बेटे से चुदवाने लगी चुदासी माँ

मैं एक विधवा औरत हूँ मेरा नाम मीरा है, मैं नेपाल में रहती हूँ मैं काफी गोरी लम्बी स्मार्ट हूँ मेरी बुर कई सालो से लंड के लिए तड़प रही है.मैं अपने बेटे के साथ अकेले रहती हु मेरा बेटा अब जवान हो गया है. ५२ साल की हो जाने के मेरी बुर का सहारा बस मेरी उंगलिया और गाजर मोमबत्ती ही थे. Chudai Maa Bete Ki Kahani

एक दिन मैंने अपने से छोटे भाई और उसकी वाइफ की चुदाई देख ली. तब से आग और भड़क गयी. फिर मैं अपने बेटे अनमोल को जो अपनी जीएफ से सेक्स की बात कर रहा था वो सुनी तो बुर गीली हो गयी. जीएफ के मना करने से अनमोल उदास हो गया और मुझे मेरी बुर के लिए लंड मिलने का अवसर नजर आया.

रात को मैं उसके कमरे में गयी और बातो बातो में उसे गरम कर दिया. अब वो बिलकुल नंगा और मैं केवल ब्रा में थी. और उसके होंठ मेरी बुर पे थे… अब अनमोल मेरी बुर को अपने होंटो से दबाने लगा. फिर उसने जीभ निकाली और मेरी बुर के छेद में फिराने लगा. मेरी आँखे बंद हो गयी. मेरी बुर एकदम गीली हो गयी. वो मेरी बुर के रस को चाटने लगा.

मेरी हालत ख़राब हो रही थी. मैंने अपनी ब्रा उतारी और अपने हाथो से दोनों चुचिओ को दबाने लगी. मेरे मुँह से आआआहहहहहहह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह निकल रहे थे. बेटा मेरी बुर को काटे जा रहा था. मैं पलग पे बैठ गयी और मैंने टाँगे चौड़ी कर ली. जिससे मेरी बुर का छेद और खुल गया. अनमोल ने उस छेद में अपनी २ ऊँगली घुसा दी और उन्हें अंदर बाहर करने लगा. फिर वो मेरे होंठो को साथ में चूसने लगा. मैंने कहा-

“अनमोल तू तो बहुत मज़े दे रहा है पहले भी किसी को चोदा है क्या?”

“नहीं तो मम्मी.,”

“फिर इतना एक्सपर्ट कैसे हो गया… बता न चोदा है?”

“हाँ मम्मी.”

“म्मम्मम्मम तभी किसे चोदा है,”

“घर में जो कपडे धोने आती है ना उसे.”

“क्याआआआ उसे कैसे पटा लिए.”

“मैंने नहीं मम्मी उसने ही पटाया मुझे और चुदाई भी सिखाई.”

“और भी किसी को चोदा क्या?”

मेरी हालत और ख़राब हो रही थी वो अब तेज़ रफ़्तार से उंगलियों को घुसा रहा था.

“बस एक कॉल गर्ल को भी चोदा है.”

उसने बुर से ऊँगली निकाल कर अपने दोनों हाथ मेरे बूब्स पे रख दिए और उनको आटे की तरह गूंथने लगा. मुझे बहुत मजा आ रहा था. पहली बार कोई और मेरे बूब्स दबा रहा था. पहली बार किसी और ने मेरी बुर छुई थी उसे छठा था. बूब्स दबाता हुआ वो कभी मेरे होठ पे और कभी गाल पे कभी गर्दन पे किश कर रहा था. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है. “Chudai Maa Bete Ki Kahani”

और मैं “आआआअह्ह्ह्हह… म्म्म्मम्म्म्मम्म….” कर रही थी.

“मम्मी आपने कभी पापा को छोड़कर किसी और से चुदाई करवाई है” उसने पुछा.

“नहीं रे तड़प रही है तेरी मम्मी की बुर.. आज इतने सालो बाद चुदवाउंगी… तू चोदेगा ना बेटा मुझे?”

“हाँ मम्मी चोदुंगा.”

वो खड़ा हुआ और फिर उसने मेरी टांगे फैला कर अपना लंड मेरी बुर के मुँह पे रखा और एक धक्का दिया. लंड थोड़ा सा ही अंदर गया था पैर मेरी जान निकल गयी मैं चिल्ला पड़ी “उउउउउउइइइइइइ मर गयी अन्न्मोल्ल क्या कर रहा है…” “तुम्हारी बुर का उद्घाटन कर रहा हु मम्मी.” “मत कर फट जाएगी बुर.”

उसने एक और धक्का दिया लंड आधा घुस गया मेरी आँखों से आंसू निकल गए. “दर्द हो रहा है मम्मी?” “हां रे बहुउउत” उसने अपना लंड निकला और बोला “मम्मी इसे खूब चाटो और थूक से पूरा गीला कर दो.” मैंने उसके लंड को खूब चूसा और थूक लगा लगा कर गीला कर दिया. फिर उसने मेरी बुर का चीर कर थोड़ा चौड़ा किया और लौड़ा वहाँ लगा कर ज़ोर से धक्का दिया. अबके पूरा लंड घुस गया और ज्यादा दर्द भी नहीं हुआ. फिर अनमोल ने मेरी खूब चुदाई की मैंने भी उसका खूब साथ दिया.

वो ऊपर से धक्का लगा रहा था मैं नीचे से गांड उछाल कर चुदवा रही थी. पता नहीं क्या क्या बोल रही थी. “चोदो मेरे अनमोल खुब चोदो… मेरी बुर का चबूतरा बना दे… बेचारी अब तक गाजर से काम चलाती रही है…. पर अब नहीं अब ये तेरा रोजाना लंड खायेगी.” “हाँ मम्मी मैं भी रोजाना तुम्हारी बुर चोदुंगा…. माँ चुदाये तृप्ति साली बुर का घमंड दिखाती है… मेरी मम्मी की बुर के सामने कुछ भी नहीं है…” और इस तरह हमारी चुदाई शुरू हुई… थोड़ी देर बाद हम दोनों शांत हो गए अनमोल ने बुर चोदने के बाद लंड का पानी मेरे बूब्स पे डाल दिया जिससे मैंने उनकी मालिश कर ली. Chudai Maa Bete Ki Kahani

Kavya Singh

नमस्ते! मैं काव्या सिंह हूँ - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री वाली और पिछले 7 साल से हिंदी में इतनी बोल्ड कहानियाँ लिख रही हूँ कि पाठक दोबारा पढ़े बिना रह नहीं सकते। मैं भारतीय समाज के हर छुपे हुए जज़्बात को शब्दों में ढालती हूँ - वो इच्छाएँ, वो चाहतें जो आप दिन में छुपाते हैं लेकिन रात में महसूस करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेरी कहानियों को पुरस्कार मिले हैं और लाखों पाठकों ने मेरी कहानियों से अपनी रातों को गरमाया है। चलो, आज मेरी कहानी में डूब जाओ!

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