ट्रेन में चोदु दामाद सास के ऊपर चढ़ गया

मेरा नाम हंसा है, मैं छत्तीसगढ़ से हु, मैं 38 साल की हु, मेरी एक बेटी है ओजस्वी जो की २० साल की है, मैं उसको बहुत प्यार करती हु, मेरे पति नहीं है, वो दुबई में काम करते थे और वो वही एक एक्सीडेंट में गुजर गए जब ओजस्वी १० साल की थी, मैंने अपनी ज़िंदगी का दस साल कैसे बिताया मैं आपको कह नहीं सकती मैंने कैसे कैसे जिल्लत झेले. Mother In Law Sex

ओजस्वी की शादी पिछले साल ही कर दी मैंने, सच पूछिए तो वो खुद से ही की अपने बॉय फ्रेंड के साथ, आप कहेंगे की १९ साल में ही शादी क्यों कर ली तो मैं आपको बता दू की वो शादी के पहले ही उसके पेट में उसके बॉय फ्रेंड सुनील का बच्चा पल रहा था.

वो दोनों मुंबई शिफ्ट हो गए, मैं अकेले ही रह गई थी, मुझे किसी चीज की कमी नहीं है मेरे पति का दिया हुआ काफी पैसा है पर जो नहीं है वो आपको पता है, मुझे जवानी में ही सेक्स का सुख ज्यादा नहीं मिला. मैं अपनी जवानी को जब से पति गए तब से तकिया के सहारे ही ज़िंदगी काटी.

ओजस्वी अपने पति के साथ मुंबई सेटल हो गई, पर उसका प्यार मुझे ज्यादा दिन अलग नहीं रख पाया, ओजस्वी मुझे अपने पास लाने के लिए सुनील को भेजी, अब मैं भी मुंबई में ही रहती, ट्रैन में इतना भीड़ था की हम दोनों का टिकट वेटिंग से आर ए सी तक रह गया, सेकंड क्लास ऐसी का टिकट थे, निचे बाले सीट हम दोनों को मिला, और हमलोग मुंबई के लिए रवाना हो गए.

रात को मेरी ट्रैन क्रॉस करने लगी, सब लोग सो रहे थे, हम दोनों बैठे थे, बात चीत हो रही थी, सुनील का पैर मेरे जांघ को छु रहा था, मैं साडी पहनी थी, और ज्यादा कट का ब्लाउज जो की आगे से ज्यादा खुल था, इस वजह से मेरी चूचियाँ बाहर को झाँक रही थी, दोस्तों मैं हु तो ३८ साल की पर मेरा शारीर किसी २८ साल की औरत की तरह है.

अब तो पहले से और भी सुन्दर हो गई थी, चेहरा भर गया है, चूचियाँ काफी टाइट है मैं योग करती हु, तो शारीर की बनावट काफी अछि है, सुनील मेरी चूचियों को निहार रहा था, पर उसका निहारना मुझे अछा लग रहा था, सच बताऊँ दोस्तों मैं तो ये भूल गई की सुनील मेरा दामाद है, और मैंने भी अपनी आँचल थोड़ा खिसका दी.

मेरे दोनों बड़े बड़े सुडौल चुकी ब्लाउज में कसा हुआ दिखने लगा, उसके बाद मैं बाहर सीसे से झाँकने लगी, ताकि सुनील अपनी नजरों से मेरे चूक को अच्छे से निहार ले, थोड़े देर बाद मैं सुनील को गहरी तो वो एक लम्बी सांस ले रहा था, मैंने कहा सुनील मैं बैठती हु, तुम लेट जाओ.

पर उसने कहा नहीं नहीं मम्मी जी आप ही लेट जाओ, मुझे अभी नींद नहीं आ रही है, और मैं लेट गई, सुनील पैर फैलाकर बैठा था, उसका पैर की ऊँगली मेरे चूतड़ को छूने लगी, धीरे धीरे वो अपने पैर से मेरे गांड को सहलाने लगा, मैंने सोने का नाटक कर रही थी, और वो मजे लूट रहा था.

उसके बाद थोड़े देर बाद मैं सीधा लेट गई और पैर फैला दी, और थोड़ा साडी को ऊपर खींच ली, और अपना पैर मैं सुनील के लौड़े के पास ले गई, हे भगवान मोटा लैंड खड़ा था, एक दम टाइट नाग की तरह फनफना रहा था, पर मैंने सोने का नाटक करते हुए पैर को नहीं हटाई.

अब सुनील अपना एक पैर मेरे दोनों पैरो के बिच में रख लिया और धीरे धीरे आगे करके, मेरे चूत तक ले गया, साडी तो घुटने तक थी ही अंदर कंबल में उसके बाद सुनील धीरे धीरे साडी को ऊपर कर दिया और मेरे चूत को अपने पैर से ही सहलाने लगा, मेरी चूत गीली हो जाने की वजह से मेरा पेंटी भी गीली हो चुकी थी.

राजिव को समझ आ गया था की माँ जगी है, पर मैंने आँख नहीं खोली, वो धीरे धीरे साइड से अपना ऊँगली चूत के अंदर डालने की कोशिश करने लगा, पर मेरे चूत में बाल था इसवजह से मुझे दर्द होने लगा, मैंने अपना आँख खोल और सुनील को देखि, सुनील का चेहरा लाल हो गया था.

मैंने उसको देखते हुए अपने ब्लाउज का ऊपर का सारे हुक खोल दिए और थोड़ा सा उचककर मैंने ब्रा का हुक खोल दिया. सुनील मेरे होठ के पास आ गया, उसकी साँसे तेज चल रही थी, और आँखों में वासना की चमक था, उसके बाद वो मेरे पे टूट पड़ा, वो मेरे होठ को चूसने लगा और चूचियों को दबाने लगा.

और फिर तो क्या बताऊँ दोस्तों, मेरा मन तो पागल होने लगा, मुझे अब सुनील का लण्ड चाहिए अपने चूत में, मैंने सुनील को अपनी बाहों में भर ली और सहलाने लगी, उसने मेरे चूत में ऊँगली करने लगा और फिर पेंटी उतार दिया, मैंने कहा सारा कपड़ा मत उतारो, ट्रैन है.

फिर उसने बिच में बैठ कर, अपना लण्ड मेरे चूत के छेद पे लगाया और जोर जोर से पेलने लगा, मैं दस साल बाद चूद रही थी, मानो मेरा सुहागरात हो रहा हो, वो झटके पे झटके दे रहा था, और मैंने स्वर्ग का आनंद ले रही थी, मेरे मुंह से आह आह आह उफ़ उफ़ उफ़ उफ़ की आवाज आ रही थी और वो भी मुझे गालिया दे रहा था और चोद रहा था. “Mother In Law Sex”

उसके बाद उसने कहा मम्मी जी मुझे गांड मारना बहुत अच्छा लगता है, मैं तो ओजस्वी को चूत से ज्यादा गांड ही मारता हु. मैंने कहा आज तू चूत ही मार ले, क्यों की गांड में दर्द होगा तो मैं चिल्लाऊंगी, और लोगो को पता चल जायेगा, इसलिए तुम मुझे मुंबई में जिस तरह से चोदना हो या गांड मारना हो, मार लेना अब तो मैं तुम्हारी हो गई हु.

इतना कहते ही वो जोर जोर से तेजी से चोदने लगा, मैंने भी गांड उठा उठा के चुदवाने लगी, फिर तो ट्रैन की रफ़्तार के साथ साथ हम दोनों की रफ़्तार भी बढ़ गई, और फिर हमलोग मथुरा आते आते करीब तिन से चार बार झड़ चुके थे, मुंबई पहुंची, कहना पीना खाये, और फिर हम लोग बेखबर सो गए, क्यों की रात को चुदाई हो रही थी.

शाम को एक रजिस्ट्री आई जिसमे जब का ट्रेनिंग लेटर था और उसकी जॉब लग गई थी, बैंक में उसको जाना था, ओजस्वी अकेली ही दूसरे दिन अहमदाबाद चली गई, फिर तो क्या बताऊँ दोस्तों सुनील और मेरा रिश्ता पति पत्नी से बढ़कर हो गया, हम लोग अपने ज़िंदगी को खूब एन्जॉय कर रहे है, अब मैं मैं सुनील के बच्चे की माँ बन्ने बाली हो गई है, पर क्या करूँ समझ नहीं आ रहा है ओजस्वी को पता जब चलेगा तो क्या कहेगी, क्या मैं अपने बच्चे को जन्म दू की नहीं, मैं अभी बहुत परेशां हु.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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