मौसी या सौतेली माँ बेटा सेक्स स्टोरी

दोस्तो, मेरा नाम भावना है, मेरी उम्र 32 साल है। यह मेरे जीवन की पहली और सच्ची कहानी है, यह माँ बेटा सेक्स स्टोरी मेरी और मेरी बहन के लड़के की है।

मेरी बहन शादी के 4 साल बाद कैन्सर से मर गई थी, तब उनका लड़का सोनू 2 साल का था।

सोनू की अच्छी परवरिश के लिए मेरे घर वालों ने मेरी शादी मेरे ही जीजाजी से करा दी और अब वो मेरे पति परमेश्वर हैं, वो मुझसे बहुत प्यार करते हैं और मैं भी उनसे! मेरा रंग गोरा है और फिगर 34-32-36 है। शादी के 3 साल बाद मुझे एक बच्ची हुई और अब हम 4 लोगों का हंसता खेलता परिवार है।

मैंने सोनू को हमेशा उसकी माँ की तरह ही प्यार किया है। पहले तो वो मुझे माँ ही बुलाता था पर जब वो बड़ा हुआ तो मुझे मौसी कहने लगा। मैं भी समझ गई कि उसे शायद मेरा और उसके पापा का रिश्ता अब समझ आ गया है।

सोनू अब बड़ा हो गया है और मेरी बेटी 10 साल की, मुझे दोनों से ही बहुत प्यार है, मेरी बेटी अभी बहुत छोटी है। सोनू और मेरे बीच किसी भी तरह की कोई बंन्दिश नहीं है, हम दोनों आपस में बहुत खुले हुए हैं, हम दोनों हमेशा साथ में ही नहाते हैं, तब मैं उसे बच्चा समझती थी, वो मेरे सामने नंगा नहाया करता था और कभी कभी में भी उसके सामने नंगी हो जाया करती थी और उसी के सामने कपड़े बदला करती थी। मैंने उसे कह दिया था कि कभी सेक्स के बारे में कुछ पूछना हुआ करे तो बेहिचक पूछ लिया करो।

कभी कभी वो मेरी चूत छू भी लेता था तो मैं उसे कुछ नहीं कहती थी, हमेशा उसे दिखा कर बताती थी कि यहाँ से पेशाब करते हैं और उसे खोल कर दिखा देती थी। क्योंकि मेरी चूत पर बाल नहीं होते थे तो उसे आसानी से दिख जाती थी।

जब उसका लंड खड़ा हो जाता था तो वो शर्माने लगता था तो मैं उसे बताती थी कि यह नेचुरल है, इसमें उसका कोई दोष नहीं है और वो समझ जाता था। क्योंकि मैं जानती थी कि इस उम्र में अगर उसे ये सब नहीं मिला तो शायद वो बाहर जाकर कुछ गलत ना कर दे। वैसे भी आजकल बाहर सेक्स करने से या तो एड्स हो जाता है या फिर लड़कियाँ उनको ब्लैकमेल करने लगती हैं।

हम सब साथ में ही सोते थे। एक रात जब मैं सो रही थी, मुझे मेरे गाउन के ऊपर कुछ महसूस हुआ। मेरी नींद खुल चुकी थी, सोनू ही था वो… थोड़ी देर बाद उसने मेरे गाउन को ऊपर करना शुरू कर दिया पर पूरी तरह से ऊपर नहीं कर पाया। मुझे भी अब मजा आने लगा था। फिर उसने अपना पजामा उतार दिया लेकिन शायद वो डर रहा था कि कहीं मैं उठ ना जाऊँ।

वो अपना लंड मेरी टांगों के बीच लगा रहा था पर जा नहीं रहा था तो मैं उसकी तरफ को थोड़ी करवट लेकर सोने का बहाना करने लगी और फिर वो मुझसे लिपट गया और अपने लंड को मेरी गांड से लगा कर मजा लेने लगा। अब शायद उसको भी लगने लगा था कि मैं जाग रही हूँ। यह माँ बेटा सेक्स स्टोरी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!

थोड़ी देर बाद मुझे लगा कि वो मेरी चूत से भी मजे लेना चाहता है तो मैं उसकी तरफ करवट करके लेट गई, अब सोनू ने मेरा पूरा गाउन ऊपर कर दिया और फिर अपने हाथों से मेरी टांगों को खोलने लगा। फिर धीरे धीरे वो अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा पर चिकनाई न होने के कारण उसका लंड अन्दर नहीं गया और फिर वो थक कर सो गया।

सुबह रोज की तरह हमारी बात हुई और फिर वो नहा कर स्कूल चला गया। स्कूल से आने के बाद उसने खाना खाया और टीवी देखने लगा। रात को सब खाना खाकर सोने चले गये।

रात को मेरे पति उठे और मुझे भी उठा दिया, वो मेरे साथ सेक्स करने लगे। मुझे पता था कि सोनू जाग रहा है।

चुदाई के बाद मैं बाथरूम में गई और अपनी चूत साफ करने लगी। और जब लौटी तो मेरे पति सो चुके थे।

मैंने सोनू की तरफ देखा तो वो सोने की एक्टिंग रहा था, मैं उसकी तरफ देख कर मुस्कुराने लगी क्योंकि वो हल्की खुली आँखों से मुझे देख रहा था। फिर मैंने अपनी चूत पर खूब साऱी वेसलीन लगा ली ताकि सोनू को कोई दिक्कत ना हो।

मेरे सोने के बाद वो उठा, उसने भी अपने लंड पर वेसलीन लगा ली और मेरे पास आकर लेट गया। मैंने अपना गाउन ऊपर कर दिया ताकि सोनू आसानी से उसे उठा सके।

उसने मेरा गाउन और ऊपर कर दिया, मेरी चूत पर अपना लंड रख दिया और धीरे धीरे अन्दर डालने लगा। उम्म्ह… अहह… हय… याह… उसे छेद का तो पता ही था क्योंकि नहाते समय उसने बहुत बार देखा था। धीरे धीरे उसका लंड अन्दर चला गया और मुझे चोदने लगा। पर शायद एक्सपीरियंस न होने के कारण जल्दी ही झड़ गया। उसने अपना माल मेरी चूत में ही छोड़ दिया।

फिर रात में एक बार और उसने मेरी चूत को गीला किया और सो गया।

अगले दिन जब वो उठा तो कुछ डरा डरा सा लग रहा था, शायद वो डर रहा था कि कहीं मैं किसी को बता ना दूँ। पर मैंने उससे एकदम सामान्य होकर बात की और फिर वो भी नार्मल हो गया।

ये माँ बेटा सेक्स स्टोरी आपको कैसी लगी, अपने विचार बताने के लिए मुझे मेल करें। [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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