वर्जिन गर्ल हिंदी चुदाई कहानी में तो मेरी भाभी ने मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड का पूछा तो मैंने उनको उनकी बहन से दोस्ती के लिए कह दिया. तो भाभी ने अपनी बहन को मेरे लंड से चुदवा दिया था.
फ्रेंड्स, मेरा नाम नितिन है, मैं दिल्ली से हूँ उत्तम नगर से. मैं अपनी पहली हिंदी चुदाई कहानी लिख रहा हूँ.
मेरे बड़े भाई की शादी हुई. शादी के बाद जब अगले दिन जब हम लोग भाई की सुसराल भाभी को लेने गए तो मैंने देखा कि भाभी की बहन खुद से मजाक कर रही थी.
उसका नाम प्रिया था, वह बहुत ही सेक्सी लग रही थी. उसकी उम्र अभी 18 साल की हुई ही थी.
प्रिया का रंग बिल्कुल गोरा था वाइट मिल्क के जैसे. उसकी चूचियां और गांड काफी भरी हुई थीं, गांड टाइट जींस में बाहर को निकली हुई थी और चूचियां एकदम गोल गोल मुसम्मी के आकार की.
प्रिया ने उस दिन काली कुर्ती डाली हुई थी. वह अपनी उस चुस्त कुर्ती में क्या गजब की माल लग रही थी.
सच कह रहा हूँ दोस्तो, वह मुझे ऐसी लग रही थी मानो कोई हुस्न की देवी मेरे सामने खड़ी हो.
जब प्रिया ने हमें खाना खाने आने को कहा … तो हम दोनों दूसरे कमरे में आ गए. वहां प्रिया मेरे और भाई के लिए खाना लेकर आई और उसने खाना टेबल पर सजा दिया.
वह भी मेरे बगल वाली कुर्सी पर बैठ गई. मैंने उसी वक्त प्रिया के पैर को हल्का सा दबा दिया. तो वह मुस्कुरा दी और उठ कर चली गई.
फिर हम दोनों ने खाना खाया और कुछ देर बाद मैं भैया के साथ अपनी भाभी को लेकर अपने घर आ गया. उस रात भाभी की सुहागरात थी.
रात को मैं अपने कमरे में सोने चला गया और भाभी भैया अपने काम पर यानि सुहागरात मनाने लग गए.
भाई भाभी की चुदाई की आवाजें मेरे कमरे में भी आ रही थीं और बिल्कुल साफ साफ सुनाई दे रही थीं.
भाभी चिल्ला रही थीं- उ मां … अउऊहह मांआ … छोड़ दो … मुझे बहुत दर्द हो रहा है!
पर भाई ने भाभी की एक नहीं सुनी और नई दुल्हन की चूत को फाड़ते रहे. भाभी के रोने की आवाज़ काफ़ी तेज़ आ रही थी. शायद भाभी मेरे भाई से पहली बार ही चुदी होंगी इसलिए ऐसा हो रहा था.
उस रात उन दोनों ने 3 बजे तक अपनी सुहागरात मनायी. मैं भी दो बार मुठ मार कर सो गया.
फिर अगले दिन मैंने भाभी को देखा तो उनकी चाल बिल्कुल बदल गई थी.
कुछ दिनों तक ऐसे ही चलता रहा. मेरे भाई मॉर्निंग में ऑफिस निकल जाते तो वे सीधे शाम को ही घर वापस आते.
सारे दिन मैं और भाभी ही घर पर होते थे.
धीरे धीरे हम दोनों ने बात करनी शुरू की. मैं भाभी से बहुत मजाक करता था, वे भी मेरे साथ काफ़ी मजाक करती थीं.
एक दिन भाभी ने मुझसे पूछा- तेरी कोई गर्लफ्रेंड है क्या? मैंने कहा- नहीं भाभी … अब तक कोई सैट ही नहीं हो पाई है. आप अपनी बहन से ही सैटिंग करवा दो न!
वे हंस दीं और काफी देर मजाक के बाद वे बोलीं- देखती हूँ.
फिर कुछ दिन बाद भाभी बोलीं- मेरी बहन यहां आने वाली है, तुम खुद बात कर लेना. मैंने खुश होकर कहा- ठीक है.
दूसरे दिन भाभी की बहन प्रिया घर आ गई. भाभी बोलीं- प्रिया, ये मेरा देवर तुझ पर बिल्कुल लट्टू है, पर बोल नहीं पाता है बेचारा!
प्रिया इस बात पर मुस्कुरा दी … उसने मुझे बड़े ही प्यार से देखा.
मैं भी समझ गया कि प्रिया भी मुझसे फ्रेंडशिप के लिए रेडी है.
कुछ देर बाद भाभी किचन में चली गईं और मैंने अकेले का फायदा उठाते हुए प्रिया को ‘आई लव यू’ बोल दिया. प्रिया ने भी मुझे ‘आई लव यू टू’ बोल दिया.
शाम को भैया ऑफिस से आ गए और हम सबने मिलकर डिनर किया और सो गए. प्रिया दो दिन बाद अपने घर चली गई.
तब तक मैंने प्रिया से उसका फोन नंबर ले लिया था. हमारी फोन पर ही सेक्स की बातें होने लगी थीं.
मैं प्रिया को वीडियो कॉल सेक्स से ही गर्म कर देता था और उसका पानी निकलवा देता था. वह अब इस बात को लेकर परेशान होती थी.
वह कॉल पर कहती थी- कब मेरी चूत में तेरा लंड घुसेगा नितिन जानू ऊहह आह मांआ. इस तरह से मेरी और प्रिया की सेक्स कहानी शुरू हुई.
फिर एक दिन प्रिया के घर वाले 2 दिन के लिए दिल्ली से बाहर जाने वाले थे, तो प्रिया का फोन आया … और उसने मुझे यह बता दिया. उसने यह भी बताया कि उसने अपनी ‘तबीयत ठीक नहीं है’ बोल कर मम्मी को बता दिया.
तो उसकी मम्मी ने मेरी भाभी को फोन किया- तेरे पापा और मैं दिल्ली से बाहर जा रहे हैं. प्रिया की तबीयत ठीक नहीं है, तो तुम 2 दिन के लिए रहने आ जाओ. भाभी बोलीं- ठीक है मम्मी.
फिर जब भाभी ने यह बात मेरे भाई को बोली तो भाई ने कहा- मुझे तो ऑफिस के काम से खुद 7 दिन के लिए चंडीगढ़ जाना है, तो तुम नितिन के साथ चली जाना और बाद में आ जाना.
अब भाभी ने मुझे बुलाया और कहा- नितिन मुझे तुम्हारे साथ अपनी मम्मी के घर पर दो दिन के लिए जाना है. उधर मुझे कुछ काम है. ये बात सुन कर मैं खुश हो गया और मैंने भी हां बोल दिया.
फिर अगले दिन मैं और मेरी सेक्सी भाभी, प्रिया के पास जाने के लिए तैयार हो गए. सुबह 9 बजे हम दोनों घर से निकले और 10 बजे वहां पहुंच गए.
मुझे देख कर प्रिया बहुत खुश हो गई. मैं समझ गया कि वह टाइम आ गया, जिसका मुझे बेसब्री से इंतजार था.
मेरी भाभी भी मेरी खुशी को समझ चुकी थीं. भाभी ने प्रिया से कहा- आज खाना बाहर से ख़ाकर आते हैं. काफ़ी दिन से बाहर का खाना भी नहीं खाया है.
अब हम तीनों एक रेस्टोरेंट में गए और वहां हम लोगों ने मटन खाया. फिर वहां से घर के लिए निकल आए.
रास्ते में भाभी बोलीं- मुझे शायद गैस सी बन रही है तो मैं केमिस्ट से कोई दवाई ले लेती हूँ. भाभी ने केमिस्ट से सेक्स की 2 गोली ले लीं और हम सब घर आ गए.
हम तीनों ने घर आकर थोड़ी देर बातें की. फिर भाभी बोलीं- मुझे तो नींद आ रही है, तुम दोनों दूसरे कमरे में जाकर बातें कर लो.
मैं समझ गया था कि भाभी ये जानबूझ कर बोल रही हैं.
प्रिया और मैं दूसरे कमरे में आ गए और मैंने लैपटॉप चला दिया.
उसमें मैंने ब्लूफिल्म चालू कर दी और कमरे को अन्दर से लॉक कर दिया.
अब मैंने प्रिया को पकड़ा और उसे किस करने लगा. वह भी मेरा साथ देने लगी.
मैंने 30 मिनट तक उसके होंठों को चूस चूस कर लाल कर दिए थे.
वह मेरे जिस्म को बड़े प्यार से सहला रही थी, जिस कारण से मुझे भी बहुत मजा आ रहा था. फिर मैंने होंठों के चुंबन को करते हुए ही उसके चूचों को दबाना शुरू कर दिया.
वह वासना से पागल होती जा रही थी और ‘आह आहह उऊहह मांआ …’ कर रही थी. मुझे भी मजा आ रहा था.
उसकी सलवार में मैंने अपना हाथ डाल दिया तो पाया कि उसकी चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी. मैंने उसकी चूत में एक उंगली डाली, तो वह चिल्ला पड़ी- आह जान धीरे … ये अभी तक पैक है!
मैं यह जानकर खुश हो गया था कि सीलपैक चुत चोदने को मिली है.
मैंने उसकी सलवार पूरी नीचे कर दी और उसकी पैंटी को अपने मुँह से खींच कर नीचे कर दी. मैं तो देखता ही रह गया … यार क्या गुलाबी चूत थी उसकी!
मैंने उसको अपनी गोदी में उठाया और बेड पर ले गया. अब मैंने उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटना चालू किया और काफी देर तक चाटता रहा.
वह पागलों की तरह गांड ऊपर नीचे किए जा रही थी और बोल रही थी- आह मेरी जान अब इतना ना तड़पाओ … प्लीज अब अपना लंड डालो ना जानू … मैं तुमसे चुदने के लिए बहुत ज्यादा तड़फ रही हूँ!
मैंने उसका कुर्ता भी उतार दिया और उसकी गोल गोल मुसम्मी जैसी चूचियों को पागलों की तरह चूसने लगा … दबाने लगा.
उसे बहुत मजा आ रहा था और वह कामुक आवाजें निकाल रही थी- आई आह … उउह जान चोदो न आह फाड़ दो आज … मेरी सील को … ये आज तक तुम्हारे ही लंड के लिए भूखी है! उसकी यह बात सुनकर मुझे भाभी की वे आवाजें याद आ गईं जो उन्होंने भैया के साथ सुहागरात में कराहते हुए कही थीं.
कुछ ही देर में हम दोनों पूरी तरह से कामातुर हो गए थे. उसने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए थे … और मेरे जवान शरीर को बुरी तरह से चाटने लगी थी.
मुझे भी बहुत मजा आ रहा था. अब हम दोनों सेक्स के लिए एकदम तैयार थे. मैंने उसको अपने नीचे लिटाया और अपने कड़क लंड को उसे दिखाते हुए हिलाया.
लंड बिल्कुल क़ुतुब मीनार की तरह खड़ा था, वह उसे देखने लगी. मैंने कहा- जान थोड़ा इसको भी तो प्यार करो न!
उसने अपना मुँह खोला और मेरा मोटा लंड अपने मुँह में ले लिया. वह लंड चूसने लगी और बड़े ही मस्त तरीके से मेरे लंड को चूस रही थी.
मैंने उसकी चूचियां पकड़ लीं और उसके मुँह को चोदता रहा.
कुछ देर बाद मेरा लंड झड़ गया. वह मेरा सारा माल गटक गई और उसने लंड को चाट कर साफ कर दिया.
फिर उसने मुझसे पूछा- कैसा लगा जानू? मैंने कहा- मस्त यार जानू, तुम तो बहुत मस्त चूसती हो … सच में मजा आ गया.
अब उसने अपनी चूत की तरफ इशारा किया. मैंने भी हामी भरते हुए कहा- हां आ जाओ जानू!
मैंने उसने अपनी दोनों टांगें ऊपर कर दीं और मैंने अपना लंड उसकी चूत पर सैट कर दिया. उसने आंख दबाते हुए लंड पेलने का इशारा किया तो मैंने एक ज़ोर का झटका मार दिया.
वह चिल्ला पड़ी. शायद उसकी आवाज़ भाभी ने सुन ली थी. मैंने देखा कि रूम की खिड़की खुली हुई थी.
मैंने उस खिड़की को फिर भी बंद नहीं किया और उसके होंठों को अपने होंठों से सही से लॉक करके चोदता रहा. वह चुदवाती हुई ‘उह हउह’ कर रही थी.
मैंने थोड़ी देर बाद उसके होंठों को छोड़ा तो वह बोली- जानू बहुत दर्द हो रहा है! मुझ पर उसकी बात का कोई असर नहीं हो रहा था. उलटे मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी और उसे ताबड़तोड़ चोदने लगा.
उसके होंठ अब मेरी पकड़ से मुक्त थे तो वह जोर जोर से चिल्ला रही थी- आह छोड़ दो प्लीज … बहुत दर्द हो रहा है. उसकी लगातार छोड़ने की चिरौरी सुनकर मैं थोड़ा रुक गया.
वह लंबी सांस लेती हुई बोली- थोड़ा तरस खा लो यार! मैंने हंस कर फिर से उसके होंठों को चूसा और उसके एक दूध को अपने होंठों में भर कर कुछ मिनट तक चूसता रहा.
इससे उसको थोड़ा आराम मिला और वह मेरा साथ देने लगी.
दोस्तो, वर्जिन गर्ल हिंदी चुदाई कहानी में मजा आ रहा है न … अभी अपनी बहन को अपने देवर से चुदवा देने वाली मेरी प्यारी भाभी भी मुझसे अपनी चूत गांड की चुदाई करवाने के मूड में दिख रही थीं. कहानी के अगले भाग में आपको उसी सेक्स को विस्तार से लिखूँगा. आप अपने कमेंट्स जरूर मेल करें. [email protected]
वर्जिन गर्ल हिंदी चुदाई कहानी का अगला भाग: भाभी और भाई की साली की फुल चुदाई- 2