दोस्तों के साथ अम्मी की गैंगबैंग चुदाई की

आप सबको मेरा आदाब मेरा नाम जाकिर है और हर साल मेरा जन्मदिन धूम धाम से बनाया जाता है. पर इस साल मैं 18 साल का हुआ था मैं बहुत खुश था अम्मी भी 3 दिन पहले से ही मेरे सारे दोस्तों को फोन करके बुलाने मे लग गई थी. Ammi Gand Chudai

मेरे अब्बू का इंतकाल मेरे जन्म से 1 साल बाद ही हो गया था अम्मी भी सिर्फ 18 साल की थी जब उनका निकाह हुआ था और 19 साल मे ही अम्मी बेवा हो गई थी. पूरा दिन अम्मी तैयारियों मे ही उलझी हुई थी मेरा जन्मदिन ही उनके बेरंग जिंदगी मे कुछ दिन के लिए खुशी भर देता था.

अम्मी ऐसे बहुत ही दुखी रहा करती थी पर 2-3 दिन से अम्मी बहुत ज्यादा खुश है उन्हें ऐसे देखकर मैं भी खुश था पर कल रात जब मैं अम्मी के कमरे के सामने से गुजर रहा था तब मैंने अम्मी के रोने की आवाज सुनी वो सिसक सिसक कर अब्बू की फोटो से कह रही थी.

आप तो चले गए कल आपका बेटा 18 का हो जाएगा आपने जो जो सपने देखे थे उसके लिए मैं वो सारे पूरे करूंगी पर आपकी कमी रात को ज्यादा खला करती है 18 साल होने को हैं जब से इस जिस्म ने किसी का स्पर्श मेहसूस नहीं किया है आगे की बातें मुझसे सुनी नहीं गई.

इसलिए मैं वापस अपने कमरे मे आ गया और पैंट निकाल कर अपने लंड को मसलने लगा और अम्मी की बातें सोचते सोचते पैंट में ही झड़ गया मैंने अपने दोस्त प्रकाश अजय और रमेश को फोन किया और सब समझा दिया वो भी मेरी मदद करने को राज़ी हो गए.

अगले दिन पार्टी में अम्मी ने हरे रंग का पठानी सूट पहना और खूब सज धज कर तैयार हुई थी एक बार के लिए मैं खुद अपने पैंट मे अकड़ते लंड को सम्भाल नहीं पाया तक तक घर की घंटी बजी और अम्मी मेरे दोस्तों का स्वागत करने के लिए गई दरवाजा खुलते ही मेरे दोस्तों की आंखे फटी की फटी रह गई.

अम्मी के बड़े मुम्मे और चौड़ी गांड देख वो कुछ वक्त के लिए चौंक गए अम्मी ने उन्हें अंदर आने को कहा तब सब होश मे आकर मेरे बगल मे खड़े हो गए सबने मिलकर केक काटा मेरे दोस्तों ने बियर भी लायी थी हमने अम्मी को भी दो ग्लास पीला दी.

अम्मी ने जब मुझे केक खिलाया तब मैंने हल्के से अम्मी की उंगली काटी अम्मी कुछ नहीं बोली और मुस्करा दिया मेरे दोस्तों ने मेरा चेहरा केक मे डाल दिया और हम एक दूसरे को केक से रंगने लगे मेरे दोस्तों ने मौके का फायदा उठाया और अम्मी की कमीज़ के ऊपर मुम्मों पर केक लगाकर मलने लगे.

अम्मी को अजीब लगा पर अम्मी पूरी टल्ली हो चुकी थी मैंने सबको बेड रूम मे चलने को कहा हमने अम्मी को उठाया और बेडरूम मे बेड पर लिटा दिया फिर मैंने दोस्तों के साथ मिलकर अम्मी के कपड़े उतार दिये जिंदगी मे पहली बार मैं अपनी अम्मी को इतने करीब से देख रहा था.

मेरे दोस्तों ने सबसे पहले मुझे ही अम्मी के जिस्म को संतुष्ट करने का मौका दिया और वो सब बेडरूम के सोफ़े पर बैठ गए मैंने अम्मी को किस किया अम्मी मेरा नाम ली जा रही थी नशे मे मैने अम्मी मे होठों को तब तक चूस जब तक वो लाल नहीं हो गये.

फिर मैंने अम्मी मे स्तनों को जी भर कर चूसा मैंने अम्मी के चूत मे उंगली डाली तो वो गिली थी मैं समझ गया अम्मी का भी मन था तो मैंने देर ना करते हुए अम्मी की चूत मे लंड डाल दिया और जोर जोर से चोदने लगा दर्द के कारण अम्मी का नशा उतरने लगा. अम्मी जैसे ही होश मे आयी अम्मी चिल्लाने लगी मेरे दोस्तों ने तुरंत अम्मी के मुह मे कपड़ा भर दिया.

मैं- अम्मी आज मत रोको मैं जानता ह आपको भी यही चाहिए था.

अम्मी अपनी नम आंखें बंद करके मेरे लंड का मजा लेने लगीये देख मेरे दोस्तों को भी जोश चढ़ गया और उन्होंने भी अपने कपड़े उतार दिए और अम्मी के जिस्म को चूमने चूसने लगे प्रकाश और अजय अम्मी के दोनों स्तन काटने चूसने लगे रमेश अम्मी के मुह मे अपना लंड डालकर चुसवा रहा था.

मैं जल्दी ही अम्मी के अंदर झड़ गया तो दोस्तों को भी अम्मी की प्यास बुझाने का मौका दिया रमेश का लंड हम सब मे सबसे बड़ा था जब रमेश ने झटके से अम्मी मे अपना औजार डाला तो अम्मी रोने लगी और रहम की भीख मांगने लगी.

पर मेरे दोस्तों पर हवस सवार थी वो आधे घंटे तक अम्मी की चूत को बेरहमी के रगड़ता रहा और अम्मी का 3 बार पानी निकाल दिया फिर अंदर ही झड़ गया हम उसकी ताकत देख चौक गए फिर प्रकाश ने अम्मी को पलटा और अम्मी की गांड पर अपना लंड रख दिया.

अम्मी समझ गयी थी और पहले ही चिल्लाने लगी तब मैंने अपने दोस्तों से अम्मी के मुँह बंद करने को कहा अजय अम्मी का मुह बंद कर दिया और लगभग 10-15 धक्के के बाद अम्मी की चीखें कम हुई तब अम्मी खूब मज़ा ले ले कर चुदने लगी.

तब एक एक करके हम ने अम्मी को पूरी शाम चोदा और अपना अपना माल अम्मी के योनि मुह गाँड मे भर दिया और वही थक कर गिर गए शाम को जब सब उठे तो अम्मी बिस्तर पर नहीं थी मैंने अपने दोस्तों को जगाया और बताया कि अम्मी बिस्तर से गायब है. “Ammi Gand Chudai”

फिर हम सब डर गए और अम्मी को आवाज देने लगे बाथरूम से पानी की आवाज हमारे कानों मे गई तो हमने देखा अम्मी मुस्करा मुस्करा कर अपने जिस्म से हमारे वीर्य के छीटें साफ़ कर रहीं है ये देख हम दोस्तों ने अम्मी को पीछे से जाकर पकड़ लिया और शावर के नीचे हम सब ने अम्मी के जिस्म के हर हर कोने को मल मल कर साफ़ किया.

इतने मे ही प्रकाश ने अम्मी को नीचे घुटनों पर बिठाया और एक एक करके अम्मी को हम सब ने अपने मूत से नहलाया अम्मी शर्म के मारे लाल हो चुकी थी फिर देर होने के कारण मेरे दोस्तों ने कपड़े पहने और जाने लगे अम्मी और मैं नंगे उन सब को विदा करने गए फिर घर वापस आकर अम्मी और मेरी मैं दिन भर मस्ती करते अपनी राय देने के लिए मेल करें। शुक्रिया.

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Ritu Agarwal

हैलो दोस्तों! मैं ऋतु अग्रवाल हूँ - कानपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री पाने वाली और पिछले 5 साल से हिंदी में वो कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी रूह को छू लें और तन को तड़पा दें। मैं मानव व्यवहार और इंसानी इच्छाओं पर गहरा रिसर्च करती हूँ ताकि हर कहानी असली और दिलकश हो। मेरी कहानियाँ लाखों पाठकों ने पढ़ी हैं और हर कोई वापस आता है। मैं समझती हूँ आप क्या चाहते हैं - और वही लिखती हूँ जो आपको पागल कर दे। तो चलो, मेरी कहानी से आज की रात को खास बनाते हैं!

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