बहन का लौड़ा -31

अब तक आपने पढ़ा..

राधे अब धीरे-धीरे ममता के पेट को चूमता हुआ.. उसकी सफाचट चूत पर आ गया.. अब वो उसकी जाँघों को चूसने लगा.. चूत को जीभ से चाटने लगा। ममता- आह्ह.. उफ़फ्फ़ मेरे राजा.. आज तक मेरी चूत को ऐसे किसी ने नहीं चूसा.. आह्ह.. तुम सच्चे मर्द हो.. आह्ह.. इसस्स.. मेरी चूत में आग लग रही है आह्ह… राधे- हाँ मेरी रानी.. तेरी चूत बहुत मस्त है.. क्या महकता रस टपक रहा है.. तेरी चूत से.. मज़ा आ गया आज तो.. तेरी चूत को नींबू की तरह निचोड़ कर रस पी जाऊँगा.. ममता- आह्ह.. चूसो.. आह्ह.. मज़ा आ रहा है.. उफ़फ्फ़.. मेरा पानी निकलने वाला है.. उई आह्ह.. ज़ोर से चाटो आह्ह.. राधे एक उंगली से फाँक को सहलाता रहा और चूत को चूसता रहा.. जल्दी ही ममता का बदन अकड़ गया और उसकी चूत से काम रस बहने लगा.. जिसे राधे मज़े लेकर चाटने लगा.. कुछ देर में ममता का जिस्म ठंडा पड़ गया.. तब राधे उसकी चूत से अलग हुआ..

राधे अब धीरे-धीरे ममता के पेट को चूमता हुआ.. उसकी सफाचट चूत पर आ गया.. अब वो उसकी जाँघों को चूसने लगा.. चूत को जीभ से चाटने लगा।

ममता- आह्ह.. उफ़फ्फ़ मेरे राजा.. आज तक मेरी चूत को ऐसे किसी ने नहीं चूसा.. आह्ह.. तुम सच्चे मर्द हो.. आह्ह.. इसस्स.. मेरी चूत में आग लग रही है आह्ह… राधे- हाँ मेरी रानी.. तेरी चूत बहुत मस्त है.. क्या महकता रस टपक रहा है.. तेरी चूत से.. मज़ा आ गया आज तो.. तेरी चूत को नींबू की तरह निचोड़ कर रस पी जाऊँगा.. ममता- आह्ह.. चूसो.. आह्ह.. मज़ा आ रहा है.. उफ़फ्फ़.. मेरा पानी निकलने वाला है.. उई आह्ह.. ज़ोर से चाटो आह्ह..

राधे एक उंगली से फाँक को सहलाता रहा और चूत को चूसता रहा.. जल्दी ही ममता का बदन अकड़ गया और उसकी चूत से काम रस बहने लगा.. जिसे राधे मज़े लेकर चाटने लगा.. कुछ देर में ममता का जिस्म ठंडा पड़ गया.. तब राधे उसकी चूत से अलग हुआ..

अब आगे..

ममता लंबी साँसें ले रही थी और राधे उसके ऊपर-नीचे होते चूचों को देख रहा था। ममता- आह.. क्या देख रहे हो राजा.. अब किस बात का इंतज़ार है.. घुसा दो अपना मोटा डंडा.. मेरी चूत में.. कर दो मेरी चूत को बेहाल.. राधे- नहीं ममता रानी.. इतनी जल्दी नहीं.. पहले तेरे इन लुभावने चूचों को चोदूँगा.. तेरे नर्म होंठों से लौड़े को गीला करूँगा.. उसके बाद तेरी चूत को हरा-भरा करूँगा…

ममता ने अपने दोनों मम्मों को आपस में मिला लिया और राधे से कहा- आ जाओ.. चोद लो.. कर लो अपना अरमान पूरा.. राधे ममता के पेट के दोनों तरफ पैर डाल कर घुटनों के बल बैठ गया और लौड़े को चूचों के बीच घुसा कर चोदने लगा।

अब सीन ये था कि राधे जब आगे झटका मारता तो लौड़े का सुपाड़ा ममता के मुँह में जाता.. जिसे वो बड़े प्यार से चूसती.. फिर पीछे लेता.. ऐसे ही 5 मिनट तक राधे मज़े से चूचे चोदता रहा और ममता की उत्तेजना बढ़ती रही। उसकी चूत दोबारा से पानी छोड़ने के लिए ‘फड़फड़’ करने लगी थी।

ममता- आह.. मेरे राजा.. बस भी करो.. क्या चूचे चोद कर ही पानी निकालोगे.. आह.. अब मेरी चूत बेकाबू हो गई है और तुम्हारा लौड़ा भी बहुत गर्म हो गया है.. आह.. कहीं ऐसा ना हो.. कि चूत में जाते ही ठंडा हो जाए.. आह..

राधे- नहीं मेरी ममता.. रात भर तेरी बीबी जी की चूत की ठुकाई करता रहा हूँ.. इतनी जल्दी लौड़ा पानी नहीं छोड़ने वाला.. मैं तेरी चूत का कचूमर बना कर ही पानी निकालूँगा.. तूने मेरे लौड़े का कमाल देखा कहाँ है अभी.. ममता- आह सस्सस्स.. तो दिखा दो ना.. मेरे राजा अपने लौड़े का कमाल.. आह.. मेरी चूत की आग मिटा दो ना.. अहहहह.. राधे- ऐसी बात है.. तो चल आज तुझे बता ही देता हूँ मेरे लौड़े में कितनी जान है..

राधे ने ममता के पैरों को मोड़ दिया और एक तकिया उसकी कमर के नीचे लगा दिया.. जिससे उसकी चूत ऊपर को हो गई.. उसके बाद राधे ने लौड़े पर अच्छे से थूक लगाया.. थोड़ा थूक ममता की चूत पर भी लगाया और सुपाड़े को चूत पर सैट करके धीरे से धक्का मारा..

ममता- आह मर गई रे.. मेरे राजा.. लौड़ा तो बहुत मोटा है आह.. राधे- अभी कहाँ मरी मेरी रानी.. बस सुपाड़ा घुसा है.. इतना तो तेरे पति ने छेद खोल ही दिया था ना.. ममता- आह.. छेद तो खोला था.. मगर उसका इतना मोटा नहीं था.. आह.. अब मत तड़पाओ आह.. घुसा दो.. फाड़ दो मेरी चूत को.. कब से तड़फ रही हूँ.. चुदने के लिए आह..

राधे ने कमर को हल्का सा पीछे किया और ज़ोर से झटका मारा.. आधा लंड चूत में घुसता चला गया।

ममता की तो चीख निकल गई, उसे लगा जैसे आज दोबारा उसकी सील टूट गई हो, उसकी आँखों में आँसू आ गए। यही हाल राधे का भी था.. ममता की इतनी टाइट चूत थी कि उसको ज़रा भी नहीं लगा कि यह चुदी हुई है.. एकदम कच्ची कली जैसी चूत थी।

ममता- आह.. आह आईईइ.. धीरे राजा.. उई त..तुम्हारा लंड ह..ह..है.. या बम्बू.. आह.. जान निकाल दी उई.. राधे- अभी कहाँ ममता रानी.. अभी तो आधा गया है.. तेरी चूत तो बहुत टाइट है.. साला तेरा पति नामर्द ही होगा.. तू सही कहती है.. ममता- आहह आधा गया है.. तो ये हाल है.. आह.. पूरा जाएगा तो मेरी चूत फट ही जाएगी.. आह.. घुसा दो.. आज तो आह.. फाड़ दो.. मगर आज पूरा घुसा दो.. मुझे असली चुदाई का मज़ा दो.. आज तक उस नामर्द से अधूरी चुदी हूँ.. आह.. आज चोद दो.. आह.. आईईइ..

राधे आधे लौड़े को आगे-पीछे करने लगा। अब ममता को दर्द के साथ मज़ा आने लगा था। वो गाण्ड हिलाकर चुद रही थी राधे ने मौका देख कर पूरा लौड़ा बाहर निकाला और एक साथ पूरा लौड़ा चूत की गहराई में घुसा दिया।

ये झटका इतना तगड़ा था कि राधे के लौड़े की चोट ममता ने बच्चेदानी पर महसूस की। ममता- आह उह.. रूको आह.. मर गई मैं आआ आआह.. जब बहुत तेज दर्द के मारे ममता चिल्लाने लगी.. तो राधे ने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और घपाघप चोदने लगा।

ममता की आँखें आँसुओं से भर गई थी.. मगर अब दर्द कम हो गया था। लौड़े ने चूत में जगह बना ली थी.. अब वो भी राधे के होंठों को चूसने लगी थी। ममता अपनी गाण्ड को हिला-हिला कर चुदने लगी थी।

करीब 10 मिनट की चूत फाड़ चुदाई के बाद ममता झड़ गई और लंबी साँसें लेने लगी.. मगर राधे अब भी धकापेल लगा हुआ था। ममता- आह आह.. राजा तुम असली आ आह.. मर्द हो.. आह.. मेरा पानी निकाल दिया ओह आ आह.. अब भी लगे हुए हो आई.. ईसस्स.. चूत में जलन होने लगी है.. आह..

राधे- अभी कहाँ.. जानेमन तुझे शक था ना.. मेरे लौड़े पर.. आह.. ले अब चुद.. आह.. ले.. उहह उहह उहह.. ममता- आह.. आई.. सस्स..र्र राजा एक मिनट के लिए निकाल लो.. आह.. सच्ची चूत में जलन हो रही है.. राधे ने लौड़ा बाहर निकाल लिया.. उस पर ममता के रज के साथ जरा सा खून भी लगा था..

ममता- आई.. देखो सील तो मेरे पति ने तोड़ी थी.. आज तुम्हारे लौड़े ने आगे तक चूत में जगह बनाई है.. ये खून इसी लिए निकला है.. तभी जलन हो रही है.. आह.. राधे- ऐसे डरेगी.. तो माँ कैसे बनेगी.. चल अब मेरे लौड़े पर बैठ कर चुद.. मज़ा आएगा..

राधे सीधा हो गया.. और ममता को लौड़े पर बैठा कर कुदाने लगा।

ममता- आई.. आह.. मज़ा आ गया.. आज तो आह.. चोदो मेरे राजा.. आह.. मेरी चूत.. आह.. फिर से उफान पर है.. आह.. आई…

राधे ने ममता को हटाया और जल्दी से नीचे लेटा कर लौड़ा चूत में घुसा दिया और स्पीड से चोदने लगा। दोनों का पानी एक साथ निकला.. ममता को बड़ा सुकून मिला.. जब राधे का पानी उसकी चूत की मुँह में गिरा।

ममता- आह आईईइ मज़ा आ गया.. आह.. भर दो मेरी चूत को.. आह.. अपने पानी से आह.. उईईइ..

अब दोनों शान्त हो गए थे और एक-दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे।

दोस्तो, उम्मीद है कि आप को मेरी कहानी पसंद आ रही होगी.. मैं कहानी के अगले भाग में आपका इन्तजार करूँगी.. पढ़ना न भूलिएगा.. और हाँ आपके पत्रों का भी बेसब्री से इन्तजार है। [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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