आपने मेरी कई कहानियाँ पहले पढ़ी हैं। एक बार फिर से मैं अपनी नई कहानी के साथ आया हूँ। जैसा कि आप सब जानते हैं कि हमारे घर में किरायेदार रहते हैं। दो लड़कियाँ राजस्थान से आई थी यहाँ पढ़ाई करने, दोनों बहनें थी। छोटी का नाम पिंकी और बड़ी का नाम रिंकी। दोनों एकदम […]

मेरा नाम रीना शर्मा है। यह कहानी उस वक्त की है जब मेरी शादी हुए छ: महीने हो चुके थे। मैं तो शादी के पहले से ही चुदने को बेकरार रहती थी। मेरी कई सहेलियों की शादी हो चुकी थी और वे अपनी चुदाई के किस्से मुझे सुनाती रहती थीं। सभी का कहना था कि […]

प्रेषिका : शालिनी “पूजा अब तो तूने मेरी गाण्ड भी मार ली, अब तो अपना लण्ड बाहर निकाल ले !” मैंने पूजा को कहा। “हाँ बस अभी निकाल रही हूँ !” कहते हुए पूजा ने अपनी गति बढ़ा दी और अब जोर जोर से डिल्डो मेरी गाण्ड के अंदर-बाहर करने लगी। दो-तीन मिनट के बाद […]

प्रेषिका : शालिनी रोज की तरह उस रात भी मैं और पूजा खाना खाकर बेडरूम में टेलिविज़न देख रही थीं। मैंने देखा कि पूजा मेरे साथ कुछ ज्यादा ही चिपक रही थी। कभी मेरे गालों को सहलाती, कभी चूम लेती, मेरे मम्मों को हल्के हाथों से सहला रही थी। “पूजा आज क्या बात है? क्या […]

प्रेषिका : बरखा लेखक : राज कार्तिक मेरे सभी दोस्तों का धन्यवाद जिन्होंने मेरी सुहागरात की दास्तान पिया संग मेरा हनीमून को सराहा और मुझे अपनी मस्ती की एक और दास्ताँ लिखने के लिए प्रेरित किया। मैं कोई लेखिका नहीं हूँ पर जब मैंने अपनी दास्ताँ अपने एक मित्र राज को बताई तो उसने मुझे […]

प्रिय पाठको, हरेश जी का एक बार फ़िर नमस्कार ! आपने मेरी लिखी एक लम्बी कहानी मुझे रण्डी बनना है पढ़ी ही होगी। और एक सच्ची कहानी के द्वारा आपके सामने आया हूँ। मेरा प्रवास कम ही होता है पर जब भी होता है वो यादगार बन जाता है। यह घटना एक साल पहले घटी […]

प्रेषक : हैरी बवेजा हेल्लो दोस्तो, आज मैं आपको तब की एक घटना के बारे में बताने जा रहा हूँ जब मैं बारहवीं में पढ़ता था। हमारे कॉलेज में एक मैडम थी आशा जैन नाम था उनका ! वो हमें गणित पढ़ाती थी, वैसे मैं गणित में कमजोर था पर घर वालों के दबाव से […]

प्रेषिका : श्रेया आहूजा मुझे भी मज़ा आने लगा। मैंने मौसी का हाथ पकड़ लिया और अपने आनन्द के अनुसार मौसी के हाथ की गति निर्धारित करने लगी। मेरा मज़ा बढ़ता ही जा रहा था और एक बार तो ऐसा लगा कि मैं मर ही जाऊँगी इस आनन्द के सागर में डूब कर ! मेरी […]

मैं : ना मौसी ना ! मेरी फ़ट जा गी ! तू मन्ने बख्श दे ! मन्नै नी लेणे मज़े ! डण्डे के चूत पर रगड़ने से मुझे मज़ा तो बहुत आ रहा था, मेरे चूतड़ बार बार अपने आप ही उछल उछल कर उसे अपने अन्दर समा लेने का यत्न कर रहे थे, मौसी […]

लेखिका : श्रेया आहूजा मेरा नाम बरखा है ! अभी मैं राजस्थान के प्रसिद्ध शहर जोधपुर में अपने पति और बिटिया के साथ मस्त जिंदगी व्यतीत कर रही हूँ। लेकिन मेरा मायका बीकानेर के करीब एक गाँव में है। मैं आपको अपनी शादी से पहले की बात बताना चाहती हूँ। मेरी मौसी की ससुराल भी […]

प्रेषक : प्रेम सिसोदिया “तो क्यों नहीं किया यार, मेरा दिल तो सच कहूं तेरी गाण्ड मारने पर आ ही गया था। साला कितना सेक्सी लगता है तू, तेरी गाण्ड देख कर यार मेरा तो साला लौड़ा खड़ा हो जाता था। लगता था कि तेरी प्यारी सी गाण्ड मार दूँ।” “मेरा भी यही हाल था, […]

प्रेषक : प्रेम सिसोदिया अजय मेरा अच्छा दोस्त था। हम दोनों एक साथ पढ़ाई पूरी करके मेडिकल रेप्रेसेंटेटिव बन गये थे। हम दोनों एक ही कम्पनी में थे। आस पास के क्षेत्रो में जाकर दौरा करना और दवाईयां का ऑर्डर लाना ही हमारा काम था। अपनी दवाईयों को भी हम प्रोमोट करते थे। अजय मेरा […]

लेखिका: अलीशा अपनी पिछली कहानी में मैंने आपको बताया था कि कामिनी ने मुझे उसके और कपिल के मिलन की बात बताई थी। अब आगे सुनिए : आह अह्ह हाँ! ये ये ये भी किया था अश… अह कपिल ने! कामिनी बोली। और मैंने उसका पूरा का पूरा दूध अपने मुँह में ले लिया तो […]

लेखिका: अलीशा आज मैं आपको अपनी एक सहेली की कहानी सुनाने जा रही हूँ। मेरी एक बहुत ही प्यारी सहेली है कामिनी। उसकी उमर कोई 28 साल, कद 5’6′, फ़ीगर 34-28-36, गुलाबी रंग, बड़ी-बड़ी आँखें, गुलाबी होंठ, खूब फूले हुए स्तन, भरे-भरे चूतड़ और उनसे नीचे उतरती सुडौल जांघें। बहुत ही प्यारी और सेक्सी लड़की […]

मेरी शादी गांव की रीति-रिवाज के हिसाब से कम उमर में ही हो गई थी. जिस घर में मैं ब्याही थी उसमें बस दो भाई ही थे, करोड़पति घर था, शहर में कई मकान थे. वे स्वयं भी चार्टेड अकाऊँटेन्ट थे. छोटा भाई यानि देवर जी जिसे हम बॉबी कहते थे उसका काम अपनी जमीन […]

मैं दिखने में स्मार्ट लगता हूँ और कोई भी जवान लड़का मुझे देखे तो मेरी गाण्ड मारने के लिए बेताब हो जाये। अब आप ही सोचो कि मै कैसा लगता हूंगा ! यह बात उन दिनों की है जब मैं बारहवीं कक्षा में पढ़ता था। तब मेरी उम्र थी 18 साल और कद 5′.8″ हमारे […]

सब लोगों को मंगू जी का प्रणाम ! मैं अपनी कहानी बता रहा हूँ। मैंने अपनी अड़तालीस साल की उम्र में ऐसा अनुभव नहीं किया था। मैं अपने काम के सिलसिले में अहमदाबाद गया था और वहाँ से लौटते वक्त की बात है, ट्रेन में बहुत भीड़ थी और मुझे ऊपर वाली सीट पर बैठने […]

अगले दिन से मैं अलग कमरे में सोने लगी। भाभी अब भैया के साथ सो रही थीं। मुझे घर में रहते हुए बीस दिन से ज्यादा हो गए थे। भाभी अब मुझसे थोड़ा चिढ़ने लगी थीं। एक दिन मैं बाज़ार घूमने गई। मुझे बाज़ार में मेरी पुरानी सहेली उमा मिल गई, वो मुझसे बोली कि […]

मैं रीता हूँ मेरे पति का नाम अतुल है। मेरे पति चाहते हैं कि मैं उनका लौड़ा चुसूं और पूरी नंगी होकर सेक्स में तरह तरह के खेल करूँ। इस बात को लेकर अक्सर मेरी उनसे लड़ाई हो जाती थी। मुझे लौड़ा चूसने से बड़ी चिढ़ थी मुझे लौड़ा चूसना बहुत गन्दा काम लगता था। […]

प्रेषक : अमित हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अमित है। मेरी एक दोस्त थी नेहा सिन्हा जो कि कानपुर में रहती थी। हम अच्छे दोस्त थे, हम स्कूल में साथ में पढ़े थे। उसकी एक ख़ास बात थी कि उसके चुंचे बहुत ही बड़े थे और वो थोड़ी मोटी भी थी। मैं उसके घर अक्सर जाया […]

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