प्यारी सी लड़की चुदवा कर चली गई

बात उन दिनों की है जब मैं मेडिकल कॉलेज में अध्ययन कर रहा था, मेरे रूम पार्टनर की दोस्ती एक लड़की से हो गई जिसका नाम था कुमुद और वह राजगढ़ की रहने वाली थी। वह भी किसी कॉलेज में थी, मस्त फिगर था उसका, उम्र 20 साल, मस्त दूध, गाण्ड बाहर निकली हुई, और उसका रंग सांवला था, वह मेरे दोस्त से मिलने रोजाना अपनी कार से आती और मस्त बीयर पीती, दोनों साथ-साथ घूमते ! मेरे दोस्त ने मुझे बताया कि वह बहुत हॉट है, वो हमेशा उसका लौंडा चूसने को बोलती थी। एक दिन मेरे दोस्त ने चूसने दिया तो वो ज्यादा ही उत्तेजक हो गयी और लंड पर काट दिया। वह रोजाना आती और उसके लंड को चूसती और उसको चुदाई के लिए बोलती, पर वह कभी तैयार नहीं होता। एक दिन वह सुबह ही आ गई, उसने दरवाजा खटखटाया मैंने ही दरवाजा खोला क्यूंकि मेरा दोस्त उस समय रूम पर नहीं था। मैंने उसको अंदर आने को बोला और दोस्त के रूम में बैठने को कहा। जब मेरा दोस्त बहुत देर तक नहीं आया तो वो मेरे कमरे में आई और मुझसे बोली- आपका क्या नाम है? मैंने उसे अपने बारे में सब बताया, फिर वह मेरे रूम में ही बैठ कर टी.वी. देखने लगी। जब बहुत देर तक मेरा दोस्त नहीं आया तो मुझसे बोली- आपको मेरे कारण परेशानी तो नहीं हो रही? मैंने बोला- कोई प्रॉब्लम नहीं है, आप आराम से बैठ कर वेट कर सकती हैं। फिर अचानक मेरे दोस्त का फोन आया कि वह कही व्यस्त है, उसको दो घण्टे लग जाएँगे। मैंने उसको बोला- अगर आपको लेटना है तो मैं दूसरे रूम में चला जाता हूँ। परन्तु वो बोली- मुझे आपसे कुछ बात करनी है। मैंने कहा- बोलो? तो वो कहने लगी- अगर मैं आपसे अपनी लाइफ का कोई राज शेयर करूँ तो आप किसी को बताएँगे तो नहीं? मैंने कहा- नहीं… वह बोली- मैं अपनी चुदाई करवाना चाहती हूँ परन्तु आपका दोस्त कभी मेरे साथ सेक्स नहीं करता, मैं उसको बहुत उत्तेजित भी करती हूँ, अपने सारे कपड़े उतार देती हूँ उसके सामने, दूध, चूत, गाण्ड के छेद, सब दिखा चुकी हूँ उसको, उसका लंड भी चूस लेती हूँ परन्तु वह कुछ नहीं करता। मैंने बोला- इसमें मैं क्या कर सकता हूँ, अगर वह तुम्हारे साथ कुछ नहीं करता? वो बोली- तुम मेरी मदद नहीं कर सकते क्या? मैंने कहा- मैं कैसे तुम्हारी मदद कर सकता हूँ? वो बोली- क्या तुम मेरी चुदाई नहीं कर सकते? मैं सकपका गया। वो बोली- देखो, मैं केवल एक बार बहुत मस्त तरीके से चुदना चाहती हूँ, उसके बाद मेरी पढ़ाई खत्म हो रही है तो मैं अपने घर वापस चली जाऊँगी। प्लीज तुम मेरी मदद करो न ! ऐसा कह कर उसने लोवर में से मेरा लौड़ा पकड़ लिया। मैंने उसको बोला- मैं सेक्स करुँगा, पर मैं जैसा कहूँगा, तुम्हें वैसा ही करना पड़ेगा। वह तैयार हो गई। फिर मैंने उसको लौड़ा चूसने को कहा तो मस्त चुसाई की उसने ! मैं तो पागल ही गया था। मैंने उसको सारे कपड़े निकालने को कहा, तुरंत उसने अपने सारे कपड़े निकाल दिए, उसके दूध और चूत कहर ढा रहे थे। मैंने भी सारे कपड़े निकाल दिए। मैंने उसको घोड़ी बनने को बोला। जैसे ही वह घोड़ी बनी, मैंने पीछे से उसकी चूत पर जीभ लगाई तो वह मचल गई, बोली- जानू, पहले किधर से लेने वाले हो? मैंने कहा- पहले गाण्ड लूँगा और फिर उंगली से तुम्हारी चूत को तृप्त कर दूंगा। करीब आधे घंटे की मस्त चुदाई के बाद हम दोनों ने खाना खाया और वह फिर हमेशा के लिए चली गई। मेल करें। [email protected]

Ananya Verma

अरे! मैं अनन्या वर्मा हूँ - लखनऊ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान की पढ़ाई करने वाली और पिछले 4 साल से हिंदी में ऐसी कहानियाँ लिख रही हूँ जो आपकी अंगुलियाँ स्क्रीन पर रोक दें। मैं इंसानी इच्छाओं, ख्वाहिशों और वो पलों को समझती हूँ जो आप छुपाना चाहते हैं लेकिन महसूस करना चाहते हैं। मेरी कहानियों में वही बात है जो दिल को छूती है और तन को सिहराती है। हज़ारों पाठकों ने मेरी कहानियाँ पढ़कर गर्म रातों का मज़ा लिया है। तो चलो, आज की रात मेरी कहानी से बनाते हैं!

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