मेरी नौकरानी धन्नो की चूत

अनिल गुप्ता

मैं मुम्बई में रहता हूँ। मेरा नाम शान है, उमर 20 साल।

मेरे पापा आस्ट्रेलिया में कस्टम ओफ़िसर हैं और मम्मी स्कूल में अध्यापिका हैं। हमारे यहाँ एक नौकरानी है धन्नो नाम की, उसकी उमर बीस साल और रंग साँवला नयन नक्श एकदम अमिशा पटेल की तरह हैं। उसके बूब्स बड़े बड़े और उसकी गाण्ड बाहर को उठी है।

मैं उसको चोदने का ख्वाब बहुत पहले से देखता था। मेरा यह सपना तब पूरा हुआ जब मेरी मम्मी आस्ट्रेलिया मेरे पापा के पास गई।

उस दिन मैं घर में था। सुबह धन्नो आई तो मैंने दरवाज़ा खोल दिया। वो अपने काम करने लगी। मैं तभी अपने बेडरूम में जाकर एकदम नंगा हो गया।

उसको चोदने का ख्याल आते ही मेरा लण्ड एकदम खड़ा हो गया। मेरे लण्ड का आकार दस इन्च लम्बा और तीन इन्च मोटा है। मैं रात में ही वियाग्रा की गोली लाया था, मैंने उसको खा लिया।

फ़िर मैंने धन्नो को आवाज़ दी। वो जब मेरे बेडरूम में आई तो हैरान रह गई। वो मुझे नंगा देख कर हँस कर रसोई में भाग गई। मैं उसके पीछे गया। जैसे ही मैं रसोई में गया तो वो मुझसे बोली- तुम्हारा इरादा क्या है?

मैं बोला- धन्नो रानी ! मुझे तेरी चूत को चोदना है !

यह सुनते ही वो मेरी तरफ़ आई और बोली- इतना कहने में इतने दिन लगा दिए।

मैं उसको गोद में उठा कर बेडरूम में ले गया। वहाँ मैंने उसे नंगा कर दिया। उसके बूब एकदम गुलाबी और रसीले थे।

मैं झट से उसके बूब अपने मुँह में ले कर चूसने लगा और एक को अपने हाथ से मसलने लगा। वो आह आह कर रही थी।

मैंने दस मिनट तक उसके स्तनों को चूस चूस कर और मसल मसल कर लाल कर दिया।

तभी मुझे अपने लण्ड पर कुछ गीला लगा। मैंने देखा तो उसकी चूत से पानी निकल रहा था। उसकी चूत पर झाँट के बाल थे पर थोड़े ही।

मैं उसकी चूत में मुँह डाल के चाटने लगा। उसकी चूत का दाना (क्लिट) को अपनी जीभ से चाटने लगा तो वो जोर से चिल्लाने लगी और तड़पने लगी।

मैंने अपनी एक उँगली उसकी चूत में डाल दी। उसकी चूत एकदम कसी थी। जैसे ही मैं उँगली अन्दर बाहर कर रहा था, तभी उसका पानी निकल गया। मैंने सारा पानी चाट लिया और फ़िर उठ गया।

उसकी गाण्ड के नीचे मैंने दो तकिये रख दिए और उसको अपना लण्ड दिखा के कहा- देख ! आज इससे तेरी चूत को चोदूंगा। तूने कभी चुदाई है?

उसने कहा- नहीं !

तो मैंने कहा- तुझे दर्द होगा ! सहन करना, फ़िर बहुत मज़ा आएगा।

यह कह कर मैं अपने लण्ड का टोपा उसकी चूत में डालने लगा। वो बहुत ही टाईट थी। जैसे ही मैंने एक धक्का लगाया, वो जोर जोर से रोने लगी।

मैंने एक और धक्का लगाया तो वो चिल्लाने लगी और कहने लगी कि छोड़ दो मुझे नहीं चुदवानी !

मैं एक और धक्का लगाने लगा तो मुझे लगा कोई चीज़ मेरे लण्ड को उसकी चूत में रोक रही है, मैं समझ गया कि यह उसकी सील है।

मैंने दोनो हाथों से उसके कंधों को पकड़ा और एक जोरदार धक्का लगाया, मेरा लण्ड उसकी चूत की सील फ़ाड़ते हुए चार इन्च अन्दर चला गया।

उसकी चूत से खून आने लगा और पानी भी। मैं रुक गया। वो बहुत जोर से चिल्ला रही थी और रो रही थी। मैंने उसके चूचों को मसलना चालू किया। दस मिनट बाद वो शान्त हो गई।

मैं फ़िर धीरे धीरे धक्के लगाने लगा। जब मुझे लगा कि उसको मज़ा आ रहा है तभी मैंने एक जोरदार धक्का लगाया तो मेरा लण्ड उसकी चूत में पूरी गहराई तक चला गया और वो फ़िर जोर से चिल्लाई और मुझे पकड़ लिया और आहें भरने लगी।

फ़िर मैं उसे रोज़ चोदने लगा।

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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