माँ की चूत में वीर्य स्खलित किया बेटे ने 2

दोस्तों मैं राहुल अवस्थी, पिछले भाग “ माँ की चूत में वीर्य स्खलित किया बेटे ने 1 “ को आप सबों ने पढ़ा, मेरी मॉम शीला मेरे साथ छत पर सहवास की फिर दोनों खाना खाकर आराम करने लगे, शाम होते ही मैं अपने बेडरूम से निकला फिर बालकनी आया तो मॉम और दोनों बहनें कुर्सी पर बैठी हुई थी। Maa Bahan Chudai Story

मॉम तो साड़ी के लिबास में थी लेकिन बहनें शॉर्ट्स और टॉप्स में तो ऋतु फ्रॉक पहन अपने जिस्म की नुमाइश कर रही थी और मैं एक कुर्सी पर बैठा तो मॉम पूछी “क्यों राहुल अब कैसी है तेरी तबियत” (मैं बोला) ठीक है” तभी पापा ने ऋतु को बुलाया फिर वो चली गई और मॉम भी वहां से उठी, मैं नीतू के नग्न मोटे जांघों को देख रहा था.

तो वो अपने मोबाइल में कुछ देख रही थी, तभी मॉम आई और नीतू अपने मोबाइल टेबल पर रख बोली “राहुल भैया आपकी तबियत को क्या हुआ” (मै उसको देख बोला) बदन में दर्द था इसलिए कॉलेज नहीं गया (नीतू हंस दी) वाह, मॉम के बदन में भी दर्द और आपके बदन में भी दर्द क्या संयोग है.

(मॉम बोली) नीतू तुझे इससे क्या मतलब (नीतू हंस दी) कुछ नहीं वैसे दोनों ने एक दूसरे के बदन की खूब मालिश की (मैं नीतू की बात सुनकर दंग रह गया और मॉम की ओर देखा) क्यों मॉम नीतू क्या बोल रही है (मॉम बोली) तू कर सकता हैं वो जान भी नहीं सकती (मैं नीतू की ओर देखा तो नजरें उसकी बूब्स पर टिक जाती).

ये बात है वैसे नीतू तू ऐसे ड्रेस क्यों पहनती है (नीतू बेझिझक बोली) इसमें क्या प्रॉब्लम, मेरा बदन है मैं जो भी ड्रेस पहनूं (मै) मॉम तुम नीतू और ऋतु को क्यों नहीं समझाती कि इसके नंगेपन की चर्चा मुहल्ले में होती है (मॉम बोली) राहुल इन दकियानूसी बातों को छोड़ और नीतू पर ध्यान दे.”

ये कहकर मॉम उठकर चली गई तो नीतू, उम्र १९ वर्ष, कद ५’५ इंच, गोरा बदन, गुलाबी ओंठ तो चूचियां मानों नारंगी की तरह साथ ही गोल गद्देदार चूतड और मोटी चिकनी जांघें, मेरे करीब कुर्सी कर बैठ गई और मेरे गर्दन में हाथ डाल बोली ” राहुल तू तो मां के साथ भी एंजॉय किया, अधेड़ उम्र की औरत और मैं तो १९ साल की लौंडिया हूं.

(मैं नीतू के पीठ पर हाथ रख फेरने लगा) तो क्या चाहिए तुम्हें (नीतू अपना हाथ मेरे शॉर्ट्स पर रख लण्ङ को पकड़ दबाने लगी) इसे चूसने की इच्छा है (मैं नीतू के गाल चूम लिया) ठीक है बेबी तेरी मर्जी.” और फिर मैं अपना शॉर्ट्स कमर से नीचे कर अर्ध नग्न हो गया.

तो नीतू मेरे पैर के सामने घुटने के बल बैठ लण्ङ को पकड़ चूमने लगी, मेरा लण्ङ सुस्त पड़ा हुआ था. इसलिए नीतू झट से मुंह में भर चूसने लगी और मैं उसके टॉप्स पर हाथ लगाए बूब्स को पकड़े दबाने लगा, नीतू के मुंह में मेरा लण्ङ था और उसे चूसते हुए मेरे जांघ सहला रही थी.

तो मैं अब उसके टॉप्स को गर्दन तक किया फिर उसकी चूची पकड़े दबाने लगा, मेरा लौड़ा उसकी मुंह में टाईट हो रहा था और मैं उसके गोल और भारी बूब्स को दबाने में मस्त था, तभी मॉम आई और बोली “वाह साली तुरंत ही मेरे आशिक का लण्ङ चूसने लगी. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

(नीतू लण्ङ मुंह से निकाल जीभ से चाटने लगी) साली तेरा आशिक, तू तो इसकी मां है तेरे पर ये रहम कर गया वरना तेरी जैसी औरत को राहुल नजर उठाकर ना देखे (नीतू लण्ङ चाटने में मश्गूल थी तो मैं उसके टॉप्स गर्दन से निकाल चूची को दबाने लगा) ऐसी बात नहीं है बेबी, मॉम इस उम्र में भी हॉट और सेक्सी हैं.”

तो नीतू अब दुबारा लण्ङ मुंह में भर चूसने लगी और मैं उसके नग्न पीठ सहलाने लगा, १९ साल की सुंदर लौंडिया मेरी बहन नीतू के बदन पर सवार होकर चोदने की इच्छा थी और अब नीतू चेहरा को ऊपर नीचे करते हुए मुखमैथुन करने लगी तो मेरा लण्ङ पूरी तरह से टाईट हो गया।

नीतू मेरे लण्ङ मुंह से निकाल जीभ से चाटने लगी तो मॉम मेरे बगल में कुर्सी पर बैठ गई और मैं उनके गाल चूमने लगा तो मॉम मेरे ओंठ पर चुंबन देते हुए बोली “नीतू तेरे भैया का औजार मस्त है (नीतू लण्ङ को छोड़ उठी) तुम तो असली मजा ले ली आज रात मेरी बारी है.

(मॉम अब घुटने के बल मेरे सामने बैठ लण्ङ को मुंह में भर चूसने लगी) नीतू आज रात नहीं, पहले ओरल सेक्स का मजा लो फिर (नीतू मेरे ओंठ चूमने लगी और मैं) ठीक है राहुल.” फिर मैं नीतू के होंठ चूसने लगा तो मेरा हाथ उसकी बूब्स दबाए जा रही थी.

मॉम लण्ङ मुंह में भर चेहरा ऊपर नीचे करते हुए मुखमैथुन करने लगी और मैं नीतू के रसीले ओंठ को चूस रहा था तो वो मेरे बाल पकड़ सहला रही थी. कुछ देर बाद नीतू ओंठ मुंह से निकाल बोली “जीभ चूसेगा (मै हंस दिया) जरूर बेबी” और नीतू अपना जीभ मेरे मुंह में भर दी जिसे चूसते हुए मैं मॉम के मुंह में लण्ङ डाले था.

मॉम कुछ देर मुखमैथुन की फिर लण्ङ चाटने लगी” राहुल प्लीज मेरी चूत चोद दो रसीली हो चुकी है (मैं जीभ चूसता रहा फिर नीतू जीभ निकाल बोली) पहले मॉम की आग बुझा दे” और फिर… मॉम बालकनी में ही दीवार के सहारे खड़ी हो गई तो मैं उनके साड़ी और पेटीकोट को कमर तक उठा दिया.

वो टांग फैलाए खड़ी थी और मैं मॉम के चूतड के सामने लण्ङ पकड़े खड़ा था फिर जांघों के बीच लण्ङ घुसाया और धीरे से लण्ङ पेल दिया. मॉम की गीली चूत में १/२ लण्ङ घुस चुका था और मैं मॉम के कमर को पकड़े जोर से लंड का धक्का चूत में दिया और लण्ङ उनके चूत में समा गया.

मॉम दीवार के सहारे घोड़ी बनी हुई थी और मैं उनके कमर को पकड़े धकाधक चुदाई करने लगा तो नीतू कुर्सी पर बैठ टॉप्स पहन ली और अपने मां की चुदाई देख रही थी. मॉम अपने चूतड को हिलाते हुए लण्ङ का मजा ले रही थी तो मैं मॉम के साड़ी को छाती पर से हटाया फिर ब्लाउज के ऊपर से ही बूब्स दबाने लगा.

मॉम “आह अआआह उह बहुत मजा आ रहा है और तेज तेज चोद मेरे लाल. (नीतू हंस दी) हमारी मॉम एक नंबर की चुदासी औरत है (मेरा लण्ङ गपागप अंदर बाहर हो रहा था) ओह आह अआआह शीला तू अब भी मस्त सेक्सी औरत है” मॉम तो चुदाई का आनंद ले रही थी तो मेरा लण्ङ उसकी चूत में दौड़ लगा रहा था. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

शाम का मौसम और घर पर मॉम की चुदाई तो नीतू देखते हुए अपनी बूब्स दबाने लगी, इधर मॉम की चूत गर्म हो चुकी थी और वो चूतड स्थिर कर चुदाने में मस्त थी “क्यों नीतू आज रात ही भैया से चुदवाएगी (नीतू) नहीं कुछ दिनों तक ओरल सेक्स फिर… इनका लण्ङ बहुत मोटा है.”

और मैं अब मॉम की चूत को आराम से चोद रहा था तो मॉम पीछे मुड़कर देखी, मेरे हाथ में उनका बूब्स था जिसे दबाने में बहुत मजा आ रहा था, मॉम चूतड को आगे पीछे करते हुए चुदाने में मस्त थी “आह अआआह राहुल और तेजी से चोद ना मेरी चूत का कचूमर निकाल दे काश तेरे पापा इस तरह देर तक चोद पाते. “Maa Bahan Chudai Story”

(नीतू अब अपने कपड़े पहन बोली) तू दोनों चुदाई का मजा ले मैं रात के खाना की तैयारी करती हूं” और वो चली गई तो मैं मॉम को घोड़ी बनाए धकाधक चोद रहा था. मॉम के ब्लाउज से चुचियों को बाहर कर मसलने लगा तो वो चूतड हिला हिलाकर चुदाने में लीन थी और मैं और मेरा लण्ङ उनकी बुर में टीका हुआ था.

आह ओह मॉम तेरी चूत कितनी कोमल है बहुत मजा आ रहा है. (मॉम बोली) आज रात नीतू के साथ भी काम क्रिया करना है (मै हंस दिया) तेरा बेटा गबरू जवान है, वैसे नीतू मेरे मूसल लण्ङ देख सहम गई (मॉम की चूत अग्निकुंड हो चुकी थी) पता नहीं सील तो नहीं तुड़वा ली है.

(मै मॉम की चूत में अब तेज धक्का देने लगा) उससे क्या मतलब मॉम, उसकी चूत वो जाने” और मैं गपागप लण्ङ अंदर बाहर किए जा रहा था. तो मॉम भी चूतड हिला हिलाकर चुदाने का मजा बढ़ा रही थी, अब मेरा लण्ङ पूरी तरह से गर्म हो चुका था, कुछ देर बाद मैं बोला “आह उह अब मेरा निकला आअह्ह ये पिला साली अपनी चूत को.” और मेरे लंड से वीर्य स्खलित होकर उसकी चूत को गिला कर दिया, फिर दोनों अलग होकर फ्रेश हुए।

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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