प्रेम गुरु की कलम से मैंने अपने एक हाथ की एक अंगुली उसकी मुनिया के छेद में हौले से डाल दी। आह उसकी बुर के कसाव और गर्मी से मेरी अंगुली ने उसकी बुर के कुंवारेपन को महसूस कर ही लिया। ‘ईईइ… बाबू… उईईइ… अम्मा… ओह… रुको… मुझे… सु सु… आ… रहा है… ऊईइ… ओह… […]

मैंने उसे बाजू से पकड़ कर उठाया और इस तरह अपने आप से चिपकाए हुए वाशबेसिन की ओर ले गया कि उसका कमसिन बदन मेरे साथ चिपक ही गया। मैं अपना बायाँ हाथ उसकी बगल में करते हुए उसके उरोजों तक ले आया। वो तो यही समझती रही होगी कि मैं उसके मुँह की जलन […]

प्रेम गुरु की कलम से उस रात मुझे और अंगूर को नींद भला कैसे आती दोनों की आँखों में कितने रंगीन सपने जो थे। यह अलग बात थी कि मेरे और उसके सपने जुदा थे। यह साला बांके बिहारी सक्सेना (हमारा पड़ोसी) भी उल्लू की दुम ही है। रात को 12 बजे भी गाने सुन […]

प्रेम गुरु की कलम से मेरे पाठको और पाठिकाओ! आप जरूर सोच रहे होंगे कि अब तो बस दिल्ली लुटने को दो कदम दूर रह गई होगी। बस अब तो प्रेम ने इस खूबसूरत कमसिन नाज़ुक सी कलि को बाहों में भर कर उसके होंठों को चूम लिया होगा। वो पूरी तरह गर्म हो चुकी […]

प्रेम गुरु की कलम से एक गहरी खाई जब बनती है तो अपने अस्तित्व के पीछे जमाने में महलों के अम्बार लगा देती है उसी तरह हम गरीब बदकिस्मत इंसान टूट कर भी तुम्हें आबाद किये जाते हैं। …… इसी कहानी से अभी पिछले दिनों खबर आई थी कि 18 वर्षीया नौकरानी जिसने फिल्म अभिनेता […]

प्रेषक : मयंक अग्रवाल यह कहानी है मेरे एक दोस्त की जिसे मैं उसी के शब्दों में पेश कर रहा हूँ, कहानी पढ़ कर कृपया अपने विचार जरूर दीजिये। मेरा नाम रेमो है, उम्र 24 साल की है। मैं एक अमीर घर का इकलौता वारिस हूँ। मेरे घर पर मेरे पापा और मम्मी के अलावा […]

लेखिका : अरुणा उसने वैसे ही किया, करीब दस मिनट गांड मारने के बाद उसने मेरी चूत में घुसा दिया। उस रात उसने मुझे जम कर पेला, बोला- मेमसाब, आपने बहुत मजा दिया है। “और तेरी बीवी तेरा इंतज़ार तो नहीं कर रही होगी?” छोड़ो ना उसको ! कहाँ आप जैसी बला की हसीन औरत […]

मेरी पिछली कहानियाँ लण्ड की करतूत-1 और लंड की करतूत-2 आप पढ़ चुके हैं, अब आगे पढ़िए : दूसरे दिन सुबह सात बजे रेखा मेरे साथ सैर को जाने के लिए तैयार हो कर आई, आते ही वह बोली- जाने से पहले मुझे नहाना है। मैं बहुत खुश हुआ, मैंने कहा- मुझे भी नहाना है, […]

प्रेषक : केदार राव मेरा नाम केदार है, मैं मुंबई में रहता हूँ, 21 साल का हूँ और इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ता हूँ। मैं एक बहुत शरीफ लड़का हूँ और औरतों की इज्जत करता हूँ। आज मैं अपने जीवन की एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। यह बात है पिछले साल अगस्त की, जब […]

लेखक : वीरेंदर उसके मम्मों को दबाते दबाते पीठ पर हाथ फेरते फेरते मैं नीचे आया, धीरे से उसकी सलवार का नाड़ा खींच दिया। “हाय ! यह क्या किया? वापस बाँध दो, वरना आपके हाथ छोड़ते ही यह नीचे गिर जायेगी।” “कौन है यहाँ तीसरा? मैं ही तो हूँ तेरा साईं दीवाना ! पूरी जिंदगी […]

लेखक : वीरेंदर प्रिय पाठको, आपने मेरी कहानियाँ पढ़ी। अब इस कहानी को पढ़ने से पहले मैं आपको याद दिला दूँ कि मेरी बीवी ने कामवाली माया की बेटी रूपा को घर के काम के लिए रख लिया था। एक रात मेरी छोटी साली ने मेरी बीवी को दवाई के सहारे सुला दिया और हम […]

महकती कविता-1 महकती कविता-2 कविता ने लण्ड को फिर से मसलना शुरू कर दिया। रोहण को फिर से तरावट आने लगी। ‘अरे चुद तो गई, अब क्या करना है…?’ ‘तुम्हारा सारा दम निकालना है… आज मेरी सुहागरात समझो… कुछ ना छोड़ो… बस अपना माल निकालते रहो। देखूँ तो जरा कितना दम है?’ ‘अरे नहीं, यह […]

महकती कविता-1 अब तो कविता का भी यह रोज का काम हो गया, रोहण को मुठ्ठ मारते देखती और फिर खुद भी हस्तमैथुन करके अपना पानी निकाल देती थी। कब तक चलता यह सब? कविता ने एक दिन मन ही मन ठान लिया कि वो रोहण को अब मुठ्ठ नहीं मारने देगी। वो स्वयं ही […]

रोहण अपने तबादले पर कानपुर आ गया था। उसे जल्द ही एक अच्छा मकान मिल गया था। अकेला होने के कारण उसे भोजन बनाने, कपड़े धोने, घर की सफ़ाई में बहुत कठिनाई आती थी। संयोगवश उसे अपने मन की नौकरानी मिल ही गई। एक जवान लड़की जो एक छोटे बच्चे को लेकर दरवाजे पर कुछ […]

प्रेषिका : लीला एक के बाद जब मैंने दूजे से नाता जोड़ा, मतलब बाबू से नाता जोड़ा, यह जानते हुए कि वो मेरे जैसी से शादी नहीं करेगा, बस वो मेरे शौक पूरे करता था, बदले में मैं उसे अपनी जवानी देती, मुँह को जब कच्ची उम्र में सेक्स का रस चख जाए तो, ऊपर […]

दोस्तो, मैं श्रेया आहूजा एक बार फिर आपके सामने पेश हूँ !! इतने दिन तक गायब रहने का कारण मेरे भाई की शादी थी ! उसकी शादी कनाडा में हुई आपकी दुआ से ! मैं आज आपको अपने भाई के बारे बताने जा रही हूँ ! शक्ल-सूरत से भोला-भाला पतला-दुबला छरहरा बदन ! वो मुझसे […]

सरीना आठ बजे तक काम करके चली जाती थी, आज नौ बज रहे थे। तभी फ़ोन की घंटी बजी, उधर से एक सुरीली सी आवाज़ आई- भाई साहब, मैं रूचि बोल रही हूँ आपकी पुरानी पड़ोसन ! मैंने अपना नंगा लण्ड सहलाते हुए कहा- रूचि जी, आप कैसी हैं? कहाँ से बोल रही हैं? रूचि […]

मुंबई में मेरी पोस्टिंग तीन महीने पहले ही हुई थी, मैं और मेरी बीवी उर्मी एक फ्लैट में रहते थे। मेरी नौकरी ऐसी थी कि रोज़ मुझे 8-10 हज़ार की रिश्वत मिल जाती थी। उर्मी मुझे ठीक से सेक्स नहीं करने देती थी। हमारी नौकरानी का नाम सरीना था, उसकी उम्र 35 साल के करीब […]

मैं अपनी पहली कहानी लिख रहा हूँ, उम्मीद है आप सब को पसंद आएगी। मेरा नाम सुशील है, मैं कोलकाता में रहता हूँ, उम्र 28 की है और मैं किराए के घर में अकेला रहता हूँ। बात उन दिनों की है जब मैं 24 साल का था और हमारी काम वाली जिसकी उम्र 34 की […]

कहानी का पहला भाग: भाभी के बाद कामवाली-1 जब मैंने उसको सहलाया, वो गर्म होने लगी- साब, क्या कर रहे हैं? “प्यार कर रहा हूँ !” “यह सही नहीं है ! मैं किसी की बीवी भी हूँ !” “तो मैं किसी का पति भी हूँ रानी ! वैसे दिन में जब तू आती है, संवरती […]

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