मैं जानबूझ कर लंड माँ के सामने करके सहला रहा था। मैंने देखा माँ का ध्यान भी मेरे सुपारे पर ही था और वो बार-बार अपनी जाँघों को फैला रही थीं.. चूँकि नाईटी का आगे का भाग खुला हुआ था.. जिससे मुझे कई बार उसकी बुर दिखाई दी.. मैं समझ गया कि माँ एकदम गरम […]

अपना लंड हाथ में पकड़ कर सुपारा माँ के गालों और होंठों से धीमे-धीमे रगड़ने लगा.. मैं बस उत्तेजना की वज़ह से पागल हो रहा था। अगर उस वक़्त माँ उठ भी जाती तो भी मैं नहीं रुक पाता। फिर मैं माँ के होंठों से सुपारे को सटाते हुए मुठ मारने लगा.. पर उनके मुँह […]

मैंने अलमारी में से एक पुरानी लुँगी निकाली और अंडरवियर उतार कर पहन ली और सोने का नाटक करने लगा। तभी मेरे मन में माँ की सुबह वाली बात चैक करने का विचार आया और मैंने अपनी लुँगी का सामने वाला हिस्सा थोड़ा खोल दिया.. जिससे मेरा लंड खड़ा होकर बाहर निकल गया और अपने […]

दोस्तो, मैं एक बड़े बाप का बेटा हूँ.. मेरी मॉम मुझे छोड़ कर भगवान के पास चली गईं थीं। मेरी माँ की मृत्यु के बाद मेरे पापा ने अपने से बहुत छोटी उम्र की एक माल सी दिखने वाली लड़की से शादी कर ली थी। हालांकि वो मुझसे कुछ ही वर्ष बड़ी थी.. पर अब […]

उस समय मेरा लंड इतना टाइट हो गया था कि लगा जैसे फट जाएगा.. मैं धीरे से उठ कर बैठ गया और अपनी पैन्ट उतार कर लंड को माँ के चूतड़ से सटाने की कोशिश करने लगा… पर कर नहीं पाया। तो मैं एक हाथ से माँ की बुर में ऊँगली डाल कर बाहर निकले […]

हैलो दोस्तो.. आज मैं बड़े ही सोचने-विचारने के बाद लिख रहा हूँ। हो सकता है कि किसी को मेरी कहानी पाप से परिपूर्ण लगे पर जो भी वास्तव में हुआ है.. वो मैं आपके सामने कहानी के रूप में लिख रहा हूँ। मेरे घर में मैं, मेरी माँ, मेरी पत्नी और मेरी बहन है। मेरी […]

दोस्तो, नए और आखिरी भाग में आपका स्वागत है, यह भाग आपको सबसे ज्यादा कामुक बनाएगा। अभी तक मुझे काफी मेल आये पर ज्यादा मेल भाभी और आन्टी के थे। अब तक आपने पढ़ा: माँ के मुँह से इतनी बड़ी गाली सुन कर मैं थोड़ा हड़बड़ा गया था, मगर माँ ने मुझे इसका भी मौका […]

माँ के मजे में बाधा होने पर उसने अपनी अधखुली आँखे पूरी खोल दी और मेरी ओर देखते हुए बोली, ‘रुक क्यों गया चूतिये? जल्दी जल्दी चाट ना अपने मालपुए को। मैंने मुस्कुराते हुए माँ की ओर देखा और बोला- क्या माँ, तुम भी ना? तुम्हें ध्यान है तुमने अभी अभी मुझे कितनी गालियाँ दी […]

चूमा-चाटी खत्म होने के बाद माँ ने पूछा- और बेटे, कैसा लगा माँ की चूत का स्वाद? अच्छा लगा या नहीं? ‘हाय माँ, बहुत स्वादिष्ट था, सच में मजा आ गया।’ ‘अच्छा, चलो मेरे बेटे को अच्छा लगा, इससे बढ़ कर मेरे लिए कोई बात नहीं।’ ‘माँ, तुम सच में बहुत सुन्दर हो। तुम्हारी चूचियाँ […]

माँ दांत पीस कर लगभग चीखते हुए बोलने लगी- ओह होओओ ओओह, शीई… ईईशस्स… साले कुत्ते, मेरे प्यारे बेटे, मेरे लाल, हाय रे, चूस और जोर से चूस अपनी माँ की बुर को, जीभ से चोद दे अभी, सीईई ईई चोद नाआआअ कुत्ते, हरामजादे और जोर से चोद सालेएए, चोद डाल अपनी माँ को, हाय […]

माँ ने मेरे चेहरे को अपने होंठों के पास खींच कर मेरे होंठों पर एक गहरा चुम्बन लिया और अपनी कातिल मुस्कुराहट फेंकते हुए मेरे कान के पास धीरे से बोली- सिर्फ़ दूध ही पीयेगा या मालपुआ भी खायेगा? देख तेरा मालपुआ तेरा इन्तजार कर रहा है राजा। मैंने भी माँ के होंठों का चुम्बन […]

माँ एक बार जरा पीछे घूम जाओ ना!’ ‘ओह, मेरा राजा मेरा पिछवाड़ा भी देखना चाहता है क्या? चल, पिछवाड़ा तो मैं तुझे खड़े खड़े ही दिखा देती हूँ। ले देख अपनी माँ के चूतड़ और गाण्ड को।’ इतना कह कर माँ पीछे घूम गई। ओह, कितना सुन्दर दृश्य था वो। इसे मैं अपनी पूरी […]

कहानी का पिछ्ला भाग : धोबी घाट पर माँ और मैं -11 मैं उठ कर बैठ गया और धीरे से माँ के पैरों के पास चला गया। माँ ने अपना एक पैर मोड़ रखा था और एक पैर सीधा करके रखा हुआ था, उसका पेटिकोट उसकी जांघों तक उठा हुआ था, पेटिकोट के ऊपर और […]

ओह माँ, दिखा दो ना, बस एक बार। सिर्फ़ देख कर ही सो जाऊँगा।’ पर माँ ने मेरे हाथों को झटक दिया और उठ कर खड़ी हो गई, अपने ब्लाउज़ को ठीक करने के बाद छत के कोने की तरफ चल दी। छत का वो कोना घर के पिछवाड़े की तरफ पड़ता था और वहाँ […]

मुझे तो ज़ल्दी से माँ के साथ सोने की हड़बड़ी थी कि कैसे माँ से चिपक के उसके माँसल बदन का रस ले सकूँ। पर माँ रसोई साफ करने में ज़ुटी हुई थी, मैंने भी रसोई का सामान सम्भालने में उसकी मदद करनी शुरु कर दी। कुछ ही देर में सारा सामान ज़ब ठीक ठाक […]

शाम होते-होते हम अपने घर पहुंच चुके थे। कपड़ों के गठर को ईस्तरी करने वाले कमरे में रखने के बाद, हमने हाथ-मुंह धोये और फिर माँ ने कहा कि बेटा चल कुछ खा-पी ले। भूख तो वैसे मुझे कुछ खास लगी नहीं थी (दिमाग में ज़ब सेक्स का भूत सवार हो तो भूख तो वैसे […]

ज़लगाँव बॉय मेरा लौड़ा अब पूरी तरह से उसके थूक से भीग कर गीला हो गया था और धीरे- धीरे सिकुड़ रहा था। पर उसने अब भी मेरे लण्ड को अपने मुँह से नहीं निकाला था और धीरे-धीरे मेरे सिकुड़े हुए लण्ड को अपने मुँह में किसी चॉकलेट की तरह घुमा रही थी। कुछ देर […]

कैसे हो मित्रो, क्षमा करना, यह भाग लिखने में थोड़ा समय लगा। मुझे बहुत मेल आये, खास करके महिलाओं के! मैंने लगभग सभी के मेल को ज़वाब दिया है और आशा करता हूँ कि और नए महिला पुरुष ज़रूर मेल करेंगे। अब आगे: ‘दबा, बेटा दबा।’ बस फिर क्या था, मेरी तो बांछें खिल गई, […]

मैं भी झाड़ियों के पीछे चला गया और पेशाब करने लगा। बड़ी देर तक तो मेरे लंड से पेशाब ही नहीं निकला, फिर जब लंड कुछ ढीला पड़ा तब जा के पेशाब निकलना शुरु हुआ। मैं पेशाब करने के बाद वापस पेड़ के नीचे चल पड़ा। पेड़ के पास पहुंच कर मैंने देखा माँ बैठी […]

मेरे मुख से तो आवाज ही नहीं निकल रही थी। फिर उसने हल्के-से अपना एक हाथ मेरी जांघों पर रखा और सहलाते हुए बोली- हाय, कैसे खड़ा कर रखा है, मुए ने? फिर सीधा पजामे के ऊपर से मेरे खड़े लण्ड (जो माँ के जगने से थोड़ा ढीला हो गया था, पर अब उसके हाथों […]

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