझे वीडियो दिखा कर जबरदस्ती लंड मेरी चुत में डाल दिया था और मैं बिना कुछ कहे उससे चुदती रही। वो जल्दी झड़ गया था।

बाद में मैंने उसके मोबाइल से वीडियो मेरे मोबाइल में ले लिया था और उसके फोन से डिलीट कर दिया था क्योंकि इस वीडियो से मुझे हर बार चंदन और दीपक से अपना हिस्सा मिलना तय करना था।

तो दोस्तो, इस तरह आपकी सोफिया चुदी थी.

आपको मेरी चूत में लंड की चुदाई की कहानी कैसी लगी.. मुझे मेल जरूर भेजें। आपकी मुस्कान ही आपकी प्यारी सोफिया की जान है। [email protected]

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Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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