माँ की चूत में वीर्य स्खलित किया बेटे ने 4

फ्रेंड्स मैं राहुल अवस्थी, आप सबों ने “ माँ की चूत में वीर्य स्खलित किया बेटे ने 3 “ और उसके दो भाग को पढ़ा, मेरी मॉम शीला साथ ही बहन नीतू मेरे कसरती बदन से प्रभावित थी तो रीतू फिलहाल घर में चल रहे अनैतिक संबंध से वाकिफ नहीं थी। पिछली रात मॉम और बहन के साथ सेक्स किया तो बहन नीतू मेरे लण्ङ चूसकर टाईट कर दी तो मैं मॉम की चूत चुदाई किया. Bhai Bahan Taboo Porn

फिर अगले दिन मॉम स्कूल चली गईं तो बहन रीतू भी अपनी क्लास, घर में उस दिन नीतू थी और मैं भी कॉलेज नहीं गया था, मुझे मालूम था कि नीतू घर में क्यों है और मैं भी उसके साथ सेक्स करना चाहता था । नीतू महज १९ वर्ष की लौंडिया, देखने में सुंदर तो बदन स्लिम, अनछुई जवानी तो चूचियां मस्त और सुबह सुबह नीतू मेरे करीब आकर बालकनी में बैठ गई.

वो स्कर्ट और टॉप्स पहन रखी थी लेकिन टॉप्स की लंबाई बहुत छोटी थी और वो मुझे एक प्याला कॉफी देते हुए कुर्सी पर बैठ गईं। मैं उसके बूब्स पर नजर टिकाए हुए था और नीतू मुस्कुराई “राहुल एक चीज देखोगे (मैं कॉफी पीता हुआ) हां बेबी दिखाओ (वो थोड़ी दूरी पर कुर्सी किए जांघ फैलाए बैठी) अब देखो राहुल.

(मैं उसके नग्न जांघों को देखता हुआ अंदर झांका तो वो चूत को नग्न रखी थी) देख लिया तुम शायद पेंटी पहनना भूल गई हो (नीतू हंस दी) सही बोले राहुल वैसे आज कॉलेज नहीं गए (मैं बोला) कल दिन रात काफी थकान हो गया इसलिए” और फिर नीतू कॉफी के खाली प्याला को लेकर चली गई.

मैं सुबह सुबह धूप सेंक रहा था और नीतू वापस आई फिर मेरे गोद में बैठ कंधे में हाथ डाले गाल चूमने लगी तो मैं उसके पीठ को सहला रहा था “चलो ना छत पर मालिश कर देना (मैं उसके ओंठ चूम लिया) बेबी तुम मॉम की तरह ३८ साल की औरत नहीं हो की वैसी मालिश कर दूं (नीतू शर्म से चेहरा फेर ली) पता है लेकिन थोड़ी बहुत.”

फिर दोनों छत पर चले गए, साथ में चटाई और तकिया तो तेल की बोतल साथ ले गए, हमलोगों के घर के आसपास कोई घर नहीं था इसलिए छत पर भी नग्न अवस्था में रहना आसान था। नीतू चटाई पर बैठ गई तो मैं भी उसके सामने बैठ गया फिर उसके टॉप्स को गर्दन से बाहर करने लगा तो उसकी चूचियां नग्न थी और नीतू खुद स्कर्ट को खोल नंगी हो गई.

मैं अब नीतू को गोद में बिठाया तो वो अपने दोनों पैर मेरे कमर से लपेट बैठ गई, मैं उसके ओंठ चूमने लगा और नीतू मेरे पीठ पर हाथ फेरते हुए मेरे गाल चूमने लगी, नग्न अवस्था में बैठी बहन को बाहों में लिए ओंठ चूसने लगा तो वो मेरे छाती से अपनी मुलायम चूचियां रगड़ने लगी.

फिर मेरे मुंह में जीभ घुसाए चुसवाने लगी, मैं नीतू को बाहों में भर जीभ चूस रहा था तो मेरा एक हाथ उसकी चूतड के नीचे था और मैं उंगली से चूत को टटोलने लगा फिर गांड़ की ओर से चूत में उंगली डाले कुरेदने लगा, नीतू की आँखें बंद थी तो दोनों की गर्म सांसें टकरा रही थी और वो मेरे मुंह में जीभ डाले मस्त थी तो मेरा लण्ङ शोर्ट्स में टाईट हो चुका था.

कुछ देर बाद नीतू मेरे चेहरे को पीछे कर जीभ मुंह से निकाल ली फिर मेरे कंधे पर सर रख पीठ सहलाने लगी” राहुल मुझे भी तेरा असली प्यार चाहिए कब करोगे (मैं उसके गाल चूमने लगा) बेबी मॉम के सामने बस कुछ प्रोटेक्शन यूज करना होगा (नीतू मेरे गाल चूमने लगी).

लेकिन मॉम के सामने करना जरूरी है (मैं उसके कान पकड़ ऐंठ दिया) हां बेबी वो रहेगी तो तुम्हें अच्छा लगेगा बस दो तीन रात मेरे साथ ओरल सेक्स करो ना” और मैं नीतू को चटाई पर लिटाया फिर उसके बूब्स को पकड़े दबाने लगा तो नीतू टांग पर टांग चढ़ाए लेटी हुई थी, अब मैं उसकी बूब्स पर चेहरा झुकाए मुंह में चूची भर चूसने लगा. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

तो नीतू मेरे पीठ पर नाखून गड़ाते हुए मस्त थी और उसका दूसरा हाथ मेरे शॉर्ट्स के ऊपर से ही लण्ङ पकड़े दबाने लगा तो मैं नीतू की चूची मुंह से निकाल शॉर्ट्स को खोल दिया फिर बनियान भी उतार नंगा हो गया । छत पर सूर्य की रोशनी में भाई बहन नंगे थे और मैं उसकी चूची मुंह में लिए चूसने लगा.

फिर उसकी जांघों को फैलाया और एक हाथ चूत पर लगाया और चूत को सहलाने लगा, नीतू सिसकने लगी “आह उह आअह्ह राहुल मेरी चूत में खुजली हो रही है चाट न” लेकिन मैं नीतू की चूची चूसने में मस्त था, एक उंगली बहन की चूत में घुसाए कुरेदने लगा, नीतू की चूत टाईट थी.

दोनों फांक मुरब्बे की तरह फूली हुई तो लालिमा लिए चूत पर बाल नहीं थे और मैं नीतू के चूची को मुंह से निकाल उसके निप्पल को जीभ से चाटने लगा तो नीतू गर्म हो चुकी थी और अब मैं उसके बाईं चूची को मुंह में लिए चूसने लगा, उसकी चूची टाईट थी और वो २६ सी साईज की ब्रा पहनती थी.

नीतू की चूत को उंगली से चोदते हुए स्तनपान कर रहा था और वो आहें भरने लगी “आह ओह ऊं मेरी बुर कितनी खुजली हो रही है अब चोद ना मुझे” लेकिन मैं स्तनपान करता रहा और वो मेरे लण्ङ को हिला रही थी कुछ देर बाद मुंह से चूची निकाल दिया लेकिन चूत को उंगली से चोद रहा था.

“बेबी अभी तो एक उंगली से चूत चोद रहा हूं फिर दो उंगली डालकर चोदूंगा (नीतू का चेहरा लाल हो चुका था) तो क्या कौमार्य भंग कराने में दर्द नहीं होगा (मैं अब नीतू के बदन को चूमने लगा) दर्द तो होगा बेबी, दो तीन चुदाई तकलीफ होगी फिर बहुत मजा आएगा.

और नीतू की चूत से रस निकलने लगा तो मैं उंगली निकाल चाट लिया फिर नीतू की चूत फैलाया और जीभ से रस का स्वाद लेने लगा, नीतू की जांघों को चूमता हुआ कामुक कर रहा था और वो बोली “सिर्फ ओरल सेक्स करने में मजा नहीं आता (मैं हंस दिया) ओह बेबी दो चार दिन रुको फिर तो तू जितनी बार बोलेगी मैं तेरी चूत चोदूंगा.”

और अब मैं नीतू के बगल में लेट उसके बूब्स दबाने लगा। नीतू उठी फिर मेरे कमर के पास बैठ गई, अब लण्ङ को पकड़े उसको चूमना शुरू की तो मेरा ९ इंच लंबा २ इंच मोटा लण्ङ टाईट था, उसे चूमते हुए मुझसे नजरें मिलाते हुए मस्त थी तो मैं उसके बूब्स को पकड़ दबाने लगा. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

फिर नीतू अपने ओंठो के बीच लण्ङ लिए चूसने लगी और धीरे धीरे आधा से अधिक लण्ङ मुंह में भर चूस रही थी तो मैं उसके बूब्स दबाए जा रहा था, नीतू का चेहरा लाल हो चुका था और वो काम की मूर्त दिख रही थी, अब लन्ड मुंह से निकाल उसे जीभ से चाटने लगी तो मैं “आह उह आअह्ह ओह नीतू तुम बहुत हॉट हो चूसो ना (नीतू मुझे आंख मारी) चुस्ती हूं साले अपनी बहन को कब चोदेगा.”

मैं चुप रहा फिर नीतू मुंह में लण्ङ लिए मुखमैथुन करने लगी, मुंह का झटका देते हुए मस्त थी तो उसकी दोनों चूचियां दबाते हुए मैं मजे ले रहा था, मैं सोच रहा था कि क्यों ना नीतू को अपने ऊपर उल्टे दिशा में लिटाकर चूत भी चाटू फिर सोचा फिलहाल लण्ङ चूसने दो और वो आँखें बंद किए लण्ङ मुंह में भर चूसने में मशगूल थी. “Bhai Bahan Taboo Porn”

तो मैं अब नीतू के बाल पर हाथ रख कमर ऊपर नीचे करते हुए उसकी मुख्चुदाई करने लगा तो नीतू भी साथ निभा रही थी, उसके मुंह से लार टपकने लगा और मैं उसके मुंह में लण्ङ की अकड़ का एहसास पा रहा था, लण्ङ मानो लोहे का रॉड हो चुका था और मैं अपनी मां को याद कर रहा था कि काश वो घर पर होती तो उन्हें चोद मस्त कर देता.

अब नीतू मुंह से लन्ड निकाल दी फिर बोली “ओह राहुल तेरा लण्ङ तो बहुत देर से झड़ता है (मैं बोला) बेबी यदि तुम तैयार हो तो क्यों ना तेरी चूत को चोद दूं (नीतू मुस्कुराई) जरूर लेकिन बिना कॉन्डोम के (मैं हंस दिया) बेबी एक बार में कुछ नहीं होता वैसे शाम को एक दवाई ला दूंगा फिर सब कुछ सैफ अगले २४ घंटे के लिए.”

वो तैयार हो गई और लेट गई। मैं उसकी चूत पर तेल गिराया फिर हाथों से मालिश करने लगा, वो लेटी हुई थी और मैं उसकी चूत को थोड़ा फैलाया फिर उसमें तेल डाला और अब घुटने के बल लण्ङ पकड़े बैठ गया, उसकी जांघों को फैलाया फिर लण्ङ का सुपाड़ा चूत में घुसाया, सुपाड़ा सहित १/४ लण्ङ बुर में था. “Bhai Bahan Taboo Porn”

तो मैं तंग रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए थोड़ा सा बाहर किया फिर उसकी कमर पकड़े जोर का धक्का दिया, पूरा तो नहीं लेकिन २)३ लण्ङ चूत में था और वो चिंख पड़ी “उई मां फट गई मेरी निकाल ले अपना लण्ङ (मैं तेजी से धक्का देकर पूरा लण्ङ अंदर किए चोदने लगा). ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

नीतू साहस रख थोड़ी देर दर्द मिलेगा (उसकी आंखों से आंसु निकलने लगे) ओह राहुल इतना दर्द मेरा हालत बहुत खराब है (मैं आराम से चोदने लगा और उसकी बूब्स पकड़े दबाने लगा) अरे पगली ५ मिनट की तो बात है एक बार चूत की झिल्ली फटती है तो दर्द होता है बस आज रात एक बार और चुदवा लेना फिर तो तू खुद चुदेगी.”

मैं नीतू के जिस्म पर लेटकर धीरे धीरे चोदने लगा और वो मेरे गाल चूमते हुए नाखून पीठ पर गड़ा रही थी, मेरा मूसल लण्ङ बहन की चूत का कचूमर निकाल रहा था और सच में टाईट चूत चोदने का आनंद ही अलग होता है, अब नीतू सहज महसूस करने लगी “अब अच्छा लग रहा है राहुल तुम्हारे लण्ङ से तो दिन में ही तारे दिखने लगे.”

(मेरा लण्ङ रुक रुककर चूत चुदाई कर रहा था) कोई बात नहीं डार्लिंग तेरी चूत चोद चोदकर मस्त कर दूंगा साली रण्डी मॉम की चूत तो भोंसड़ा हो चुकी है कोई मजा ही नहीं आया (नीतू का बदन पसीना से लथपथ था) अच्छा अब हम दोनों मजा करेंगे।” मैं नीतू की चूत में लण्ङ डाले दे दनादन चोद रहा था तो मेरी बहन चूत का कौमार्य भंग करवा कर खुश थी.

मेरा लण्ङ अब झड़ने के करीब था और ८-१० धक्का देने के बाद मैं बोला “आह अआआह उह नीतू ले अपनी चूत को वीर्य पिला” और मेरे लण्ङ से वीर्य स्खलित होकर बहन की चूत को गिला कर दिया, नीतू मेरे गाल चूम ली और दोनों कुछ देर उसी तरह रहे “थैंक्स ब्रो तूने मेरी चूत का सिल भंग किया (मैं उसके ओंठ चूम लिया) आज रात दुबारा.” फिर दोनों अलग हुए।

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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