माँ और मौसी ने मेरे स्टैमिना का टेस्ट लिया

मुझे अपनी माँ और मौसी के साथ नॉएडा जाना पड़ा। कुछ जरूरी काम थे, और दोनों ने मुझसे अनुरोध किया कि मैं उनके साथ चलूँ। मजबूरी में मुझे उनके साथ जाना पड़ा। काम निपटाते हुए शाम के 7 बज गए थे और अब इतनी देर में वापस जाना मुमकिन नहीं था। Son Porn Story

इसलिए हम एक होटल में गए और एक सिंगल रूम ले लिया। तभी बातों-बातों में माँ को याद आया कि उस दिन मेरा 18वाँ जन्मदिन था। दोनों ने मुझे मुबारकबाद दी। जब हम सोने लगे तो मौसी बोलीं, “बेटा, आज तुम 18 के हो गए हो। बताओ कि एक लड़की के बारे में तुम क्या जानते हो।” मैं हँसने लगा।

मैंने कहा, “मौसी, आप क्या कह रही हैं।”

मौसी बोलीं, “चलो, तुम्हारा टेस्ट लेते हैं। बताओ कि हम दोनों में से कौन ज्यादा सेक्सी और हॉट है।”

मैं घबरा गया, पर माँ ने भी मुझसे यही पूछा तो मुझे समझ नहीं आया कि क्या बोलूँ।

मैंने कहा, “इस बात का जवाब तो मुश्किल है। मुझे चेक करना पड़ेगा।”

मौसी बोलीं, “जैसे मर्जी चेक करो, जो मर्जी करो, पर जवाब दो।”

मैंने कहा, “ठीक है। मैं आपके 10 टेस्ट लूँगा।”

फिर मैं मौसी की तरफ बढ़ा और उन्हें जप्फी देकर उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मैं उनके होंठ चूस रहा था। कभी ऊपर का और कभी नीचे का। फिर मैंने माँ के होंठों पर अपने होंठ रख दिए। 10 मिनट चूसने के बाद मैंने माँ को 9 और मौसी को 10 नंबर दिए।

फिर मैंने मौसी के पल्लू को नीचे किया और उनके मम्मों को दोनों हाथों में लेकर दबाने लगा। बड़ा मजा आ रहा था। इसके बाद माँ का पल्लू नीचे कर मैंने उनके मम्मों को पकड़ लिया और काफी देर दबाने के बाद मैंने माँ को 10 और मौसी को 9 नंबर दिए।

फिर मैंने मौसी का ब्लाउज खोल दिया और ब्रा के ऊपर से उनके बॉल्स दबाने लगा। इसके बाद मैंने माँ का ब्लाउज भी खोल दिया और उनके बॉल्स को दबाने लगा। इस बार भी माँ को 10 और मौसी को 9 नंबर मिले। फिर मौसी की ब्रा खोलकर मैंने उनके मम्मों को पकड़ लिया, काफी देर खेलने के बाद मैं उनके निप्पल चूसने लगा। “Son Porn Story”

माँ की ब्रा खोलकर उनके निप्पल्स को चूसने में भी मजा आ रहा था। पर इस बार मौसी को 10 और माँ को 9 नंबर मिले। फिर मैंने मौसी की साड़ी, पेटीकोट और पैंटी उतार दी। उनकी नंगी चूत पर हाथ रखकर मुझे जोर का झटका लगा। काफी टाइट चूत थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

माँ के कपड़े उतारकर जब उनकी चूत पर हाथ रखा तो मजा ही कुछ और था। माँ एक नंबर से आगे हो गई थीं। इसके बाद मैंने अपने कपड़े उतार दिए। मेरा 9 इंच का हथियार तैयार था। मैंने उसे मौसी के मुँह में ठूस दिया। मेरा लंड उनके गले की नली को छू रहा था।

फिर माँ के मुँह में मेरा लंड अठखेलियाँ करने लगा। माँ के गले की मोरी के अंदर घुस गया था, जिससे वो काफी टाइट हो गया था। मैंने लंड को बाहर निकाला और माँ को 10 और मौसी को 9 नंबर दिए। माँ 2 से आगे चल रही थीं। इसके बाद मौसी की चूत में घुसाकर मैंने जोर के घिसे मारे।

फिर माँ की बारी थी। माँ की चूत कुछ अपनी-सी लग रही थी। काफी देर जोर लगाने के बाद माँ को 10 और मौसी को 9 नंबर मिले। माँ 3 से आगे थीं। इसके बाद मौसी की गांड की बारी थी। मेरा लंड बारी-बारी से मौसी और माँ की गांड में घुसा और मौसी 10 नंबर ले गईं और माँ को 8 ही मिले। “Son Porn Story”

फिर मैं नीचे झुका और मौसी की चूत पर अपने होंठ रख दिए। उनकी चूत के लिप्स सॉफ्ट थे। मजा आ रहा था। माँ की चूत पर होंठ रखे तो वो काफी जूसी थी, पर मौसी बराबरी पर थीं। दोनों में टाई हो गया था। मैंने कहा, “अब एक्स्ट्रा 5 मिनट में जो ज्यादा मजा दे देगा, वही ज्यादा सेक्सी और हॉट होगा।” ये सुनकर मौसी ने मुझे नीचे लिटा दिया और अपनी चूत मेरे मुँह पर रखकर बैठ गईं। मेरी जीभ उनकी चूत की गहराइयों में घूम रही थी। तभी माँ ने नीचे झुककर मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया।

अजीब सा नशा चढ़ रहा था। तभी मौसी की चूत से ढेर सा जूस निकला और मेरे मुँह में घुस गया। उधर मेरे लंड का जूस माँ के मुँह में बह रहा था और वो उसे चाट रही थीं। दोनों फिर टाई पर थीं। इस तरह ये खेल खत्म हुआ और मैच टाई हो गया। मैं सुसु करने गया तो माँ अपना मुँह खोलकर बैठ गईं। मौसी भी साथ थीं। मैंने बारी-बारी से दोनों को सुसु पिलाया। दोनों बड़े मजे से पूरा पी गईं। और फिर दोनों ने अपने सुसु से मुझे नहला दिया।

Kavya Singh

नमस्ते! मैं काव्या सिंह हूँ - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री वाली और पिछले 7 साल से हिंदी में इतनी बोल्ड कहानियाँ लिख रही हूँ कि पाठक दोबारा पढ़े बिना रह नहीं सकते। मैं भारतीय समाज के हर छुपे हुए जज़्बात को शब्दों में ढालती हूँ - वो इच्छाएँ, वो चाहतें जो आप दिन में छुपाते हैं लेकिन रात में महसूस करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेरी कहानियों को पुरस्कार मिले हैं और लाखों पाठकों ने मेरी कहानियों से अपनी रातों को गरमाया है। चलो, आज मेरी कहानी में डूब जाओ!

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