कामवाली लड़की की चुदाई प्यार से-1

दोस्तों मेरा नाम कुणाल है। मैं मुंबई का रहने वाला हूं। मैं शादी-शुदा हूं और मेरी उमर 34 साल है। मेरे घर में मैं, मेरी बीवी, मम्मी-पापा, और मेरा एक बेटा रहते है। इसके अलावा हमारी कामवाली है, जो सारा दिन हमारे घर ही रहती हैं और शाम को अपने घर जाती है। मेरा लंड 6 इंच का है। दिखने में मैं अच्छा हूं। इस कहानी में मैं आपको बताने वाला हूं, कि कैसे मैंने अपनी कामवाली की चुदाई की। तो चलिए चुदाई की ये कहानी शुरू करते है।

हमारी कामवाली एक 24 साल की लड़की है। वो 2 साल से हमारे यहां काम कर रही है। इससे पहले उसके पापा हमारे यहां काम करते थे। उनकी तबियत ठीक नहीं रहती थी, तो उन्होंने अपनी जगह उसको यहां पर रखवा दिया। कामवाली का नाम लीला हैं और अभी उसकी शादी नहीं हुई है।

लीला दिखने में अच्छी है। रंग ज्यादा गोरा नहीं है, लेकिन नैन-नक्श और फिगर अच्छा है। इतना अच्छा कि अगर वो पढ़ी लिखी हो, तो किसी भी घर का लड़का उसके साथ शादी करने के लिए तैयार हो जाए। मेरी उसपे कोई गंदी नज़र नहीं थी, क्योंकि मेरी अपनी बीवी बहुत खूबसूरत है। लेकिन फिर भी हमारी चुदाई हो गई।

हुआ यूं कि बारिश के दिन चल रहे थे। मेरे मम्मी-पापा, बीवी और बच्चा सब लोग किसी धार्मिक स्थल पर दर्शन करने गए थे। मुझे ज्यादातर ऑफिस से छुट्टी नहीं मिलती, तो मैं गया नहीं। वैसे भी मैं ज्यादा धार्मिक जगह पर जाता भी नहीं हूं।

मेरे परिवार को गए एक हफ्ता हो गया था। उनके पीछे मुझे घर में कोई दिक्कत नहीं थी, क्यूंकि लीला घर का सारा काम कर देती थी, और मेरे लिए खाना बना देती थी। दिक्कत थी, तो बस एक, और वो ये था कि मुझे चुदाई करने को नहीं मिल रही थी।

उस शाम ऑफिस से आने के बाद मेरा बहुत मूड बना हुआ था। ऑफिस में बैठे हुए मैंने 3-4 बढ़िया पोर्न वीडियो डाउनलोड कर ली थी। मेरा इरादा था कि रात को उन विडियोज को देख कर मुठ मारूंगा। लेकिन मुझे क्या पता था कि किस्मत ने रात को मेरे लिए चूत का इंतजाम कर रखा था।

उस दिन मैं शाम को घर आया। लीला मेरे आने के थोड़ी देर बाद आ गई और खाना बनाने लगी। मैं फ्रेश हुआ और हॉल में जाके बैठ गया। मैंने टीवी चलाया और उस पर मूवी देखने लगा।

जब मैं हॉल में बैठा था, तो अचानक से किचन से कुछ गिरने की आवाज़ आई। हमारा हॉल किचन के सामने ही है, और वहां से पूरा किचन दिखता है। मैंने वहीं से देखा कि लीला के हाथ से मसालों से भरी प्लेट गिर गई थी। वो अब नीचे बैठ कर सफाई कर रही थी।

लीला ने लेगिंग्स और कुर्ती पहनी हुई थी, और दुपट्टा वो घर पर लेती नहीं थी। जैसे कि मैंने बताया कि लीला का फिगर अच्छा है। तो जब वो नीचे बैठ कर सफाई कर रही थी, झुकने की वजह से उसकी क्लीवेज दिख रही थी। मेरी नज़र सीधे उसकी क्लीवेज पर गई।

अब मैं तो पहले से भूखा था। और मेरे सामने एक जवान लड़की के चूचे लहरा रहे थे। तो नज़र तो जानी ही थी। मुझे उसके चूचे देखने में मजा आने लगा। फिर जब वो दूसरी तरफ घूमी, तो उसकी टाइट लेगिंग्स में उसकी गांड मस्त लग रही थी।

उसका गठीला जिस्म देख कर मेरा लंड खड़ा होने लगा गया। मैं मन ही मन इमेजिन करने लगा कि अगर लीला किसी तरह चुदाई के लिए मान जाए, तो मजा आ जाएगा।

अब मेरी नज़र उसी पर थी। वो जब इधर-उधर जा रही थी, तो मैं कभी उसके चूचे, कभी गांड देख कर और गरम हो रहा था। लेकिन सवाल ये था कि उसको मैं चोदूंगा कैसे?

फिर खाना बन गया और वो खाना परोसने लगी। वैसे तो मैं लीला से बहुत कम बात करता था, क्योंकि उससे बात करने की ज़रूरत नहीं पड़ती थी। लेकिन आज मुझे उसकी चूत की ज़रूरत थी। तो जब वो खाना परोस रही थी, तो मैंने उससे बात शुरू की।

मैं: लीला तुमने खाना खा लिया?

लीला: भैया मैं तो सब के खाने के बाद ही खाती हूं।

मैं: अच्छा। चलो आज मेरे साथ खा लो।

लीला मेरी तरफ देखने लगी और बोली: जी भैया!

मैं: अरे आज घर पर कोई नहीं है, और मुझे अकेले खाना खाने की आदत नहीं है। इसलिए बोल रहा हूं कि मेरे साथ खा लो। इससे तुम्हारा खाना भी हो जाएगा और मुझे कंपनी भी मिल जाएगी।

लीला ने कुछ सेकंड सोचा, और फिर मेरे साथ खाना खाने बैठ गई। मैं खुश हो गया कि प्लान शुरू तो हुआ। फिर मैंने बात आगे बढ़ाते हुए बोला-

मैं: और बताओ लीला, तुम्हारे पिता जी ठीक है?

लीला: जी ठीक है।

जब मैं उससे बात कर रहा था, तो मेरी नज़र उसकी चूचियों पर ही थी, जो पास से और बड़ी और रसीली लग रही थी।

फिर मैंने कहा: वैसे तुम उनकी अकेली बेटी हो ना?

लीला: जी भैया।

मैं: फिर तो घर की जिम्मेदारी तुम्हारे ऊपर ही होगी। या तुम्हारी माता जी भी काम करती है?

लीला: नहीं मैं ही करती हूं।

मैं: तो तुम्हारी शादी के बाद क्या होगा?

लीला: पता नहीं, कुछ सोचा नहीं।

मैं: लड़का तो देख रखा होगा तुमने कोई?

लीला: वो तो घर वाले देखेंगे।

मैं: क्यों, तुम्हें कोई पसंद नहीं है? तुम्हारा भी तो कोई बॉयफ्रेंड होगा?

ये सुन कर लीला मुस्कुराने लगी और शर्मा गई। उसको शर्माते देख मैं समझ गया कि लौंडिया इतनी भोली नहीं है, और उसका बॉयफ्रेंड भी है। फिर मैं बोला-

मैं: तभी मैं सोचूं, कि तुम तो अच्छी खासी दिखती हो। तुम्हारे पीछे तो लड़के लगे रहते होंगे।

लीला: नहीं, इतने भी नहीं लगे रहते।

मैं: अच्छा तो अपने बॉयफ्रेंड के बारे में बताओ।

लीला: भैया क्या आप भी मेरी टांग खींच रहे हो?

मैं: अरे टांगें तो वो खींचता होगा तुम्हारी (मैंने थोड़ा फ्री होने के लिए कहा)।

लीला: भैया! ऐसा कुछ नहीं है। हम बस पसंद करते है एक-दूसरे को।

मैं: अरे पसंद तो करते ही होते। लेकिन आगे जाके तो टांगें ही खींचनी होती।

लीला शर्मा गई।

मैं: वैसे एक बात पूछूं?

लीला: जी?

मैं: कुछ किया के नहीं?

लीला: जी नहीं।

मैं: क्यों?

लीला: कहां करेंगे। सारा दिन काम पे होती हूं। उसके पास जगह भी तो नहीं है।

ये सुन कर मैं समझ गया कि लड़की तो चुदाई के लिए तैयार थी, लेकिन दिक्कत जगह की थी।

दोस्तों आज की कहानी यहीं तक। आगे की कहानी अगले पार्ट में। फीडबैक [email protected] पर दीजिए।

अगला भाग पढ़े:- कामवाली लड़की की चुदाई प्यार से-2

Nisha Gupta

हैलो! मैं निशा गुप्ता हूँ - जयपुर विश्वविद्यालय से संचार विज्ञान में मास्टर और पिछले 6 साल से डिजिटल दुनिया में हिंदी कहानियाँ लिखने वाली एक अनुभवी लेखिका। मैं वो कहानियाँ लिखती हूँ जो पढ़ते ही आपके मन में आग लगा दें। मेरी कहानियों में वो सब कुछ है जो आप चाहते हैं - बोल्ड, बेबाक और बेरोकटोक। मेरे लेखन को हजारों पाठकों ने सराहा है और कई पुरस्कार भी मिले हैं। मैं यहीं हूँ आपके मज़े के लिए — तो लेटे रहो और पढ़ते जाओ!

Read All Stories by Nisha Gupta
Disclaimer

इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल वयस्क पाठकों (18 वर्ष से अधिक आयु) के मनोरंजन के लिए लिखी गई हैं। इनका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।

यहाँ प्रस्तुत किसी भी सामग्री को वास्तविक जीवन में अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता। यदि आप 18 वर्ष से कम आयु के हैं, तो कृपया इस वेबसाइट को तुरंत छोड़ें।

इस साइट की सामग्री केवल भारत के कानूनों के अनुरूप वयस्क मनोरंजन हेतु है। कहानियों में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी हैं और वेबसाइट का किसी भी प्रकार से उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।

हमारी साइट का उपयोग करके आप स्वीकार करते हैं कि आपने हमारी Privacy Policy पढ़ और समझ ली हैं।

लिंक कॉपी हो गया!