दोस्त की गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स- 2

Xx इंडियन लड़की Xxx कहानी में मैंने अपने दोस्त की गर्लफ्रेंड की जमकर चुदाई की. वह मेरे साथ इस लिए आई क्योंकि मेरे दोस्त के छोटे लंड से वह असन्तुष्ट थी.

दोस्तो, आप सभी का मेरी सेक्स कहानी के इस भाग में स्वागत है. मैं आपको अपने दोस्त की गर्लफ्रेंड कानपुर वाली प्रियंका कटियार की चुदाई की कहानी सुना रहा था.

दोस्तो, हो सकता है आप में से कुछ लोगों ने मेरी सेक्स कहानी का पहला भाग दोस्त की असन्तुष्ट गर्लफ्रेंड ना पढ़ा हो, तो प्लीज पढ़ लीजिए. हालांकि मैं उसका कुछ भाग आपको बता रहा हूं.

मेरे दोस्त की गर्ल फ्रेंड का नाम प्रियंका कटियार था. वह कानपुर देहात के पास की एक गांव की रहने वाली है. प्रियंका से जून 2021 में मैं अपने दोस्त आकाश की बहन की शादी में मिला था.

शादी की एक रात पहले आकाश प्रियंका को चोद रहा था, तब मैंने प्रियंका की चुदाई होती हुई देख ली थी. फिर शादी के दिन वह मुझसे चुदने को तैयार हो गई थी, लेकिन ज्यादा समय ना होने के कारण उसने मुझसे कानपुर में अपने दोस्त के घर चलने के लिए कहा था.

अब आगे Xx इंडियन लड़की Xxx कहानी:

शादी के दूसरे दिन मैं फ्री हो गया था. मैंने प्रियंका की तरफ देखा. तो उसने मुझसे कहा- तुम पहले यहां से निकल जाओ. मैंने कहा- फिर?

उसने अपना नंबर देते हुए कहा कि तुम मुझे दोपहर में दो बजे कानपुर बस स्टॉप पर मिलना. मैंने कहा- ठीक है.

सवेरे 8:30 बजे मैं अपने दोस्त के घर से निकल गया और कानपुर जाकर इंतजार करने लगा.

मैं यह भी सोच रहा था कि पता नहीं वह आएगी भी या नहीं. ऐसा ना हो कि उसने मुझे चूतिया बना दिया हो! मगर कहीं ना कहीं मेरे दिल में खुशी थी कि मैंने एक ही रात में प्रियंका की मखमली चूत चाट चाट कर उसे कामुक कर दिया था और वह मेरे मोटे लंड से चुदने के लिए जरूर आएगी.

मैं यही सब सोचता रहा और बस अड्डे के पास एक होटल में जाकर सो गया.

रात की नींद पूरी कर लेने के बाद मैं करीब एक बजे उठा और प्रियंका के आने का इंतजार करने लगा.

करीब डेढ़ बजे बजे प्रियंका का फोन आया. उसने मुझसे कहा- कुछ पैसे निकाल कर रखे रहो, मैं आ रही हूं रास्ते में हूं.

मैंने पूछा- कितने पैसे? तो उसने कहा- मेरे लिए क्या कर सकते हो? मैं सोच में पड़ गया.

मैंने कहा- जो तुम बोलो! उसने कहा- चलो ठीक है ज्यादा नहीं सिर्फ 20000 ही निकाल कर रख लो, मुझे कुछ शॉपिंग करनी है.

मैं सोच में पड़ गया. मैंने कहा- अभी तो इतने पैसे मेरे पास नहीं है.

तो वह हंसने लगी. उसने कहा कि अच्छा दस हजार तक हो पाएगा?

मैं चुप रहा और सोचने लगा कि साली छह हजार में तो रशियन मिल जाएगी. इसकी चूत में कौन से नूरजहां की झांटें उगती हैं.

प्रियंका कुछ मिनट शांत रही और बोली- ठीक है, जितने हैं उतने ही निकाल लो. बस बहाना मत करने लगना. मैं थोड़ी देर में पहुंच रही हूं.

मैंने भी सोचा कि अभी तो कोरोना चल रहा है, अभी इस देसी माल की ही ले लेता हूँ. फिर जब मौका मिलेगा तो रशियन की लेने की सोचूँगा.

बस मैं जल्दी से एटीएम से पैसे निकाल कर प्रियंका का इंतजार करने लगा. वह करीबन पौने दो बजे आ गई.

उसने सिंपल सा सलवार सूट पहना हुआ था और हल्की गुलाबी रंग की लिपस्टिक लगाई थी. वह इस साधारण सी ड्रेस में भी कयामत लग रही थी. उसने बाल खुले रखे थे और बालों में एक छोटा सा के क्लैचर लगाया हुआ था.

उसे देख कर मेरे लंड में तनाव बढ़ रहा था और मुझसे अब कंट्रोल नहीं हो रहा था.

अन्दर ही अन्दर मुझे खुशी भी हो रही थी कि अभी कुछ देर पर यह मेरी होने वाली है.

वह मेरे पास आई और हम लोग वहां पर बने एक एसी कैफे में पिज़्ज़ा खाते हुए बात करने लगे.

मैंने उससे जगह की पूछ कर ओला टैक्सी बुक कर दी और उसके आने का इंतजार करने लगे. दस मिनट में टैक्सी भी आ गई.

प्रियंका मुझे इंदिरा नगर अपनी एक सहेली के यहां ले गई. उसका नाम सुमन था.

जब हम दोनों सुमन के कमरे पर पहुंचे तो उसने सुमन से कहा- यह मेरा फ्रेंड है, अभी थोड़ी देर में चला जाएगा.

सुमन हम लोगों के लिए कोल्ड ड्रिंक लेने अन्दर चली गई.

प्रियंका ने मुझसे पैसे मांगे, मैंने प्रियंका को दे दिए.

तभी प्रियंका अन्दर गई और उसने सुमन को पैसे देकर कहा कि तुम शॉपिंग कर आओ, मुझे इससे कुछ काम है. जब आना तो फोन कर लेना. सुमन समझ गई कि क्या मामला है.

अगले पाँच मिनट में ही सुमन तैयार होकर निकल गई. वह प्रियंका का इशारा समझ गई थी.

उसके जाने के बाद मैंने प्रियंका से पूछा- वह कहां चली गई है? उसने मुझे आठ हजार वापस देते हुए बताया कि मैंने उसे दो हजार रुपए शॉपिंग के नाम पर दे दिए. वह शॉपिंग करने गई है. अब कोई टेंशन नहीं है.

मैं उसकी इस चतुराई पर फिदा हो गया और उसके लिए मेरे मन में बना गलत भाव भी खत्म हो गया.

हम दोनों ने थोड़ी देर तक शराफत से कोल्ड ड्रिंक पी.

फिर मैंने उठकर दरवाजे को अन्दर से बंद कर दिया और सारे परदे भी खींच दिए.

अब मैं प्रियंका के गुलाबी होंठों को किस करने लगा. प्रियंका के होंठ बहुत ही ज्यादा नाजुक व मुलायम लग रहे थे.

मैं मजे से उसके होंठों को चूस रहा था. उसके मुँह के अन्दर जीभ डालकर लार चूस रहा था.

वह भी पूरी तरह से मस्त थी और किस करने में मेरा साथ दे रही थी.

मैं उसे किस भी कर रहा था और एक हाथ उसके बूब्स को भी दबा रहा था. साथ ही मेरा एक हाथ उसकी पीठ पर चल रहा था.

वह पूरी तरीके से मदहोश हो रही थी.

धीरे-धीरे मैंने अपना एक हाथ उसकी सलवार के अन्दर डाला. आजकल सलवार पैंट के जैसी बनने लगी है तो उसमें नाड़े की जगह हुक लगे थे.

मैंने हुक खोल कर हाथ को अन्दर उसे डाला, तो प्रियंका ने अपने पेट को थोड़ा अन्दर कर लिया. मेरा हाथ आराम से अन्दर चला गया.

मैं अब मस्ती से अपना हाथ चला रहा था और उसे किस कर रहा था. थोड़ी देर बाद मैंने चूमना रोक कर उसकी सलवार को उतार दिया.

उसने अन्दर काली पैंटी पहनी हुई थी जिसमें वह बहुत ही सेक्सी लग रही थी.

उसी वक्त मैंने उसका टॉप भी उतार दिया. अब प्रियंका सिर्फ काले रंग की पैंटी और ब्रा में मेरे सामने थी.

मैंने भी अपनी शर्ट को खोल दिया.

अब हम दोनों फिर से किस करने लगे. किस करते करते ही मैंने उसकी पैंटी के अन्दर हाथ डाला और चूत में उंगली करने लगा.

प्रियंका भी आह आह कर रही थी. वह इशारा करने लगी कि अब देर न करो.

मैंने प्रियंका की ब्रा को उतार दिया और अब वह मेरे सामने सिर्फ पैंटी में रह गई थी. उसके हल्के भूरे रंग के छोटे-छोटे निप्पल बहुत खूबसूरत लग रहे थे. उसके बूब्स एकदम टाइट थे.

वह पूरे जोश में थी.

मैं उसकी चूत में उंगली करने लगा.

थोड़ी देर मैं प्रियंका ने कहा- सुजीत, प्लीज कल रात तुम जैसे मेरे साथ कर रहे थे, मेरी चूत चाट रहे थे न … उसी तरीके से चाटो ना! मैंने कहा- तुम भी मेरा लंड चूसो! वह बोली- हां ठीक है.

अब हम दोनों 69 में होकर लेट गए. मेरा लंड प्रियंका के मुँह में था और प्रियंका की मखमली चूत को मैं चाट रहा था.

कुछ देर बाद प्रियंका ने कहा कि मेरी चूत के अन्दर जीभ डालो न!

मैंने उसकी चूत के अन्दर जीभ डाल दी. उसकी चूत पूरी तरह गर्म हो चुकी थी.

वह कुछ ही मिनट में अकड़ गई और उसका पानी बाहर आ गया. उसका पानी मानो गर्म धारा सी थी.

मैं भी उसके मुँह में झड़ गया. हम दोनों दो-चार मिनट तक एक दूसरे के ऊपर उसी तरह लेटे रहे.

फिर दोनों उठ कर बैठ गए.

अगले दस मिनट बाद हम दोनों ने वापस एक दूसरे को किस करना शुरू कर दिया.

मैंने प्रियंका से पूछा- तुम्हें किस पोज में चुदाई पसंद है? उसने कहा- तुम जिस तरीके से चाहो, उस तरीके से करो … मैं तुम्हें कुछ भी करने से मना नहीं करूंगी!

मैं उसे बिस्तर के कोने पर ले आया और उसकी दोनों टांगों को अपने कंधों पर रख लिया.

अब मैंने उसकी चूत में अपना लंड रखा और सुपारा चूत की फांक पर रख कर घिसने लगा. उसने कहा कि यार कंडोम लगाओ न … बिना कंडोम के मैं नहीं कर पाऊंगी.

बहन का लंड फिर से रायता फैल गया. मैं कंडोम लाया ही नहीं था.

मुझे परेशान देख कर वह हंस दी और अपनी सहेली सुमन की अलमारी के पास जाकर उसमें से कंडोम निकाल लाई.

उसने ही मुझे कंडोम पहनाया. हम लोग फिर से किस करने लगे.

उसके बाद मैंने प्रियंका को बिस्तर के कोने पर खींचा और दोनों टांगों को कंधे पर रख कर वापस उसकी चूत पर अपना लंड रख दिया. मैं लंड घुसाने लगा. वह दर्द से इस कदर चीख रही थी, जैसे मैं उसकी सील तोड़ रहा हूँ.

धीरे-धीरे करके मैंने उसकी चूत में अपना आधा लंड डाल दिया. उतने में ही उसका चेहरा पूरा लाल हो गया था.

मैंने धीमे धीमे करके अपना पूरा लंड अन्दर पेल दिया और अन्दर बाहर करने लगा. मैं उसे धीरे-धीरे चोद रहा था और किस भी कर रहा था.

वह भी मजा लेने लगी थी.

उसकी गांड हिलती देख कर मैंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी और अपनी पूरी रफ्तार में उसे चोदने लगा था.

अब प्रियंका भी अपने पूरे मूड में आ गई थी और वह भी गांड उठा उठा कर मेरा पूरा साथ दे रही थी.

थोड़ी देर बाद मैं उसके ऊपर झुक गया. उसने मुझे कसके पकड़ लिया.

प्रियंका को लगा कि मैं झड़ने वाला हूं. मैंने झुक कर उसी तरीके से प्रियंका को अपनी गोद में उठा लिया और गोदी में लेकर प्रियंका को उछाल उछाल कर चोदने लगा.

वह भी पहली बार झूला झूलती हुई लंड का मजा लेने लगी.

मेरी लंबाई करीबन 5.10 और वजन करीबन 80 किलो है. दूसरी तरफ प्रियंका वजन में हल्की थी.

इसी कारण से मैं प्रियंका को बड़े प्यार से उछाल उछाल कर लंड का मजा दे रहा था. वह भी आंख बंद करके चुदने का मजा ले रही थी.

जब वह थक गई तो उसने मुझे रुकने का इशारा किया.

मैंने प्रियंका को अपनी गोदी से उतार दिया और कुतिया बनने के लिए कहा.

वह कुतिया बन गई और मैं बिस्तर के किनारे से ही उसकी चूत में जड़ तक लंड पेल कर चुदाई करने लगा.

करीब 20 मिनट बाद मैं झड़ गया और वह भी इस चुदाई में दूसरी बार झड़ गई थी.

वह शिथिल होकर लेट गई.

मैं भी उसी के साथ लेट गया.

कुछ मिनट बाद हम दोनों एक दूसरे से अलग हुए.

मैंने उससे कहा- मेरा मन अभी नहीं भरा है, तुम इतनी हसीन हो कि अभी एक बार और करने का मन कर रहा है. प्रियंका ने कहा- कोई दिक्कत नहीं, आज तुम्हें जो करना है, कर लो. पता नहीं फिर कब मुलाकात होगी.

हम लोगों ने एक दूसरे की बांहों में बांहें डालीं और एक दूसरे को किस करना शुरू कर दिया. जल्दी ही हम दोनों गर्म हो गए.

इस बार जब मैं प्रियंका की चुदाई करने जा रहा था तो मैं कंडोम लगाने लगा था. प्रियंका ने मना कर दिया कि रहने दो … चलो इस बार बिना कंडोम ही मजा किया जाए! मैं खुश हो गया.

मैंने प्रियंका को किस करना शुरू कर दिया. मैं उसके बूब्स दबा रहा था, उसकी चूत में उंगली कर रहा था.

जब वह पूरी गर्म हो गई तो मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और तेज तेज तेज झटके मारने लगा. प्रियंका आह आह की आवाज कर रही थी.

मैं उसको किस करता रहा और उसे बिस्तर पर सीधे लेटा कर चोदता रहा.

करीबन बीस मिनट बाद में हम दोनों एक साथ झड़ गए और एक दूसरे को बांहों में लेकर उसी तरीके से लेट गए.

उसकी चुत, मेरे लंड के ज्वालामुखी के गर्म लावा से भर गई थी.

मैंने कहा- प्रियंका, क्या मैं तुम्हारी गांड भी मार सकता हूं! उसने बिल्कुल ही मना कर दिया कि देखो मैंने तुम्हें कुछ भी करने से मना नहीं किया, लेकिन प्लीज मेरी गांड मत मारो.

मैंने भी उसकी गांड मारने का विचार छोड़ दिया.

फिर कुछ मिनट बाद हम दोनों नहाने के लिए उठे और एक साथ ही नंगे बाथरूम में चले गए.

नहाते वक्त हम दोनों एक दूसरे के लंड और चूत को साफ कर रहे थे.

जब उस Xxx लड़की ने मेरा लंड साफ करना शुरू किया तो मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. मैं उसकी चूत में उंगली कर रहा था तो उसे भी गर्मी चढ़ गई थी.

हम दोनों एक ही फव्वारे के नीचे नहा रहे थे.

प्रियंका ने कहा- अभी तक तुमने वह किया, जो तुम्हें पसंद था. अब क्या तुम मेरे तरीके से सेक्स करना पसंद करोगे! मैंने बोला- हां जरूर, क्यों नहीं?

तो प्रियंका ने बॉडी वॉश शैंपू को निकाला और उसे लगाकर हम दोनों एक दूसरे के शरीर से खुद को रगड़ने लगे.

हम दोनों के जिस्म में पूरा झाग आ गया था और शरीर पूरा चिकना हो गया था.

प्रियंका ने बाथरूम में ही मुझे लेटने का कहा. मैं लेट गया और वह मेरे लंड पर बैठ कर उछलने लगी.

थोड़ी देर में वह मेरे ऊपर लेट कर अपनी चूत को ऊपर नीचे चलाने लगी. मैं भी नीचे से झटका दे रहा था.

उसकी नाजुक सी काया में शैंपू लगा होने से उसका शरीर और तेजी से ऊपर नीचे चल रहा था.

वह किसी मक्खन की टिकिया की तरह सरक रही थी. हम दोनों ने खूब देर तक चुदाई की और इस बार भी मैंने उसकी चूत में ही अपने लंड का पानी छोड़ा.

वह भी हंसकर बोली- जानबूझकर अन्दर ही सारा माल गिरा रहे हो!

इस तरह कुल मिलाकर मैंने एक ही दिन में प्रियंका की जम कर चुदाई की. वह Xx इंडियन लड़की भी पूरी तरह से खुश और संतुष्ट हो गई.

सब कुछ हो जाने के बाद हम दोनों नहा धोकर तैयार हो गए. तब तक शाम के 7:00 बज चुके थे.

फिर प्रियंका ने फोन करके सुमन को भी बुला लिया.

प्रियंका ने मुझसे कहा- तुम्हारे साथ बिताए हुए पल मुझे हमेशा याद रहेंगे.

वाकई में प्रियंका कटिहार कहने को कानपुर के छोटे से गांव की है, लेकिन कयामत है. उसके लिए मैं जो भी कहूँ, उसकी तारीफ में … वह कम है.

अभी तक हम दोनों ने 15 से 20 बार चुदाई की होगी.

दोस्तो, आपको मेरी Xx इंडियन लड़की Xxx कहानी कैसी लगी, प्लीज बताएं. मैं अपनी अगली सेक्स कहानी भी जल्दी लेकर आऊंगा प्रियंका की सहेली सुमन की चुदाई की कहानी! [email protected]

Priya Sharma

हैंलो जी! मैं प्रिया शर्मा हूँ - दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में डिग्री पकड़ने वाली और पिछले 5 साल से कहानी लेखन में अपना जलवा दिखाने वाली लेखिका। मुझे मानव मनों की चाहतें और इच्छाएँ पढ़ना बड़ा मज़ा आता है। मैं उस तरह की कहानियाँ लिखती हूँ जो आपके मन में छुपे हुए जज़्बातों को बाहर निकाल दें। मेरी कहानियाँ सैकड़ों पाठकों की गर्म रातों को और भी गर्म कर चुकी हैं। चलो, एक साथ मज़े करते हैं - पढ़ते हैं, महसूस करते हैं और जीते हैं!

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